{"_id":"7e51cb5f1e9cb1b23480da7f037a8861","slug":"now-medicines-are-cheaper","type":"story","status":"publish","title_hn":"ध्यान दें, दवाओं के रेट हो गए हैं कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ध्यान दें, दवाओं के रेट हो गए हैं कम
अमर उजाला,ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2013 11:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर तरफ महंगाई की मार है। इस बीच एक अच्छी खबर यह है कि दवाओं के रेट काफी नीचे आ गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से दवाओं की एमआरपी कंट्रोल करने के बाद ऐसा हुआ है।
इस साल नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल मेडिसिन (एनएलईएम) की कमेटी ने केंद्र सरकार से 348 दवाओं के रेट कम करने की सिफारिश की थी।
सरकार ने कमेटी की सिफारिश मानकर दवाओं के रेट कंट्रोल कर लिए थे। पहले सरकार के पास 74 दवाओं के रेट कंट्रोल में थे, जबकि बाकी दवाएं डी कंट्रोल में थीं। इस दवाओं की लिस्ट हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ पहुंच चुकी है।
केमिस्टों ने संशोधित रेट के मुताबिक दवाएं बेचने शुरू कर दी है। इनमें जीवन रक्षक, पेन किलर व अन्य महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इलाज तो काफी सस्ता है, लेकिन दवाओं के रेट इतने ज्यादा थे कि आधे लोग अपना सही तरीके से इलाज ही नहीं करवा पाते थे।
विज्ञापन
अभी तक कंपनियां मनमाने एमआरपी रेट के अनुसार, दवाएं बेचती थीं। दवाओं के रेट पर सरकार का कोई भी कंट्रोल नहीं था।
पिछले कई सालों से कई राज्यों की केमिस्ट एसोसिएशन व अन्य संगठन सरकार को दवाओं के रेट कंट्रोल करने के लिए लिखते रहे हैं।
लगातार दबाव पड़ने के बाद आखिरकार सरकार ने इस साल जून में सस्ती दवाओं के संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसके मुताबिक 348 दवाओं के रेट अब सरकार के कंट्रोल में आ चुके हैं।
हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ के केमिस्टों ने पुष्टि की है कि इनकी संशोधित लिस्ट बाजार में पहुंच चुकी है। अब मरीजों को संशोधित रेट के अनुसार ही दवाएं बेची जा रही हैं।
ये कहना है केमिस्ट एसोसिएशन का
यह बहुत अच्छा फैसला है। मरीजों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। सरकार चाहे तो कई और दवाओं के रेट कम हो सकते हैं। हमे इसमें कोई भी दिक्कत नहीं है। बस हमारा मार्जन कम नहीं होना चाहिए।
-खेम गुप्ता, प्रधान चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन
कोट
हमने कई बार सरकार को लिखकर दवाओं के एमआरपी रेट कम करने को कहा था। आखिरकार हमारी मांग स्वीकार की गई। दवाओं के रेट कम होने से आम आदमी को काफी फायदा पहुंच रहा है। यदि सरकार इसी तरह से कदम आगे बढ़ाए तो कई दवाओं के रेट और कम हो सकते हैं।
-बीबी सिंघल, पैट्रन, पंचकूला केमिस्ट एसोसिएशन
इन दवाओं के रेट हुए कम
नाम-----------------------------किस मर्ज की दवा----------------पुराने---------------नए रेट
रोकलान(इंजेक्शन)-------------- डिलीवरी के बाद------------------3400--------------2300
अगमेंटीन------------------------ एंटीबायटिक----------------------266---------------140
ओसीड 20------------------------एसिडिटी-------------------------90-----------------47
अल्पराक्स------------------------घबराहट---------------------------23-----------------15
थाईनोर्म--------------------------थायराइड--------------------------146----------------106
एचसीक्यूएस---------------------आर्थराइटिस-----------------------68-----------------39
लोसर 50--------------------------बीपी----------------------------98-----------------68
डिल्जेम----------------------------हार्ट-----------------------------64-----------------50
कारडोरेन एक्स--------------------हार्ट-----------------------------197-----------------122
जॉइलोरिक------------------------यूरिक एसिड--------------------37------------------22
(ये रेट लिस्ट रिटेलर के मुताबिक है। सभी रेट पत्तों के हिसाब से है।)
विज्ञापन
इस साल नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल मेडिसिन (एनएलईएम) की कमेटी ने केंद्र सरकार से 348 दवाओं के रेट कम करने की सिफारिश की थी।
सरकार ने कमेटी की सिफारिश मानकर दवाओं के रेट कंट्रोल कर लिए थे। पहले सरकार के पास 74 दवाओं के रेट कंट्रोल में थे, जबकि बाकी दवाएं डी कंट्रोल में थीं। इस दवाओं की लिस्ट हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
केमिस्टों ने संशोधित रेट के मुताबिक दवाएं बेचने शुरू कर दी है। इनमें जीवन रक्षक, पेन किलर व अन्य महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इलाज तो काफी सस्ता है, लेकिन दवाओं के रेट इतने ज्यादा थे कि आधे लोग अपना सही तरीके से इलाज ही नहीं करवा पाते थे।
विज्ञापन
अभी तक कंपनियां मनमाने एमआरपी रेट के अनुसार, दवाएं बेचती थीं। दवाओं के रेट पर सरकार का कोई भी कंट्रोल नहीं था।
पिछले कई सालों से कई राज्यों की केमिस्ट एसोसिएशन व अन्य संगठन सरकार को दवाओं के रेट कंट्रोल करने के लिए लिखते रहे हैं।
लगातार दबाव पड़ने के बाद आखिरकार सरकार ने इस साल जून में सस्ती दवाओं के संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसके मुताबिक 348 दवाओं के रेट अब सरकार के कंट्रोल में आ चुके हैं।
हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ के केमिस्टों ने पुष्टि की है कि इनकी संशोधित लिस्ट बाजार में पहुंच चुकी है। अब मरीजों को संशोधित रेट के अनुसार ही दवाएं बेची जा रही हैं।
ये कहना है केमिस्ट एसोसिएशन का
यह बहुत अच्छा फैसला है। मरीजों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। सरकार चाहे तो कई और दवाओं के रेट कम हो सकते हैं। हमे इसमें कोई भी दिक्कत नहीं है। बस हमारा मार्जन कम नहीं होना चाहिए।
-खेम गुप्ता, प्रधान चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन
कोट
हमने कई बार सरकार को लिखकर दवाओं के एमआरपी रेट कम करने को कहा था। आखिरकार हमारी मांग स्वीकार की गई। दवाओं के रेट कम होने से आम आदमी को काफी फायदा पहुंच रहा है। यदि सरकार इसी तरह से कदम आगे बढ़ाए तो कई दवाओं के रेट और कम हो सकते हैं।
-बीबी सिंघल, पैट्रन, पंचकूला केमिस्ट एसोसिएशन
इन दवाओं के रेट हुए कम
नाम-----------------------------किस मर्ज की दवा----------------पुराने---------------नए रेट
रोकलान(इंजेक्शन)-------------- डिलीवरी के बाद------------------3400--------------2300
अगमेंटीन------------------------ एंटीबायटिक----------------------266---------------140
ओसीड 20------------------------एसिडिटी-------------------------90-----------------47
अल्पराक्स------------------------घबराहट---------------------------23-----------------15
थाईनोर्म--------------------------थायराइड--------------------------146----------------106
एचसीक्यूएस---------------------आर्थराइटिस-----------------------68-----------------39
लोसर 50--------------------------बीपी----------------------------98-----------------68
डिल्जेम----------------------------हार्ट-----------------------------64-----------------50
कारडोरेन एक्स--------------------हार्ट-----------------------------197-----------------122
जॉइलोरिक------------------------यूरिक एसिड--------------------37------------------22
(ये रेट लिस्ट रिटेलर के मुताबिक है। सभी रेट पत्तों के हिसाब से है।)