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गुडन्यूज, ट्रेनों में मिलेगा महिलाओं के हाथों का पका खाना
दीपक शाही/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Jan 2016 06:47 PM IST
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अब रेल यात्री सफर के दौरान घर के बने खाने जैसा स्वाद ट्रेन में भी ले सकेंगे। सरसों का साग और मक्की दी रोटी, गुजरात का ढोकला या फिर बिहार का बाटी चोखा, सब मिलेगा। हर राज्य के परंपरागत लजीज पकवानों का स्वाद जल्द ही रेल यात्रियों को मिलेगा।
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रेलवे ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) इसके लिए देश के विभिन्न राज्यों की महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का सहारा लेगी।
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आईआरसीटीसी भोजन बनाने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ ई-कैटरिंग के लिए करार करने की तैयारी में जुटी है। सहायता समूह यात्री का पसंदीदा भोजन उसकी सीट पर डिलीवर करेंगे।
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नए वित्तीय वर्ष में यह योजना शुरू हो जाएगी। खास बात यह कि इन व्यंजनों को कोई मल्टी फूड चेन नहीं, बल्कि स्थानीय लोग ही यात्रियों के लिए तैयार करेंगे। पहले चरण में इस सुविधा का लाभ चंडीगढ़, अंबाला, दिल्ली, आगरा, मुंबई समेत 40 रेलवे स्टेशनों पर मिलेगा।
ऐसे होगा मनपसंद खाने का चयन
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम स्वयं सहायता समूह की ओर से बनाए गए खाने की सूची को समूह के नाम के साथ अपनी वेबसाइट पर डालेगा। यात्री स्वयं चयन कर सहायता समूहों से भोजन या अन्य खान-पान की सामग्री मंगवा सकते हैं। टिकट बुकिंग के दौरान यात्री अपने मनपसंद के खाने की बुकिं ग भी करवा सकते हैं। साथ ही ‘फूड ऑन ट्रैक’ के तहत ट्रेन में सफर के दौरान भी खाने का ऑर्डर किया जा सकता है। इसके लिए यात्री को दो घंटे पहले ऑर्डर देना होगा।
ऐसे होगा संस्थाओं का चयन
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम की ओर से महिला स्वयं सेवी संस्थाओं का चयन किया जाएगा। अगर कोई महिला स्वयं सेवी संस्था जो भोजन व अन्य खानपान की सामग्री बनाती है तो वह आईआरसीटीसी को उसके पते पर लिखित में आवेदन कर सकती है।
संदीप दत्ता, पीआरओ, आईआरसीटीसी ने बताया कि भोजन बनाने वाले महिला स्वयं सहायता संस्थाओं के साथ भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम ई-कैटरिंग का करार करने की तैयारी में है। इससे यात्रियों को आसानी से स्थानीय भोजन उपलब्ध हो जाएगा।