कश्मीर में फटे बादल, अमरनाथ यात्रा संकट में
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श्री अमरनाथ यात्रा में शिव भक्तों की संख्या प्रतिदिन घटने लगी है। श्रद्धालुओं की घटती संख्या को देख भंडारे वाले भी जल्द ही घर की वापसी कर सकते हैं। ये सब कुछ 16 जुलाई को सोनमार्ग के रास्ते में बादल फटने के कारण हुआ है।
बालटाल से टेलीफोन पर भंडारे वालों ने बताया कि बालटाल के रास्ते से शिव भक्तों की संख्या बहुत कम हो गई है। भंडारे वालों का कहना है कि इसी तरह श्रद्धालुओं की संख्या रही तो यात्रा 29 अगस्त तक बहुत मुश्किल से चलेगी। बालटाल में लगी दुकानों के मालिक भी श्रद्धालुओं का इंतजार कर रहे हैं।
बहुत से दुकानदार कर्जा लेकर माल खरीद कर लाए हैं, जिन्हें काफी नुकसान हो रहा है। बालटाल के रास्ते सौ से डेढ़ सौ श्रद्धालु पवित्र गुफा की ओर जा रहे हैं जबकि पहलगाम में भी जितनी श्रद्धालुओं की भीड़ होनी चाहिए उतनी नहीं है।
सोनमार्ग के रास्ते में बादल फटने के कारण घ्ाटी भीड़
भंडारे वालों का कहना है कि 5 जुलाई से 12 जुलाई तक शिव भक्तों की भीड़ बहुत अच्छी थी लेकिन उसके बाद ही संख्या कम होने लगी। बताया जा रहा है कि भंडारे वालों को जितने दिन लंगर लगाने की आज्ञा मिली है उतने दिन उन्हें रहना पड़ेगा, इसीलिए भंडारे वाले मजबूरी में वहां बैठे हैं। इस बार पहलगाम और बालटाल के रास्ते लगभग करीब 120 लंगर लगे हैं।
उधर, श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि पहलगाम के रास्ते से तीन से चार हजार तक शिव भक्त दर्शन को जा रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में गुप्ता ने कहा कि समय से पहले जो भंडारे वाला जाना चाहता है तो उसे श्राइन बोर्ड के सीईओ से आज्ञा लेनी होगी तभी वे जा सकता है वैसे नहीं। उन्होंने कहा कि यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के कई कारण हो सकते हैं।