{"_id":"635c3d45205a9252bc0f9ea0","slug":"now-corporation-will-send-notice-of-property-tax-only-to-institutions-chandigarh-news-pkl466665811","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: निगम अब सिर्फ संस्थानों को ही भेजेगा संपत्ति कर का नोटिस, कौन देगा... ये संस्थान तय करे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: निगम अब सिर्फ संस्थानों को ही भेजेगा संपत्ति कर का नोटिस, कौन देगा... ये संस्थान तय करे
Sat, 29 Oct 2022 02:06 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 02:06 AM IST
सार
आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक प्रबंधन का अपना फंड होता है जिससे वहां की व्यवस्थाओं को संचालित किया जाता है। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार हम संस्थान के अंदर कोई काम नहीं कर सकते हैं।
विज्ञापन
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ नगर निगम संस्थानों को ही संपत्ति कर का नोटिस भेजेगा। जमा प्रबंधन कराएगा या अन्य से वसूला जाएगा, इस पर संस्थान ही निर्णय लेगा। शुक्रवार को हुई निगम सदन की बैठक में यह निर्णय लिया गया। हुआ यूं कि निगम ने पंजाब यूनिवर्सिटी में दुकानदारों को संपत्ति कर का 18 साल का एरियर लगाकर नोटिस भेजा है। क्षेत्रीय पार्षद सचिन गालव इस पर टेबल एजेंडा लेकर आए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है वह किराएदार हैं। नोटिस दुकान के मालिकों को भेजा जाए।
विज्ञापन
इस पर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि पीयू, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) और पीजीआई प्रबंधन को नोटिस जारी कर दिए जाएं। जुर्माना प्रबंधन दे या दुकानदारों से वसूलें, यह संस्थान खुद तय करे।
विज्ञापन
इस पर सचिन गालव ने कहा कि हम तीनों संस्थानों को कोई सुविधा नहीं देते। अपने वार्ड फंड का एक रुपया भी वहां नहीं लगा सकते हैं, ऊपर से नोटिस भेजते हैं तो लोग पूछते हैं कि हमसे वोट क्यों लेते हैं। जिन दुकानदारों को नोटिस भेजे गए हैं वह कोरोना में काफी प्रभावित हुए हैं।
विज्ञापन
आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक प्रबंधन का अपना फंड होता है जिससे वहां की व्यवस्थाओं को संचालित किया जाता है। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार हम संस्थान के अंदर कोई काम नहीं कर सकते हैं। संयुक्त आयुक्त ईशा कंबोज ने कहा कि पीयू से इस संबंध में कहा है कि उनकी दुकानों का 22 करोड़ रुपये बकाया है। प्रबंधन ने कहा कि दुकानें किराए पर दी गई हैं। इससे संबंधित कोई भी जुर्माना दुकानदार ही भरेगा। अंत में तय हुआ है कि संस्थान को नोटिस जारी किया जाए।
आयुक्त बोलीं- प्रतिदिन का लगाएं 10 हजार रुपये जुर्माना
कचरा निस्तारण पर सचिन गालव ने कहा कि दुकानदार कैसे अपने कचरे का निस्तारण करेंगे। भाजपा पार्षद राजेंद्र शर्मा ने कहा कि उनकी सोसायटी निगम को पूरे शहर की तरह टैक्स देती है फिर भी उसके उपकरण वह उपयोग नहीं कर सकती, यह गलत है। इस पर आयुक्त ने कहा कि सूखा कचरा हम संस्थानों के दरवाजे से ले सकते हैं, बल्क वेस्ट जनरेट करने के कारण दुकानदारों को अपना गीला कचरा खुद ही निस्तारित करना होगा।
आनिंदिता मित्रा ने संयुक्त आयुक्त से कहा कि दुकानदारों पर प्रतिदिन का 10 हजार रुपये जुर्माना लगाना शुरू करें, अपने आप कचरा निस्तारित होना शुरू हो जाएगा। मशीनों के उपयोग पर आयुक्त ने कहा कि हम किराए पर मशीनें नहीं दे सकते हैं। इससे हमारा काम प्रभावित होगा।
छोटी गलियों में मशीन से साफ होगा सीवर, कर्मचारी को नहीं उतारा जाएगा अंदर
सदन में एजेंडा लाया गया कि सफाई मित्र अभियान के अंतर्गत छह करोड़ रुपये से कुछ मशीनें ली जाएंगी। इसमें छोटी गलियों में सीवर साफ करने, कैमरे से अंदर सीवर की रुकावट की स्थिति जानने और मशीन के माध्यम से ही उसे खोलने, तेज पानी की धार से सीवर खोलने और सीवर में स्मोक एक्सॉस्टर से सफाई की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य है कि कोई भी सफाईकर्मी सीवर साफ करने अंदर न जाए। कांग्रेस पार्षद गुरुबक्श रावत, अकाली पार्षद हरदीप सिंह और भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने कहा कि इससे स्टोर्म वाटर लाइन को साफ करने की व्यवस्था की जाए। साथ ही सुनिश्चित हो कि किसी भी हाल में कर्मचारी अंदर न जाए, इसके लिए कुछ मशीनें बढ़ानी हो बढ़ा दी जाएं।
अब हेल्थ सुपरवाइजर होंगे अफसर
सदन में हेल्थ सुपरवाइजरों को अधिकारी बनाने का भी एजेंडा लाया गया। सदन ने तय किया कि अब इन्हें सेनिटेशन और हेल्थ अफसर कहकर संबोधित किया जाएगा। सदन ने पार्षद सौरभ जोशी के पटेल मार्केट की बैक साइट को अपग्रेड करने और आप पार्षद जसबीर सिंह के फैदा गांव में एन चो के ऊपर बने पुल के निर्माण के एजेंडे को भी मंजूरी दे दी।
विज्ञापन पर फिर हुआ बवाल
कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह ने मुद्दा उठाया कि एक ओर वाल्मीकि समाज को बैनर लगाने पर लाखों रुपये का जुर्माना गया गया है, वहीं दूसरी ओर कुछ दिन पहले मौलीजागरां में गृहमंत्री अमित शाह के आगमन पर लगाए गए होर्डिंग की अनुमति किसने ली थी। उसके लिए निगम ने नोटिस जारी क्यों नहीं किया। आयुक्त ने कहा कि विज्ञापन माफ करने को लेकर अपील वित्त सचिव के पास ही की जा सकती है। हम किसी का जुर्माना माफ नहीं कर सकते हैं।