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Chandigarh News: अब केंद्र सुलझाएगा आईएएस की वरिष्ठता सूची का विवाद

Wed, 14 Aug 2024 03:07 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2024 03:07 AM IST
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Now Center will resolve the dispute regarding seniority list of IAS
विवाद की वजह से सरकार ने एफसीआर के पद पर किसी को तैनात नहीं किया
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में 1990 बैच के सीनियर आईएएस अफसर के बीच चल रहे वरिष्ठता के विवाद से फिलहाल राज्य सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। इस विवाद को सुलझाने के लिए इस पूरे मामले को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को भेजा है। अब केंद्र ही आईएएस अफसरों की वरिष्ठता तय करेगा। राज्य के वरिष्ठ आईएएस अफसरों के बीच वरिष्ठता तय नहीं होने पर राज्य सरकार ने वित्तायुक्त के पद पर किसी अफसर को तैनात नहीं किया है।
बीती 31 जुलाई को मुख्य सचिव के पद से संजीव कौशल के सेवानिवृत होने के बाद हरियाणा सरकार ने राज्य के दूसरे सबसे सीनियर अफसर टीवीएसएन प्रसाद को मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया था। पूर्णकालिक मुख्य सचिव नियुक्त होने से पहले प्रसाद कार्यवाहक मुख्य सचिव का कामकाज देखने के साथ वित्तायुक्त का भी कार्य देख रहे थे। उनकी नियुक्ति के बाद वित्तायुक्त का पद खाली हो गया। उसके बाद माना जा रहा था कि हरियाणा सरकार 1990 बैच के सीनियर अफसर सुधीर राजपाल को वित्तायुक्त के पद पर तैनात करेंगे, मगर सरकार ने उनकी वरिष्ठता को दरकिनार कर उनकी नियुक्ति नहीं की। आईएएस की वरिष्ठता सूची में राजपाल फिलहाल तीसरे नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर विवेक जोशी हैं, जो फिलहाल केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं।
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वरिष्ठता सूची पर है यह विवाद
दरअसल 1990 बैच के आईएएस अंकुर गुप्ता, अनुराग रस्तोगी और डा. राजा शेखर वुंडरू ने वरिष्ठता सूची में तीसरे नंबर सुधीर राजपाल और चौथे नंबर डा. सुमिता मिश्रा की वरिष्ठता को चुनौती दी। उन्होंने राज्य सरकार को आपत्ति जताते हुए कहा है कि सुधीर राजपाल और डा. सुनीता मिश्रा क्रमश: हिमाचल व जम्मू कश्मीर कैडर से हरियाणा में स्थानांतरित हुए हैं। इसलिए उन्हें नीचे रखा वरिष्ठता सूची में नीचे रखा जाए। पांचों आईएएस अपना-अपना पक्ष राज्य सरकार के सामने रख चुके हैं। राजपाल और मिश्रा ने भी अपनी वरिष्ठता पर मजबूत दावा पेश किया है। मगर राज्य सरकार इस पर फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं ले पाई है।
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लिंक अफसर देखेंगे कामकाज
वित्तायुक्त के पद पर सीनियर अफसर की तैनाती नहीं होने पर अब लिंक आफिसर कामकाज देखेंगे। वित्तायुक्त के लिंक अफसर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव होते हैं। इस हिसाब से जब तक वित्तायुक्त की नियुक्ति नहीं होती, तब तक कामकाज गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी देखेंगे। उनके पास गृह विभाग के अलावा वित्त विभाग भी है।
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