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Chandigarh News: हरियाणा मंत्रिमंडल के विस्तार व सैनी को सीएम बनाने पर प्रतिवादी पक्ष को जारी नहीं हो सका नोटिस

Sun, 12 May 2024 04:10 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 12 May 2024 04:10 AM IST
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Notice could not be issued to the defendants on the expansion of Haryana Cabinet and making Saini the CM
-हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रोसेस फीस जमा करवाने का दिया आदेश
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-मंत्रिमंडल विस्तार को नियमों के विपरीत बताकर याचिका में दी गई दलीलें

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा मंत्रिमंडल के विस्तार को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर केंद्र, राज्य सरकार, विधानसभा सचिव व सभी शपथ लेने वाले मंत्रियों को नोटिस जारी किया था। लेकिन हाईकोर्ट का नोटिस प्रतिवादी पक्ष को जारी नहीं हो सका। कोर्ट में ऑफिस रिकाॅर्ड का हवाला देकर बताया गया कि याची पक्ष ने प्रोसेस फीस का भुगतान नहीं किया, जिस कारण नोटिस जारी नहीं हो सके। हाईकोर्ट ने याची पक्ष को फीस जमा करवाने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।

दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की नियुक्ति खुद ही कानून के खिलाफ है और हाईकोर्ट इस मामले में नोटिस जारी कर चुका है। इस बीच सैनी ने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया, जिसमें नियमों को तोड़ा गया। नियमों के अनुसार हरियाणा में विधानसभा सदस्यों की तय संख्या के आधार पर मुख्यमंत्री समेत केवल 13 मंत्री बन सकते हैं, लेकिन हरियाणा में यह संख्या अब 14 है। याचिका में सभी मंत्रियों के पदभार संभालने पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में यह भी आरोप है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार करना उचित नहीं है। याचिका के अनुसार संविधान के 91वें संशोधन का उल्लंघन कर मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। इस संशोधन के तहत विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या में से सिर्फ 15 प्रतिशत को ही मंत्री बनाया जा सकता है। 90 सदस्यीय विधानसभा में हरियाणा में यह संख्या 13 होनी चाहिए, लेकिन सीएम नायब सिंह सैनी के साथ पांच अन्य मंत्रियों ने पद की शपथ ली थी और बाद में आठ और विधायकों को मंत्री बना दिया गया। इसके अलावा एडवोकेट जनरल के पास भी कैबिनेट रैंक होता है। इस लिहाज से हरियाणा में यह संख्या 15 हो गई है, जो कि संविधान के 91वें संशोधन का उल्लंघन है।
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