हरियाणा सरकार की उम्मीदों को झटका: कोरोना वैक्सीन के लिए जारी वैश्विक निविदा में एक भी कंपनी ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
हरियाणा सरकार ने वैक्सीन की आपूर्ति के लिए 27 मई से इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। शुक्रवार को एक करोड़ कोरोनोरोधी वैक्सीन के लिए टेक्निकल बिड खोली जानी थी। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में एक भी कंपनी ने हिस्सा नहीं लिया। इस बारे में निगम के टेंडरिंग के डीजीएम डॉ. नवजोत सिंह ने बताया कि दोबारा से निविदा जारी करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी दोबारा से निविदा जारी करने के संकेत दिए हैं।
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हरियाणा सरकार ने 27 मई को कोरोना रोधी टीके की आपूर्ति के लिए वैश्विक निविदा जारी की थी। लेकिन अब हरियाणा सरकार की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, एक करोड़ कोरोना रोधी टीका उपलब्ध कराने के लिए जारी वैश्विक निविदा में किसी देसी और विदेशी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है।
हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम ने दोबारा से निविदा जारी करने का प्रस्ताव बनाकर सरकार के पास भेज दिया है। अब सरकार दोबारा से वैश्विक निविदा जारी करेगी और शर्तों में कुछ ढील देने की संभावना है। उधर, निविदा असफल होने के बाद से हरियाणा के टीकाकरण अभियान को भी झटका लगा है।
केंद्र द्वारा 18 से 44 आयु वर्ग के टीका प्रबंध की जिम्मेदारी राज्यों को देने के बाद अन्य राज्यों की तरह हरियाणा सरकार ने भी 1 करोड़ वैक्सीन डोज के लिए वैश्विक निविदा जारी की थी ।
एक भी राज्य की वैश्विक निविदा नहीं हुई सफल
कोरोना वैक्सीन को अधिग्रहित करने के लिए कई राज्यों ने वैश्विक निविदा जारी की थी। खास बात यह है कि इनमें से किसी भी राज्य की निविदा सफल नहीं हुई है। पंजाब को तो कंपनियों ने सीधे तौर पर सप्लाई देने से ही इनकार कर दिया था। राजस्थान में वैश्विक निविदा में कंपनियों ने अधिक रेट मांगे थे। उत्तर प्रदेश चार करोड़ डोज के लिए लगातार टेंडर की तिथि बढ़ा रहा है। महाराष्ट्र, उड़ीसा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश ने वैश्विक निविदा जारी की थी लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली।
टीकाकरण के लिए युवाओं का बढ़ता इंतजार
वैश्विक निविदा फेल होने के बाद अब प्रदेश के 18 से 44 साल के युवाओं को टीकाकरण के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। इस समय प्रदेश के हालात ये हैं कि युवाओं का पंजीकरण तो हो रहा है लेकिन टीकाकरण के लिए स्लॉट नहीं मिल रहा है। सरकार की तरफ से एक माह से अधिक हो गया केंद्र को 250 करोड़ रुपये की 50 लाख डोज के लिए आर्डर दिया था लेकिन इसके मुकाबले कम डोज मिल रही हैं।