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Chandigarh News: अब खाद्य लाइसेंस के वार्षिक नवीकरण की आवश्यकता नहीं
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चंडीगढ़। अब खाद्य लाइसेंस के वार्षिक नवीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। केंद्र के इस फैसले का चंडीगढ़ व्यापार मंडल (सीबीएम) ने स्वागत किया है। इससे देशभर के व्यापारियों को लाभ होने की उम्मीद है।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के प्रेसीडेंट संजीव चड्ढा ने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के पास भेजने के लिए प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सीबीएम द्वारा इस मांग को विभिन्न मंचों पर समय-समय पर उठाया गया था और इस नवीनतम सरकारी अधिसूचना के साथ न केवल यह पूरा हुआ है।
नेशनल ट्रेडर वेलफेयर बोर्ड के सदस्य और सीबीएम के चेयरमैन चरंजीव सिंह ने कहा कि बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि नए नियमों से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल हो गई है और छोटे खाद्य व्यवसायों के लिए अनुपालन लागत भी कम हुई है।
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सीबीएम के वाइस चेयरमैन और आधिकारिक प्रवक्ता दिवाकर संहूजा ने कहा कि नए नियमों में एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की स्थायी वैधता का प्रावधान किया गया है। इससे वार्षिक नवीकरण की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और व्यापारियों तथा खाद्य व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ काफी कम होगा।
अब यह हैं नियम
- रजिस्ट्रेशन: टर्नओवर तक 1.5 करोड़ रुपये
- स्टेट लाइसेंस: टर्नओवर रु. 1.5 करोड़ से ऊपर और रु. 50 करोड़ तक
- सेंट्रल लाइसेंस : टर्नओवर रु. 50 करोड़ से ऊपर
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चंडीगढ़ व्यापार मंडल के प्रेसीडेंट संजीव चड्ढा ने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के पास भेजने के लिए प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सीबीएम द्वारा इस मांग को विभिन्न मंचों पर समय-समय पर उठाया गया था और इस नवीनतम सरकारी अधिसूचना के साथ न केवल यह पूरा हुआ है।
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नेशनल ट्रेडर वेलफेयर बोर्ड के सदस्य और सीबीएम के चेयरमैन चरंजीव सिंह ने कहा कि बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि नए नियमों से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल हो गई है और छोटे खाद्य व्यवसायों के लिए अनुपालन लागत भी कम हुई है।
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सीबीएम के वाइस चेयरमैन और आधिकारिक प्रवक्ता दिवाकर संहूजा ने कहा कि नए नियमों में एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की स्थायी वैधता का प्रावधान किया गया है। इससे वार्षिक नवीकरण की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और व्यापारियों तथा खाद्य व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ काफी कम होगा।
अब यह हैं नियम
- रजिस्ट्रेशन: टर्नओवर तक 1.5 करोड़ रुपये
- स्टेट लाइसेंस: टर्नओवर रु. 1.5 करोड़ से ऊपर और रु. 50 करोड़ तक
- सेंट्रल लाइसेंस : टर्नओवर रु. 50 करोड़ से ऊपर