'न मोदी चलेंगे, न हुड्डा, सीएम बनेंगे चौटाला'
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इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला का दावा है कि इस बार सत्ता इनेलो को मिलेगी और राज्य की बागडोर ओम प्रकाश चौटाला ही संभालेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एंटी इंकंबेसी से जूझ रही है, जबकि बीजेपी के पास बतौर मुख्यमंत्री पद के लिए न ही चेहरा है और न उम्मीदवार। दावे के आधार और चुनाव रणनीति पर अभय चौटाला ने विजय गुप्ता से विस्तृत बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश।
इस बार उम्मीद है कि सरकार आपकी बनेगी, जबकि बीजेपी प्रदेश में बड़ी ताकत बन चुकी है?
- इनेलो ने बीते दस सालों में सड़क से लेकर विधानसभा तक किसानों, गरीबों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं की लड़ाई लड़ी है। इसी संघर्ष और जनाधार के बलबूते पार्टी प्रदेश में अपने दम पर सरकार बनाएगी। जहां तक बीजेपी की बात है तो उसके पास मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा नहीं है और न ही चुनाव में खड़े करने केलिए प्रत्याशी। फिर बड़ी ताकत कहां से बन गई।
ओम प्रकाश चौटाला ही सीएम बनेंगे
पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा। अब तक स्पष्ट नहीं है कि वे चुनाव लड़ेंगे या नहीं?
- इनेलो ने पहले दिन से ही कहती आ रही है कि पार्टी के मुखिया चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ही राज्य की बागडोर संभालेंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। चुनाव से पहले हमें और पार्टी को न्यायालय से इंसाफ मिल जाएगा।
शेष बची 17 सीटों के उम्मीदवारों के नामों के ऐलान में देरी क्यों?
- अब तक इनेलो ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसने दो चरणों में 73 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। शेष उम्मीदवारों के नाम का ऐलान भी जल्द कर दिया जाएगा।
आपकी पार्टी किन मुद्दों पर चुनाव लड़ने जा रही है?
- महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, जमीनों के घोटाले और कर्ज में डूबे किसान आदि प्रमुख मुद्दे हैं। पार्टी ने बीते दस सालों में राज्य की उपजाऊ जमीन को कौड़ियों के दाम पर पूंजीपतियों के हाथों बेचने का मामला राज्यपाल के समक्ष उठाया था। एक मामले पर बुधवार को उच्च न्यायालय के फैसले ने अपनी मुहर भी लगा दी ह्रै।
हुड्डा सरकार की नीतियां किसान विरोधी
आप कह रहे हैं कि यहां जमीन का सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। सरकार की नीतियां कृषि विरोधी हैं। लेकिन सूखा राहत के लिए भी हुड्डा सरकार ने सबसे पहले पहल की है। ऐसे में यह बात आप कैसे कह रहे हैं?
- हुड्डा सरकार ने विज्ञापन के जरिये दावा किया कि राज्यों में किसानों की फसल बर्बाद होने पर दस हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाता है, जबकि मंगलवार को सरकार ने सिर्फ 3500 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजे का ऐलान किया है। इनेलो की सरकार आने पर विशेष गिरदावरी कराकर 25000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने हरियाणा की दस में सात सीटें जीती थी। इस आधार पर उसकी 53 विधानसभा सीटों पर पकड़ पहले से ही है। आपका क्या कहना है?
- मोदी की लहर सिर्फ लोकसभा चुनाव में थी। राज्यों की राजनीति केंद्र की राजनीति से बिलकुल अलग है। इस चुनाव में मोदी का कोई लहर नहीं चलेगा।