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विधानसभा चुनाव में सट्टा बाजार की सिट्टी पिट्टी हुई गुम, यूं लगी लगाम
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 01 Feb 2017 06:34 PM IST
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सट्टा बाजार
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आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बार विधानसभा चुनाव में सट्टा बाजार की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई है और इस पर कुछ यूं लगाम लगी। इस बार के चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और आप तीनों राजनीतिक दल बहुमत से सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सट्टा बाजार पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं दे रहा है। इस बार सट्टा बाजार की सिट्टीपिट्टी गुम है।
इसका कारण यह है कि उसके पिछले अनुमान गलत साबित हुए थे। हाल ही में हुए चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में सट्टा बाजार ने भाजपा को 14 से 15 सीट दी थी लेकिन भाजपा की 20 सीट आई है। इसी तरह से पिछले पंजाब विधानसभा चुनाव सट्टा बाजार कांग्रेस की सरकार बहुमत से बना रहा था लेकिन शिअद- भाजपा की सरकार बनी।
इसी तरह से दिल्ली विधानसभा चुनाव में सट्टा बाजार भाजपा को आप से ज्यादा सीटे दे रहा था जबकि भाजपा की मात्र तीन सीट ही आई थी। साल 2014 लोकसभा चुनाव में सट्टा बाजार ने भाजपा को 200 सीट दी थी लेकिन भाजपा को 282 सीटे आई थी। हालांकि ढाई साल पहले हरियाणा विधानसभा के समय सट्टा बाजार का अनुमान काफी करीब रहा। उस समय सट्टा बाजार ने हरियाणा चुनाव में भाजपा को 45 सीट दी थी और भाजपा को 47 सीट आई थी।
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इसका कारण यह है कि उसके पिछले अनुमान गलत साबित हुए थे। हाल ही में हुए चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में सट्टा बाजार ने भाजपा को 14 से 15 सीट दी थी लेकिन भाजपा की 20 सीट आई है। इसी तरह से पिछले पंजाब विधानसभा चुनाव सट्टा बाजार कांग्रेस की सरकार बहुमत से बना रहा था लेकिन शिअद- भाजपा की सरकार बनी।
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इसी तरह से दिल्ली विधानसभा चुनाव में सट्टा बाजार भाजपा को आप से ज्यादा सीटे दे रहा था जबकि भाजपा की मात्र तीन सीट ही आई थी। साल 2014 लोकसभा चुनाव में सट्टा बाजार ने भाजपा को 200 सीट दी थी लेकिन भाजपा को 282 सीटे आई थी। हालांकि ढाई साल पहले हरियाणा विधानसभा के समय सट्टा बाजार का अनुमान काफी करीब रहा। उस समय सट्टा बाजार ने हरियाणा चुनाव में भाजपा को 45 सीट दी थी और भाजपा को 47 सीट आई थी।
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मतदान के बाद भी बुकिंग
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हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली में भी इस चुनाव के लिए सट्टे की बुकिंग हो रही है। बाजार की माने तो अभी तक 600 करोड़ रुपये से ज्यादा का सट्टा लग चुका है। 4 फरवरी को मतदान के बाद भी सट्टे की बुकिंग जारी रहेगी। राजनीतिक दलों की सीटों की गिनती के अलावा कई हॉट सीटों पर भी सट्टा लगा है। वहीं सीएम पद के लिए किसी भी नेता विशेष पर सट्टा नहीं लग रहा है।
इस तरह लग रहा है सट्टा
अगर कोई किसी पार्टी पर सट्टा लगाता है कि उसकी 50 तक सीटें आएंगी। अगर 50 या 50 से कम सीटें आईं तो वह जीत जाएगा और उसे दोगुने पैसे मिलेंगे। अगर 50 से एक भी सीट ऊपर हुई तो वह हार जाएगा।
सबसे ज्यादा बुकिंग इन समीकरण पर
आम आदमी पार्टी पर 52 से 54 सीट के समीकरण पर ज्यादा सट्टा लगा रहा है। वहीं कांग्रेस की 45 से 47 सीट पर बुकिंग हो रही है। शिअद-अकाली की 13 से 15 सीटों के समीकरण पर ज्यादा दाव खेला जा रहा है। 117 सीटों में से सरकार बनाने के लिए 59 सीट की जरूरत है। सबसे ज्यादा सट्टा लंबी और जलालाबाद सीट पर लगा है।
इस तरह लग रहा है सट्टा
अगर कोई किसी पार्टी पर सट्टा लगाता है कि उसकी 50 तक सीटें आएंगी। अगर 50 या 50 से कम सीटें आईं तो वह जीत जाएगा और उसे दोगुने पैसे मिलेंगे। अगर 50 से एक भी सीट ऊपर हुई तो वह हार जाएगा।
सबसे ज्यादा बुकिंग इन समीकरण पर
आम आदमी पार्टी पर 52 से 54 सीट के समीकरण पर ज्यादा सट्टा लगा रहा है। वहीं कांग्रेस की 45 से 47 सीट पर बुकिंग हो रही है। शिअद-अकाली की 13 से 15 सीटों के समीकरण पर ज्यादा दाव खेला जा रहा है। 117 सीटों में से सरकार बनाने के लिए 59 सीट की जरूरत है। सबसे ज्यादा सट्टा लंबी और जलालाबाद सीट पर लगा है।