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विकासनगर में 19 मई के बाद कोई कोरोना संक्रमित नहीं

Mon, 28 Jun 2021 02:12 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 28 Jun 2021 02:12 AM IST
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No corona infected after May 19 in Vikasnagar
चंडीगढ़। विकास नगर (मौलीजागरां) निवासी कोरोना संक्रमित मरीज में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस इलाके में 19 मई के बाद से एक भी कोरोना संक्रमित की पुष्टि नहीं हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, विकास नगर में फिलहाल संक्रमण दर शून्य है। ऐसे में अन्य मरीजों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के संक्रमण का खतरा न के बराबर रह गया है। हालांकि बचाव और एहतियात से जुड़े सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, संक्रमित मरीज के परिवार के अन्य चार सदस्यों के कोरोना जांच के नमूने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) दिल्ली भेजे जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 से 20 दिनों के अंदर उनकी रिपोर्ट भी आ जाएगी।
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इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग डेल्टा, अल्फा व डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचाव की तैयारियों में जुटा हुआ है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही एकमात्र उपाय है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग सभी जरूरी प्रयास कर रहा ताकि जल्द से जल्द चिह्नित आबादी का शत-प्रतिशत टीकाकरण कर लिया जाए।
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डेल्टा पल्स है बेहद खतरनाक
डेल्टा प्लस कोरोना का सबसे खतरनाक वैरिएंट है, इसे डेल्टा-2 के नाम से जाना जाता है। अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा ये चार वैरिएंट हैं, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से बताए गए हैं। इनमें सबसे खतरनाक डेल्टा वैरिएंट है। यह भारत में ही म्यूटेंट हुआ है। इसे बी 1.617 के नाम से भी जाना जाता है। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में जो वैरिएंट पाया गया, उसका नाम (बी.1.617.2) है। जांच के बाद इसे डेल्टा प्लस का नाम दिया गया है।
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डेल्टा प्लस से ऐसे करें बचाव
मास्क पहनें और सामाजिक दूरी बनाए रखें, क्योंकि कोविड ट्रांसफार्म बीमारी है। यह इम्यूनिटी पर भी निर्भर है। जिसकी प्रतिरोधक क्षमता कम है उनके लिए घातक साबित हो सकता है।

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डेल्टा प्लस वैरिएंट श्वसन तंत्र (रेस्पिरेटरी ट्रैक) और पेट में इंफेक्शन (जीआई ट्रैक) को ज्यादा प्रभावित करते हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट का म्यूटेशन है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान वायरस की चपेट में आए ज्यादातर लोग डेल्टा वैरिएंट के शिकार हुए थे। वैज्ञानिकों के मुताबिक डेल्टा वैरिएंट ही म्यूटेट होकर डेल्टा प्लस बन गया है।
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