{"_id":"7050520f3188c010b407c68a01da702e","slug":"no-computer-record-of-11-thousand-voters","type":"story","status":"publish","title_hn":"गजब, कंप्यूटर में रिकार्ड नहीं हुए 11 हजार वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गजब, कंप्यूटर में रिकार्ड नहीं हुए 11 हजार वोट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 18 Apr 2014 10:03 AM IST
विज्ञापन
शहर में 10 अप्रैल को हुए लोकसभा चुनाव में लगभग 11 हजार मतदाताओं के वोट कंप्यूटर के रिकार्ड में दर्ज नहीं हुए हैं। अब चुनाव विभाग 2.59 प्रतिशत मतदाताओं के वोट कंप्यूटर में दर्ज करने के प्रयास में जुटा है।
शहर के कई मतदान केंद्रों में वोट डालने वाले लोगों की एंट्री कंप्यूटर पर नहीं हो सकी जिससे गलत डाटा वेबसाइट पर आता रहा। शहर के हर मतदान केंद्र में लगे कंप्यूटर से डाटा पेन ड्राइव में जब डाला गया तो यह स्पष्ट हुआ कि 11 हजार से ज्यादा मतदाताओं की एंट्री कंप्यूटर पर नहीं थी जबकि उन्होंने वोट डाले थे।
शहर के 519 मतदान केंद्रों में 4,53,315 मतदाताओं ने वोट डाले। लेकिन, इनमें से 4,41,564 मतदाताओं के ही वोट कंप्यूटर में दर्ज हुए। ऐसे में 11, 751 (2.59 प्रतिशत) लोगों के वोट कंप्यूटर के रिकार्ड में नहीं आए।
विज्ञापन
चंडीगढ़ के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर और गृह सचिव अनिल कुमार ने कहा कि कई मतदान केंद्रों में मतदान करने वाली सभी मतदाताओं के वोट कंप्यूटर पर एंटर नहीं हो सके। अब हमने सभी मतदान केंद्रों का डाटा लिया है और जिन मतदाताओं की कंप्यूटर में एंट्री नहीं हो पाई है, उसे ठीक किया जा रहा है।
ध्यान रहे कि पहली बार चुनाव विभाग ने ई पॉल मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया था। इस सिस्टम के तहत जैसे ही किसी ने मतदान किया था उसका वोट कंप्यूटर पर एंटर हो जाता और सिस्टम में डाटा अपडेट हो जाता।
लेकिन, सर्वर की बैंडबिथ कम होने के कारण सारा डाटा सर्वर पर अपडेट नहीं हो सका था। कंप्यूटर पर जिनकी एंट्री हुई थी उनका डाटा अपडेट होने में एक सप्ताह लग गया।
एक वोट का अंतर
चंडीगढ़ के चुनाव विभाग ने 10 अप्रैल को चुनाव के बाद जो आंकड़े जारी किए थे उसके तहत 4,53,314 लोगों ने मतदान किया था। लेकिन, वीरवार को चुनाव विभाग की वेबसाइट पर जो आंकड़े जारी हुए उसके तहत 4,53,315 लोगों ने मतदान किया है। ऐसे में एक वोट का अंतर आ रहा है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि एक वोट के अंतर से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
बीएलओ घर जाकर देंगे सर्टिफिकेट
लोकसभा चुनाव में 10 अप्रैल को मतदान करने वाले 18 से 19 साल के लगभग 16 हजार युवाओं को घर घर जाकर ब्लॉक लैवल ऑफिसर (बीएलओ) सर्टिफिकेट देंगे। चुनाव विभाग ने सर्टिफिकेट तैयार कर लिए हैं।
21 से 40 साल के वोटरों ने डाले सबसे ज्यादा वोट
चुनाव विभाग की ओर से कंप्यूटर पर रिकार्ड किए गए वोटों के अनुसार 21 से 40 साल के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। मतदान करने वालों में 21 से 30 और 31 से 40 वर्ष के कुल 46 फीसदी मतदाता हैं। जबकि 18 से 21 साल के 9 प्रतिशत मतदाता हैं। ऐसे में शहर से जो भी चुनाव जीतेगा उसका भविष्य तय करने वालों में 18 से 40 साल के लोगों की सबसे ज्यादा भूमिका होगी।
चुनाव आचार संहिता पर स्पष्टीकरण
भारत निर्वाचन आयोग ने चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर को पत्र भेजकर चुनाव आचार संहिता पर अपनी स्पष्टीकरण दिया है। आयोग के प्रधान सचिव शंगारा राम की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि चंडीगढ़ में 10 अप्रैल को चुनाव हो चुके हैं।
ऐसे में प्रशासन पहले से चल रहे प्रोग्रामों की समीक्षा कर उसे लागू कर सकता है। फील्ड ऑफिसरों के साथ प्रोजेक्टों की समीक्षा कर सकते हैं और मुख्यालय में समीक्षा बैठक बुला सकते हैं। इस पत्र के आने के बाद प्रशासन ने अपने पहले से चल रहे कामों में तेजी लाने की तैयारी कर ली है।
विज्ञापन
शहर के कई मतदान केंद्रों में वोट डालने वाले लोगों की एंट्री कंप्यूटर पर नहीं हो सकी जिससे गलत डाटा वेबसाइट पर आता रहा। शहर के हर मतदान केंद्र में लगे कंप्यूटर से डाटा पेन ड्राइव में जब डाला गया तो यह स्पष्ट हुआ कि 11 हजार से ज्यादा मतदाताओं की एंट्री कंप्यूटर पर नहीं थी जबकि उन्होंने वोट डाले थे।
विज्ञापन
शहर के 519 मतदान केंद्रों में 4,53,315 मतदाताओं ने वोट डाले। लेकिन, इनमें से 4,41,564 मतदाताओं के ही वोट कंप्यूटर में दर्ज हुए। ऐसे में 11, 751 (2.59 प्रतिशत) लोगों के वोट कंप्यूटर के रिकार्ड में नहीं आए।
विज्ञापन
चंडीगढ़ के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर और गृह सचिव अनिल कुमार ने कहा कि कई मतदान केंद्रों में मतदान करने वाली सभी मतदाताओं के वोट कंप्यूटर पर एंटर नहीं हो सके। अब हमने सभी मतदान केंद्रों का डाटा लिया है और जिन मतदाताओं की कंप्यूटर में एंट्री नहीं हो पाई है, उसे ठीक किया जा रहा है।
ध्यान रहे कि पहली बार चुनाव विभाग ने ई पॉल मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया था। इस सिस्टम के तहत जैसे ही किसी ने मतदान किया था उसका वोट कंप्यूटर पर एंटर हो जाता और सिस्टम में डाटा अपडेट हो जाता।
लेकिन, सर्वर की बैंडबिथ कम होने के कारण सारा डाटा सर्वर पर अपडेट नहीं हो सका था। कंप्यूटर पर जिनकी एंट्री हुई थी उनका डाटा अपडेट होने में एक सप्ताह लग गया।
एक वोट का अंतर
चंडीगढ़ के चुनाव विभाग ने 10 अप्रैल को चुनाव के बाद जो आंकड़े जारी किए थे उसके तहत 4,53,314 लोगों ने मतदान किया था। लेकिन, वीरवार को चुनाव विभाग की वेबसाइट पर जो आंकड़े जारी हुए उसके तहत 4,53,315 लोगों ने मतदान किया है। ऐसे में एक वोट का अंतर आ रहा है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि एक वोट के अंतर से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
बीएलओ घर जाकर देंगे सर्टिफिकेट
लोकसभा चुनाव में 10 अप्रैल को मतदान करने वाले 18 से 19 साल के लगभग 16 हजार युवाओं को घर घर जाकर ब्लॉक लैवल ऑफिसर (बीएलओ) सर्टिफिकेट देंगे। चुनाव विभाग ने सर्टिफिकेट तैयार कर लिए हैं।
21 से 40 साल के वोटरों ने डाले सबसे ज्यादा वोट
चुनाव विभाग की ओर से कंप्यूटर पर रिकार्ड किए गए वोटों के अनुसार 21 से 40 साल के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। मतदान करने वालों में 21 से 30 और 31 से 40 वर्ष के कुल 46 फीसदी मतदाता हैं। जबकि 18 से 21 साल के 9 प्रतिशत मतदाता हैं। ऐसे में शहर से जो भी चुनाव जीतेगा उसका भविष्य तय करने वालों में 18 से 40 साल के लोगों की सबसे ज्यादा भूमिका होगी।
चुनाव आचार संहिता पर स्पष्टीकरण
भारत निर्वाचन आयोग ने चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर को पत्र भेजकर चुनाव आचार संहिता पर अपनी स्पष्टीकरण दिया है। आयोग के प्रधान सचिव शंगारा राम की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि चंडीगढ़ में 10 अप्रैल को चुनाव हो चुके हैं।
ऐसे में प्रशासन पहले से चल रहे प्रोग्रामों की समीक्षा कर उसे लागू कर सकता है। फील्ड ऑफिसरों के साथ प्रोजेक्टों की समीक्षा कर सकते हैं और मुख्यालय में समीक्षा बैठक बुला सकते हैं। इस पत्र के आने के बाद प्रशासन ने अपने पहले से चल रहे कामों में तेजी लाने की तैयारी कर ली है।