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कोई भी बच्चा दाखिले से नहीं होगा वंचित, अभिभावक रखें संयम: प्रशासक
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मनीमाजरा। सिटी ब्यूटीफुल के सरकारी स्कूलों में दाखिला पाने वाले बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं रखा जाएगा। इसके लिए अभिभावकों को संयम रखना होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वह पूरी तरह जुड़े हुए हैं, सभी विद्यार्थी को दाखिला करने की व्यवस्था बनाई जा रही है। यह बात चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सोमवार को किशनगढ़ स्कूल में बाल वाटिका कक्षा के उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए स्कूलों की संख्या बढ़ाने के अलावा विभिन्न स्कूलों को डबल शिफ्ट करने के एलान भी किया। इस अवसर पर बच्चों को पहाड़े भी बोलकर सुनाए।किशनगढ़ स्थित राजकीय आदर्श उच्च विद्यालय में प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने शहर के 107 सरकारी स्कूलो में वचुअल बाल वाटिका का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए गए क्यूरेटर और डिजाइन की गई कार्य पुस्तिकाओं का उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा है कि बाल वाटिका में नन्हे बच्चों को सीखने के साथ खेलने और पढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा है कि देश की शिक्षा पहले भी मजबूत थी आज भी मजबूत है। उन्होंने बताया कि लिखने की कला को सुदंर बनाने के लिए पहले तख्ती पर सिखाया जाता था। लेखन के लिए कलम का प्रयोग होता था।उन्होंने ने कहा है कि केंद्र सरकार की नए एजुकेशन पॉलिसी को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर लागू किया है।
शिक्षकों को तन और मन से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को तन और मन से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। धन के लिए उन्होंने आश्वासन दिया कि वे चिंता न करें केंद्र सरकार हर समय फंड का प्रावधान कर देगी। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं से मदद का आह्वान भी किया। उन्होंने स्कूल में मिट्टी के बर्तन तैयार करने वाले लोगों को बच्चों को अधिक समय देने के लिए कहा है, ताकि बच्चों अपने पैरो पर खड़े हो सकें।
रद्द किए जा चुके शिक्षकों के पदों को दोबारा किया जाएगा मंजूर
प्रशासक ने कहा कि शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए पहले रद्द हो चुके शिक्षकों के पदों को दोबारा से मंजूर कराया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार से बात हो रही है और वर्ष के अंत तक एक हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती हो जाएगी। वहीं क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए प्रशासक पुरोहित ने प्रशासन के सभी सचिव को निर्देश दिए कि वह भी सरकारी स्कूलों का दौरा करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा देना सिर्फ शिक्षा विभाग या उसमें कार्यरत अधिकारियों का जिम्मा नहीं है बल्कि इसमें सभी प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा स्थानीय पार्षद, नगर निगम मेयर और हर आम व्यक्ति योगदान दे सकता है। अधिकारी रुटीन में स्कूलों का दौरा करके उन्हें बेहतर करने की दिशा में होने वाले काम में योगदान दें।
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शहर के कई स्कूलों को डबल शिफ्ट में बदला जाएगा
पुरोहित ने कहा कि शहर में जल्द दस नए स्कूलों की स्थापना होगी। शहर के कई स्कूलों को डबल शिफ्ट में बदला जाएगा। शहर के एक सरकारी स्कूल में नही साथ लगते दूसरी स्कूल में अवश्य दाखिला होगा। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का सपना था देश को विश्व गुरु बनाना। शिक्षकों पर भरोसा है क्योंकि शहर के सरकारी स्कूलो में मैरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती होती है। बच्चों में ईमानदारी और देशभक्ति की भावना उत्पन्न करने में शिक्षकों का अहम रोल है। उन्होंने बताया कि मनुष्य का जीवन एक किताब की तरह होता है, जिसमें लफ्ज नहीं बदलते। जब भी पीछे मुड़कर किताब के पन्ने बदलेंगे लफ्ज वैसे ही मिलेंगे।
मेयर बोले-निजी स्कूलों से शहर के सरकारी स्कूल बेहतर
इस मौके पर नगर निगम के मेयर अनुप गुप्ता ने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत शहर के लगभग सभी 107 सरकारी स्कूलों में बालवाटिका क्लास को शुरू करने वाले चंडीगढ़ देश का पहला राज्य बना है। नई शिक्षा नीति के अनुसार विद्यार्थी का सरकारी स्कूल में दाखिला पांच के बजाय तीन वर्ष की आयु में होगा तीन वर्ष के बच्चों को रचनात्मक तरीके से पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने इंफोसिस कंपनी की अर्पण स्वयंसेवी संस्था और कच्ची सड़क फाउंडेशन के सहयोग से स्कूलों में विशेष कार्नर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों से शहर के सरकारी स्कूल बेहतर है। स्थानीय पार्षद सुमन शर्मा ने उनके वार्ड के स्कूलों को डबल शिफ्ट करने की मांग रखी। इसके अलावा वार्ड में सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोलने की मांग की। कार्यक्रम में गृह सचिव नितिन कुमार यादव, शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग और निदेशक स्कूल शिक्षा एचपीएस बराड़ ने भी शिरकत की। इस कार्यक्रम में सांसद किरण खेर के आने की बात कहीं गई थी, लेकिन वह इस कार्यक्रम में नहीं पहुंची।
बाॅक्स
आप नेता जस्सी लुबाना को पुलिस ने कार्यक्रम के बाद छोड़ा
गांव के आम आदमी पार्टी के नेता जस्सी लुबाना को आईटी पार्क थाना पुलिस प्रशासक के आने से पहले पुलिस स्टेशन ले गई और प्रशासक का कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनको थाने से छोड़ा गया। जस्सी लुबाना का कहना कि वह कार्यक्रम से दूर कुछ बच्चों के अभिभावकों के साथ मैदान में पार्षद सुमन शर्मा को मिलने के लिए खड़े थे। उनका कहना अभिभावक पार्षद के जरिए प्रशासक तक यह बात पहुंचाने आए थे कि यह स्कूल हिंदी मीडियम में खोला गया है जबकि उनके बच्चे गांव के जिस स्कूल में पहले पढ़ते थे वह इंग्लिश मीडिमय में था। लेकिन पुलिस ने सभी अभिभावकों को वहां से भाग दिया और उनको हिरासत में ले लिया।
विवादों में रही स्कूल की जमीन
जिस स्कूल का उद्घाटन प्रशासक ने सोमवार को किया है, इस स्कूल की इसारत 2016/17 को बनकर तैयार हो गई थी। लेकिन 2002 से लेकर 2004 तक अधिग्रहित की गई। इस जमीन का अधिग्रहण कैंसिल होने के बाद स्कूल को चलते में अड़चन आ गई थी। इसके बाद इस इमारत में अब तक स्कूल खुल नहीं पाया था। फिर प्रशासन ने नए भूमि अधिग्रहण एक्ट के मुताबिक इस जमीन एक्वायर करना पड़ा। तब जाकर अब इस इमारात में यह स्कूल खुल पाया।
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शिक्षकों को तन और मन से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को तन और मन से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। धन के लिए उन्होंने आश्वासन दिया कि वे चिंता न करें केंद्र सरकार हर समय फंड का प्रावधान कर देगी। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं से मदद का आह्वान भी किया। उन्होंने स्कूल में मिट्टी के बर्तन तैयार करने वाले लोगों को बच्चों को अधिक समय देने के लिए कहा है, ताकि बच्चों अपने पैरो पर खड़े हो सकें।
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रद्द किए जा चुके शिक्षकों के पदों को दोबारा किया जाएगा मंजूर
प्रशासक ने कहा कि शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए पहले रद्द हो चुके शिक्षकों के पदों को दोबारा से मंजूर कराया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार से बात हो रही है और वर्ष के अंत तक एक हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती हो जाएगी। वहीं क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए प्रशासक पुरोहित ने प्रशासन के सभी सचिव को निर्देश दिए कि वह भी सरकारी स्कूलों का दौरा करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा देना सिर्फ शिक्षा विभाग या उसमें कार्यरत अधिकारियों का जिम्मा नहीं है बल्कि इसमें सभी प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा स्थानीय पार्षद, नगर निगम मेयर और हर आम व्यक्ति योगदान दे सकता है। अधिकारी रुटीन में स्कूलों का दौरा करके उन्हें बेहतर करने की दिशा में होने वाले काम में योगदान दें।
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शहर के कई स्कूलों को डबल शिफ्ट में बदला जाएगा
पुरोहित ने कहा कि शहर में जल्द दस नए स्कूलों की स्थापना होगी। शहर के कई स्कूलों को डबल शिफ्ट में बदला जाएगा। शहर के एक सरकारी स्कूल में नही साथ लगते दूसरी स्कूल में अवश्य दाखिला होगा। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का सपना था देश को विश्व गुरु बनाना। शिक्षकों पर भरोसा है क्योंकि शहर के सरकारी स्कूलो में मैरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती होती है। बच्चों में ईमानदारी और देशभक्ति की भावना उत्पन्न करने में शिक्षकों का अहम रोल है। उन्होंने बताया कि मनुष्य का जीवन एक किताब की तरह होता है, जिसमें लफ्ज नहीं बदलते। जब भी पीछे मुड़कर किताब के पन्ने बदलेंगे लफ्ज वैसे ही मिलेंगे।
मेयर बोले-निजी स्कूलों से शहर के सरकारी स्कूल बेहतर
इस मौके पर नगर निगम के मेयर अनुप गुप्ता ने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत शहर के लगभग सभी 107 सरकारी स्कूलों में बालवाटिका क्लास को शुरू करने वाले चंडीगढ़ देश का पहला राज्य बना है। नई शिक्षा नीति के अनुसार विद्यार्थी का सरकारी स्कूल में दाखिला पांच के बजाय तीन वर्ष की आयु में होगा तीन वर्ष के बच्चों को रचनात्मक तरीके से पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने इंफोसिस कंपनी की अर्पण स्वयंसेवी संस्था और कच्ची सड़क फाउंडेशन के सहयोग से स्कूलों में विशेष कार्नर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों से शहर के सरकारी स्कूल बेहतर है। स्थानीय पार्षद सुमन शर्मा ने उनके वार्ड के स्कूलों को डबल शिफ्ट करने की मांग रखी। इसके अलावा वार्ड में सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोलने की मांग की। कार्यक्रम में गृह सचिव नितिन कुमार यादव, शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग और निदेशक स्कूल शिक्षा एचपीएस बराड़ ने भी शिरकत की। इस कार्यक्रम में सांसद किरण खेर के आने की बात कहीं गई थी, लेकिन वह इस कार्यक्रम में नहीं पहुंची।
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आप नेता जस्सी लुबाना को पुलिस ने कार्यक्रम के बाद छोड़ा
गांव के आम आदमी पार्टी के नेता जस्सी लुबाना को आईटी पार्क थाना पुलिस प्रशासक के आने से पहले पुलिस स्टेशन ले गई और प्रशासक का कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनको थाने से छोड़ा गया। जस्सी लुबाना का कहना कि वह कार्यक्रम से दूर कुछ बच्चों के अभिभावकों के साथ मैदान में पार्षद सुमन शर्मा को मिलने के लिए खड़े थे। उनका कहना अभिभावक पार्षद के जरिए प्रशासक तक यह बात पहुंचाने आए थे कि यह स्कूल हिंदी मीडियम में खोला गया है जबकि उनके बच्चे गांव के जिस स्कूल में पहले पढ़ते थे वह इंग्लिश मीडिमय में था। लेकिन पुलिस ने सभी अभिभावकों को वहां से भाग दिया और उनको हिरासत में ले लिया।
विवादों में रही स्कूल की जमीन
जिस स्कूल का उद्घाटन प्रशासक ने सोमवार को किया है, इस स्कूल की इसारत 2016/17 को बनकर तैयार हो गई थी। लेकिन 2002 से लेकर 2004 तक अधिग्रहित की गई। इस जमीन का अधिग्रहण कैंसिल होने के बाद स्कूल को चलते में अड़चन आ गई थी। इसके बाद इस इमारत में अब तक स्कूल खुल नहीं पाया था। फिर प्रशासन ने नए भूमि अधिग्रहण एक्ट के मुताबिक इस जमीन एक्वायर करना पड़ा। तब जाकर अब इस इमारात में यह स्कूल खुल पाया।