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चंडीगढ़ः अफसरों की लापरवाही की भेंट चढ़ी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, ऐसे हुई अनदेखी
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:57 AM IST
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- फोटो : demo
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लोकसभा चुनाव के लिए छह महीने से कम समय बचा है। इसी बीच युवाओं को रोजगार देने के मामले में एक ऐसी खबर आ रही है, जो लोगों को हैरान कर देने वाली है। पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना शहर में युवाओं को सहारा देने में अब तक नाकाम साबित हुई है। प्रशासनिक लेट-लतीफी के चलते यह योजना बेरोजगारों का विश्वास जीतने के लिए यहां संघर्ष कर रही है। बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए लाई गई योजना का हाल सिटी में बेहाल है।
हालात यह हैं कि पीएमएसवाई के शुरू हुए दो साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन यहां बीते सितंबर माह में बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए चार स्किल डेवलपमेंट के सेंटर खोले गए हैं। इनमें लगभग 60 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। यूटी प्रशासन पीएम मोदी की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने केलिए कितना प्रयासरत है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खुलने में ही दो साल से अधिक का समय लग चुका है।
जरूरी नहीं कि रोजगार मिलेगा
जानकारो की मानें तो रोजगार देने वाली इस योजना के तहत प्रशिक्षण पाने वालों में 10 प्रतिशत से भी कम को नौकरी हासिल हो पा रही है। ऐसे में बेरोजगारी को लेकर बुरा हाल है। जहां कहीं भी युवाओं को प्रशिक्षण दे दिया गया है, वह रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। युवा बीरेंदर शर्मा ने बताया कि उन्होंने बीते साल बीए की परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन रोजगार पाने की लालसा में कौशल विकास योजना में प्रशिक्षण लेने के लिए पोर्टल के माध्यम से अप्लाई किया है। उनका कहना है कि कोई जरूरी नहीं है कि प्रशिक्षण लेने के बाद रोजगार मिल ही जाएगा।
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यहां खुले हैं स्किल डेवलपमेंट सेंटर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्टूबर 2016 को 1200 करोड़ रुपये के बजट के साथ कौशल विकास योजना शुरू की थी। अब पैसा तो लगा दिया गया है, लेकिन इसका कुछ खास फायदा युवाओं को मिलता हुआ नहीं दिख रहा है। सिटी के आईटी पार्क में बीते सितंबर माह में स्पीकी सेंटर, सेक्टर-11 में जीआईटीआईडब्ल्यू स्किल डेवलपमेंट सेंटर, सेक्टर-43 में कैंसर हास्पिटल और सेक्टर-12 में राजीव गांधी नाम से स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं। इन सेंटर से जुडे़ लोेगों की मानें तो अभी केंद्र खुले कुछ ही कम समय हुआ है। समय के साथ ही यहां पर युवाओं की संख्या भी बढ़ेगी और इन्हें रोजगार भी मिलेंगे।
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हालात यह हैं कि पीएमएसवाई के शुरू हुए दो साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन यहां बीते सितंबर माह में बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए चार स्किल डेवलपमेंट के सेंटर खोले गए हैं। इनमें लगभग 60 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। यूटी प्रशासन पीएम मोदी की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने केलिए कितना प्रयासरत है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खुलने में ही दो साल से अधिक का समय लग चुका है।
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जरूरी नहीं कि रोजगार मिलेगा
जानकारो की मानें तो रोजगार देने वाली इस योजना के तहत प्रशिक्षण पाने वालों में 10 प्रतिशत से भी कम को नौकरी हासिल हो पा रही है। ऐसे में बेरोजगारी को लेकर बुरा हाल है। जहां कहीं भी युवाओं को प्रशिक्षण दे दिया गया है, वह रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। युवा बीरेंदर शर्मा ने बताया कि उन्होंने बीते साल बीए की परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन रोजगार पाने की लालसा में कौशल विकास योजना में प्रशिक्षण लेने के लिए पोर्टल के माध्यम से अप्लाई किया है। उनका कहना है कि कोई जरूरी नहीं है कि प्रशिक्षण लेने के बाद रोजगार मिल ही जाएगा।
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यहां खुले हैं स्किल डेवलपमेंट सेंटर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्टूबर 2016 को 1200 करोड़ रुपये के बजट के साथ कौशल विकास योजना शुरू की थी। अब पैसा तो लगा दिया गया है, लेकिन इसका कुछ खास फायदा युवाओं को मिलता हुआ नहीं दिख रहा है। सिटी के आईटी पार्क में बीते सितंबर माह में स्पीकी सेंटर, सेक्टर-11 में जीआईटीआईडब्ल्यू स्किल डेवलपमेंट सेंटर, सेक्टर-43 में कैंसर हास्पिटल और सेक्टर-12 में राजीव गांधी नाम से स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं। इन सेंटर से जुडे़ लोेगों की मानें तो अभी केंद्र खुले कुछ ही कम समय हुआ है। समय के साथ ही यहां पर युवाओं की संख्या भी बढ़ेगी और इन्हें रोजगार भी मिलेंगे।