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नौ किसान प्रशिक्षण फार्म स्कूल खोले जाएंगे यहां
अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 25 Nov 2013 09:30 AM IST
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किसानों को फायदेमंद खेती करने के साथ सहायक धंधे अपनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्हें नई तकनीक अपनाने के बारे में जागरूक करने पर इस वित्त वर्ष के दौरान करीब 33 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर टीपीएस सिद्धू ने जिलास्तरीय गवर्निंग बोर्ड की मीटिंग में दी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के लिए अब परंपरागत फसलें फायदेमंद नहीं रहीं। इसलिए सरकार किसानों को फसली विभिन्नता के प्रति उत्साहित करने को खास उपाय कर रही है।
इसी कड़ी में जिले में बीस-बीस किसानों के तीस ग्रुप बना कर उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं, नौ सौ महिला किसानों को भी नई तकनीक और सहायक धंधे अपनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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ब्लॉक स्तर पर बढ़िया कारगुजारी दिखाने वाले ग्रुप को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, 15 प्रगतिशील किसानों को किसान अवार्ड दिए जाएंगे। कैंप लगाकर किसानों को नई तकनीक, आधुनिक मशीनरी, हरे चारे, संशोधित बीज आदि के बारे में बताया जाएगा।
किसानों को ट्रेनिंग के लिए नौ फार्म स्कूल खोले जाएंगे, जिन पर 2.70 लाख रुपये खर्च होंगे। हर दो गांवों पर एक किसान मित्र नियुक्त किया जाएगा। 220 किसान मित्र नियुक्त किए जा चुके हैं। डीसी सिद्धू ने बताया कि महिला किसानों को अचार, मुरब्बे, सिलाई-कढ़ाई व पेंटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। तीन सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए गए हैं, तीन और बनाए जाएंगे।
गेहूं की दोतरफा बिजाई फायदेमंद
खेतीबाड़ी विभाग ने गांव धनौली में किसानों की मौजूदगी में दोतरफा ढंग से गेहूं की बिजाई कराई। मुख्य खेतीबाड़ी अफसर डॉ. परमिंदर सिंह ने बताया कि इस तकनीक से गेहूं की पैदावार दो क्विंटल प्रति एकड़ ज्यादा हो सकती है।
इसमें खाद व बीज की सिफारिश की गई आधी मात्रा एक तरफ और आधी मात्रा दूसरी तरफ उपयोग की जाती है। इस तकनीक पर खर्च भी कम आता है। खेतीबाड़ी अफसर डॉ. गुरवेल सिंह ने फसल की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने और बीमारियों से बचाने के नुस्खे बताए। इस मौके पर डॉ. शेर सिंह, डॉ. अमरीक सिंह भी मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के लिए अब परंपरागत फसलें फायदेमंद नहीं रहीं। इसलिए सरकार किसानों को फसली विभिन्नता के प्रति उत्साहित करने को खास उपाय कर रही है।
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इसी कड़ी में जिले में बीस-बीस किसानों के तीस ग्रुप बना कर उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं, नौ सौ महिला किसानों को भी नई तकनीक और सहायक धंधे अपनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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ब्लॉक स्तर पर बढ़िया कारगुजारी दिखाने वाले ग्रुप को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, 15 प्रगतिशील किसानों को किसान अवार्ड दिए जाएंगे। कैंप लगाकर किसानों को नई तकनीक, आधुनिक मशीनरी, हरे चारे, संशोधित बीज आदि के बारे में बताया जाएगा।
किसानों को ट्रेनिंग के लिए नौ फार्म स्कूल खोले जाएंगे, जिन पर 2.70 लाख रुपये खर्च होंगे। हर दो गांवों पर एक किसान मित्र नियुक्त किया जाएगा। 220 किसान मित्र नियुक्त किए जा चुके हैं। डीसी सिद्धू ने बताया कि महिला किसानों को अचार, मुरब्बे, सिलाई-कढ़ाई व पेंटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। तीन सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए गए हैं, तीन और बनाए जाएंगे।
गेहूं की दोतरफा बिजाई फायदेमंद
खेतीबाड़ी विभाग ने गांव धनौली में किसानों की मौजूदगी में दोतरफा ढंग से गेहूं की बिजाई कराई। मुख्य खेतीबाड़ी अफसर डॉ. परमिंदर सिंह ने बताया कि इस तकनीक से गेहूं की पैदावार दो क्विंटल प्रति एकड़ ज्यादा हो सकती है।
इसमें खाद व बीज की सिफारिश की गई आधी मात्रा एक तरफ और आधी मात्रा दूसरी तरफ उपयोग की जाती है। इस तकनीक पर खर्च भी कम आता है। खेतीबाड़ी अफसर डॉ. गुरवेल सिंह ने फसल की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने और बीमारियों से बचाने के नुस्खे बताए। इस मौके पर डॉ. शेर सिंह, डॉ. अमरीक सिंह भी मौजूद थे।