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नाइलिट हादसे में शहीद फायरमैन के परिवार ने ठुकराई नौकरी

Sat, 04 Jul 2015 01:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 04 Jul 2015 01:31 PM IST
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nielit incident martyr family refused job offer by govt

‘नाइलिट बिल्डिंग में आग बुझाते समय जब से मेरे भाई की मौत हुई है, परिवार के किसी सदस्य का चंडीगढ़ आने का दिल नहीं करता है। नगर निगम ने मुआवजे के साथ नौकरी का ऑफर तो दिया, लेकिन हमारे परिवार का कोई भी सदस्य यहां नौकरी नहीं कर सकता। इसलिए हमें यह नौकरी नहीं चाहिए’।

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यह कहना था शहीद हुए अमनदीप के मलोट में रहने वाले भाई गुरप्रीत सिंह का, जो अपना दर्द बयां करते-करते ही भावुक हो उठे और नौकरी के लिए अपील करने से भी इनकार कर दिया। मालूम हो कि घटना से पहले अमनदीप की सिर्फ सगाई हुई थी।
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दरअसल, शहीद हुए तीन फायरमैन अमनदीप सिंह व रविंदर शर्मा (नाइलिट हादसा) और अमरजीत मावी (वर्ष-2008 में हादसा) के परिजनों को शुक्रवार को सेक्टर-17 के फायर विभाग कार्यालय में बुलाया गया था। यहां सलाहकार विजय देव और मेयर पूनम शर्मा ने उन्हें मुआवजे की राशि के चेक दिए। साथ ही नौकरी के लिए अपील पत्र की मांग की।
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इनमें अमरजीत मावी के परिजनों की अपील स्वीकार की गई, जबकि अमनदीप के परिजनों ने नौकरी लेने से इनकार कर दिया। वहीं, फायरमैन रविंदर शर्मा के परिवार से उनके बेटे को नौकरी देने के लिए अपील पत्र नहीं लिया गया, क्योंकि रविंदर एयरफोर्स के कर्मचारी थे।

उनके परिवार से कहा गया कि वे एक शपथ पत्र दें, जिसमें यह जिक्र हो कि नगर निगम में नौकरी लेने के बाद वे एयरफोर्स में नौकरी के लिए अपील नहीं करेंगे। हालांकि, रविंदर का परिवार एयरफोर्स में नौकरी के लिए पहले ही आवेदन कर चुका है।

ये परिजन पहुंचे थे चेक लेने
शहीद अमनदीप के भाई गुरप्रीत सिंह को मां गुरमीत कौर के नाम चेक सौंपा गया, जबकि अमरजीत मावी की पत्नी मंजीत कौर और रविंदर की पत्नी सविता रानी को मुआवजे के चेक दिए गए। इस दौरान शहीद अमरजीत मावी का बेटा सिमरजीत और भाई लाभ सिंह, जबकि रविंदर का भाई रामपाल व बेटा धीरज भी मौजूद रहे।

किसे कितना मुआवजा मिला
फायरमैन शहीद अमनदीप सिंह के परिवार को 20 लाख, अमरजीत मावी के परिवार को 17 लाख और रविंदर के परिवार को करीब सात लाख रुपये के चेक दिए गए। मुआवजे की घोषणा 20 लाख की थी और जो रकम पहले मिल चुकी है, उन्हें इस मुआवजे की राशि से काट लिया गया। शहीद रविंदर शर्मा के परिवार के लिए 13 लाख रुपये की राशि का मुआवजा एयरफोर्स से पास हो चुका है, लेकिन अभी तक परिवार को यह मुआवजा मिला नहीं है।


शहीद फायरमैन के परिजनों के लिए मुआवजा तय

यह पहला मौका था, जब शहीद फायरमैन के परिवार को मुआवजे के साथ-साथ नौकरी भी दी जा रही है। साथ ही अब यह भी तय हो चुका है कि भविष्य में यदि कोई फायरमैन शहीद होता है तो उसके परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि 75 से 100 फीसदी विकलांग होने पर 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।

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