NIA का खुलासा: पंजाब को दहलाना चाहते थे पीटा और मंदीप, KTF और BKI ने विदेश से रचा देसी प्लान
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पंजाब को दहलाने की बड़ी साजिश का खुलासा किया है। विदेश में बैठे बब्बर खालसा और खालिस्तान टाइगर फोर्स के गुर्गों ने पंजाब को दहलाने की साजिश रची। अब एनआईए 10 आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। विदेश में बैठे गुर्गे देश के अंदर ही टेरर सिंडिकेट तैयार कर रहे थे।
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक बड़ा खुलासा किया है। खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के विदेश में बैठे सरगना पंजाब को दहलाने के तैयारी में थे। इन्होंने अपने हैंडलर के जरिये पंजाब और देश के अलग-अलग हिस्सों को दहलाने के मंसूबे से तैयारी शुरू कर दी थी।
एनआईए ने केटीएफ के मुख्य सरगना अर्श डल्ला के हैंडलर मनप्रीत सिंह उर्फ पीटा और मनदीप सिंह को पिछले साल फिलीपींस से डिपोर्ट करवाया था। इन दोनों हैंडलर के रिमांड से एनआईए ने कई खुफिया जानकारी जुटाई। इसमें यह सामने आया कि ये दोनों खालिस्तान टाइगर फोर्स और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के पाकिस्तान के अलावा कनाडा, फ्रांस, स्पेन और फिलीपींस में बैठे सरगनों के जरिये पंजाब व देश के अन्य हिस्सों में टेरर सिंडिकेट तैयार कर रहे थे। इन तथ्यों का खुलासा खुद एनआईए ने किया है। एनआईए ने दावा किया है जल्द ही इस सिंडिकेट के अन्य खूंखार अपराधियों को दबोचा जाएगा।
केटीएफ और बीकेआई से जुड़े 10 मुख्य अपराधी एनआईए के रडार पर
देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने, मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और अवैध वसूली को अंजाम दे रहे केटीएफ और बीकेआई के 10 मुख्य अपराधियों से अभी पूछताछ जारी है। एनआईए को केटीएफ और बीकेआई के सरगनों के हैंडलर मनप्रीत सिंह उर्फ पीटा और मनदीप सिंह से रिमांड के दौरान इन 10 मुख्य आरोपियों का पता चला है जो मनप्रीत सिंह उर्फ पीटा और मनदीप सिंह द्वारा तैयार किए जा रहे टेरर सिंडिकेट का हिस्से थे। एनआईए लगातार इन 10 आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एनआईए के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2023 के जुलाई और नवंबर में केटीएफ और बीकेआई से जुड़े कुल 13 हैंडलरों और मुख्य आरोपियों को दबोचा जा चुका है।
भारत के खिलाफ आतंक को बढ़ावा देने के लिए देश के अंदर से ही कराते थे फंडिंग
एनआई ने एक फरवरी को डल्ला के हैंडलर मनप्रीत सिंह उर्फ पीटा और मनदीप सिंह के खिलाफ दायर की चार्जशीट में एक और बड़ा खुलासा किया है। भारत के खिलाफ आतंक को बढ़ावा देने के लिए ये दोनों देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं को टेरर सिंडिकेट से जोड़ रहे थे। ये दोनों बड़े-बड़े उद्योगपतियों, हवाला कारोबार में शामिल लोगे से अवैध वसूली कर केटीएफ और बीकेआई को फंडिंग करते थे। अब एनआईए ने रिमांड में हासिल किए इन इनपुट पर काम शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक 10 मुख्य आरोपी जो अब भी एनआईए के रिमांड पर हैं, उनसे लगातार केटीएफ और बीकेआई की अन्य गतिविधियों को लेकर पूछताछ जारी है।
मोगा का रहने वाला है अर्शदीप डल्ला
अर्श डल्ला मुख्य रूप से मोगा का रहने वाला है। अर्श डल्ला पहले गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल रहा और फिर आतंकी बन गया। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। डल्ला के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में आतंकी गतिविधियां, मर्डर, एक्सटॉर्शन, किडनैपिंग सहित विभिन्न संगीन मामले दर्ज हैं। डल्ला के लिंक पाकिस्तानी तस्करों के साथ भी हैं। इसे लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों भी खुलासा कर चुकी हैं।