नमक के बहाने पाक से मंगवाई गई थी 532 किलो हेरोइन, एनआईए ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की
- एनआईए ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत पेश की चार्जशीट
- इस मामले में पहले 16 लोगों पर फाइल हो चुकी है चार्जशीट
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पाकिस्तान से नमक के बहाने 532 किलोग्राम हेरोइन मंगवाने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को एक आरोपी अमित गंभीर उर्फ बॉबी, उर्फ बबलू निवासी अमृतसर के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट मोहाली की विशेष अदालत में फाइल की गई। आरोपी पर अनलॉफुल एक्टिविटी व नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक समेत कई धाराओं के तहत चार्जशीट फाइल की गई है। इससे पहले गत दिसंबर में 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी।
जानकारी के अनुसार इसी मामले में एनआईए अमृतसर निवासी अमित गंभीर को जनवरी में गिरफ्तार किया था। एनआईए के सूत्रों का मानना है कि यह आरोपी काफी शातिर है। जबकि इस सारे खेल में शामिल लोगों का लक्ष्य भारत में आतंक फैलाकर शांति भंग करना था। वहीं, इसमें कई देशों के लोग शामिल हैं। यही नहीं पाकिस्तान से यह केस सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। इसके अलावा आरोपी का वहां पर लेन-देन तक हुआ है। सूत्रों के अनुसार तो इस केस में आने वाले समय में एक और चार्जशीट फाइल होगी।
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अब चीता खोलगा राज
सूत्रों के मुताबिक एनआईए, पंजाब पुलिस व हरियाणा पुलिस ने कुछ समय पहले एक कुख्यात तस्कर रंजीत सिंह उर्फ चीता व उसके भाई गगनदीप सिंह को हरियाणा से दबोचा है। वह भी गिरोह में शामिल था। पहले वह पंजाब पुलिस के रिमांड पर चल रहा था। वहीं, अब रंजीत सिंह उर्फ चीता को एनआईए ने अपनी हिरासत में ले लिया है।
ऐसे सामने आया था मामला
मामला पिछले साल 29 जून को सामने आया था। पाकिस्तान से आई नमक की खेप में 532 किलो हेरोइन व 52 किलोग्राम नशीले पदार्थ थे। इन्हें अमृतसर के अटारी इंटरनेशनल चेक पोस्ट पर पकड़ा था। इसके बाद अमृतसर के व्यापारी गुरपिंदर सिंह व जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा निवासी तारिक पर केस दर्ज किया गया था। जब यह मामला एनआईए को सौंपा गया था तो जांच में सामने आया कि यह अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर गिरोह है जो पाकिस्तान से चल रहा था। इसके तार अफगानिस्तान तक फैले हैं। वहीं, अब इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की गई है।
एनआईए के पास हैं अहम सुबूत
एनआईए की जांच में अब तक यह भी सामने आ चुका है कि यह गिरोह काफी खतरनाक था। इसने बार्डर से विभिन्न चीजों में छिपाकर नशीले पदार्थों को मंगवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। एनआईए ने पंजाब के विभिन्न हिस्सों में दबिश दी थी, जिसमें काफी सामान कब्जे में लिया गया। इसमें बैंक अकाउंट डिटेल, इलेक्ट्रॉनिक एंड डिजिटल डिवाइस, असलहा और हवाला के जरिए हुए पैसे के आदान-प्रदान के सुबूत कब्जे में लिए गए थे।
हवाला मनी का हुआ इस्तेमाल
जांच में बात साफ हो चुकी है कि नार्को टेररिज्म के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश थी। इसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत विशेष तौर पर पंजाब, जम्मू और दिल्ली के लोगों की भूमिका सामने आई थी। इस सारे खेल को चलाने के लिए हवाला व अन्य चैनलों का प्रयोग किया गया है। पाकिस्तान से नमक के बहाने ही सारी खेप आती थी।