नार्को आतंकवाद मामला: NIA ने पेश की 14000 पन्नों की चार्जशीट, रियाज नाइकू समेत 10 को बनाया आरोपी
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राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मंगलवार को मोहाली की विशेष अदालत में हिजबुल मुजाहिदीन के नार्को-आतंकवाद मामले में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज अहमद नाइकू समेत दस आरोपियों के खिलाफ चौदह हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
एनआईए की चार्जशीट में आरोपियों में नाइकू के अलावा हिलाल अहमद शेरगोजरी, बिक्रम सिंह, मनिंदर सिंह, रंजीत सिंह, जसवंत सिंह, रंजीत सिंह, गगनदीप सिंह, इकबाल सिंह, जफर हुसैन भट के नाम शामिल हैं। सभी आरोपियों पर आईपीसी, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय पासपोर्ट अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। हालांकि आरोपियों में से दो आरोपी इकबाल सिंह और जफर हुसैन भट फरार हैं। वहीं, रियाज अहमद नाइकू सुरक्षा बलों के एक ऑपरेशन में मारा गया था।
हिलाल के पास से मिले थे 29 लाख रुपये
जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी की तरफ से इस मामले की जांच आठ मई 2020 को शुरू की गई थी। जबकि यह मामला अमृतसर के सदर पुलिस थाने में इस साल 25 अप्रैल को दर्ज किया गया था। इस दौरान पुलिस ने हिलाल अहमद शेरगोजरी की गिरफ्तार कर और उसके कब्जे से 29 लाख रुपये बरामद किए थे। इस दौरान जांच में सामने आया था कि वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य था। वह 29 लाख रुपये लेने के लिए अमृतसर आया था। वह आंतकी संगठन के कमांडर रियाज अहमद नाइकू का करीबी था।
पाकिस्तान से चल रहा था सारा खेल
एनआईए ने बयान में कहा हिलाल की गिरफ्तारी से भारत में हेरोइन की तस्करी और बिक्री में शामिल एक बड़े नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है जो कि हवाला और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के जरिए पाकिस्तान में ड्रग-प्रोडक्शन को चैनलाइज किया गया। इतना ही नहीं जांच में यह भी पता चला है कि आतंकी मादक पदार्थों की तस्करी के माध्यम से धन जुटाकर भारत में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी ढांचे को मजबूत करने और बढ़ाने में जुटे थे। इनका उद्देश्य देश में अशांति फैलाना था।
15 स्थानों पर तलाशी लेकर करोड़ों की प्रॉपर्टी जब्त की
मामले की जांच कर ही एनआईए की टीम ने पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में संदिग्धों और आरोपियों से संबंधित 15 स्थानों पर तलाशी ली। उनसे अब तक 98.5 लाख रुपये, आठ वाहन और 3 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है। इसके अलावा एनआईए ने जांच के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, पेन ड्राइव, लैपटॉप व काफी कुछ ऐसी चीज अपने कब्जे में ली हैं जो कि केस को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
पाकिस्तान व आतंकियों तक पहुंचाया पैसा
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को अटारी भारत-पाकिस्तान सीमा के माध्यम से हेरोइन की कम से कम छह खेप पाकिस्तान से मंगवाई की गई। इनमें कुछ पैसा हवाला ऑपरेटरों के जरिए पाकिस्तान वापस भेजा गया था, जबकि एक बड़ा हिस्सा ओवरग्राउंड वर्कर्स और अन्य सहयोगियों के एक नेटवर्क के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों तक पहुंचाया।