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NHM के हजारों कर्मचारियों को सरकार का बड़ा तोहफा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:38 PM IST
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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज
- फोटो : फाइल फोटो
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत 11845 अनुबंधित कर्मचारियों को सरकार ने बहुत बड़ा तोहफा दिया है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह ऐलान किया। एक अप्रैल 2016 से मासिक कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) काटा जाएगा। इससे कर्मचारियों को 26 करोड़ रुपये वार्षिक का लाभ होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मचारियों का अंशदान 12 फीसदी होगा, जबकि प्रदेश सरकार की ओर से इतनी ही राशि कर्मचारियों के खाते में डाली जाएगी। प्रदेश के 21 जिलों में फिलहाल 10245 ऐसे कर्मचारी कार्यरत है, जिनका औसत मासिक वेतन करीब 13000 रुपये है, जिन पर सरकार करीब 1.81 करोड़ रुपये का मासिक खर्च वहन करेगी।
15000 रुपये औसत मासिक वेतन वाले करीब 1600 कर्मचारियों के अंशदान के तौर पर सरकार की ओर से 32.67 लाख रुपये जमा करवाए जाएंगे। विज ने बताया इस प्रक्रिया के बेहतर रूप में संचालन के लिए हरियाणा में ईपीएफ संगठन को चार भागों में बांटा गया है। इनमें करनाल डिवीजन में करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, पानीपत, अंबाला, सोनीपत और पंचकूला को शामिल किया गया है।
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गुड़गांव डिवीजन में गुड़गांव, महेन्द्रगढ़, मेवात, रेवाड़ी, फरीदाबाद डिवीजन में फरीदाबाद व पलवल, जबकि रोहतक डिवीजन में भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, झज्जर, जीन्द, रोहतक व सिरसा को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2016-17 के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की है। इसके लिए सरकार की ओर से एनएचएम मुख्यालय पर अलग से ईपीएफ सेल स्थापित किया जाएगा।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मचारियों का अंशदान 12 फीसदी होगा, जबकि प्रदेश सरकार की ओर से इतनी ही राशि कर्मचारियों के खाते में डाली जाएगी। प्रदेश के 21 जिलों में फिलहाल 10245 ऐसे कर्मचारी कार्यरत है, जिनका औसत मासिक वेतन करीब 13000 रुपये है, जिन पर सरकार करीब 1.81 करोड़ रुपये का मासिक खर्च वहन करेगी।
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15000 रुपये औसत मासिक वेतन वाले करीब 1600 कर्मचारियों के अंशदान के तौर पर सरकार की ओर से 32.67 लाख रुपये जमा करवाए जाएंगे। विज ने बताया इस प्रक्रिया के बेहतर रूप में संचालन के लिए हरियाणा में ईपीएफ संगठन को चार भागों में बांटा गया है। इनमें करनाल डिवीजन में करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, पानीपत, अंबाला, सोनीपत और पंचकूला को शामिल किया गया है।
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गुड़गांव डिवीजन में गुड़गांव, महेन्द्रगढ़, मेवात, रेवाड़ी, फरीदाबाद डिवीजन में फरीदाबाद व पलवल, जबकि रोहतक डिवीजन में भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, झज्जर, जीन्द, रोहतक व सिरसा को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2016-17 के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की है। इसके लिए सरकार की ओर से एनएचएम मुख्यालय पर अलग से ईपीएफ सेल स्थापित किया जाएगा।