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अनदेखीः नंगल डैम में सॉलिड वेस्ट कर रहा सतलुज नदी को प्रदूषित, हो सकती है सख्त कार्रवाई

Sun, 21 Apr 2019 03:07 PM IST
खुशबू गोयल नवनीत छिब्बर, अमर उजाला, मोहाली(पंजाब)
नवनीत छिब्बर, अमर उजाला, मोहाली(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 21 Apr 2019 03:07 PM IST
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NGT Team Investigated Water Pollution Reasons in Nangal Dam and Sutlej River
नंगल डैम पर एनजीटी की टीम
सतलुज नदी पर बने भाखड़ा नंगल डैम की गोविंद सागर झील में पानी का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। साथ ही नंगल नगर काउंसिल अपने दोनों ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए सरकार व लोगों को गुमराह कर रही है। यह तथ्य उस समय सामने आए, जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी की निगरान कमेटी के चेयरमैन सहित चार सदस्यों ने नदियों में प्रदूषण को लेकर चेकिंग की।
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भाखड़ा नंगल डैम पर बनी गोविंद सागर झील के पानी को अभी तक साफ व सुरक्षित माना जाता रहा है। लेकिन निगरान कमेटी की मौजूदा जांच के बाद इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा हो गया है। निगरान कमेटी की हाई प्रोफाइल टीम द्वारा शुक्रवार को की गई जांच में सामने आया है कि डैम के पानी का सही ट्रीटमेंट नहीं किया जा रहा।
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यहां लंबे समय से सॉलिड वेस्ट का निस्तारण नहीं किया गया है। यह भी पता चला है कि डैम प्रबंधन को पहले भी दो बार सॉलिड वेस्ट निस्तारण के लिए चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद डैम से सॉलिड वेस्ट के निस्तारण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया।
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24 को अहम बैठक
निगरान कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार 24 अप्रैल को एक अहम बैठक होने जा रही है। इसमें सतलुज व ब्यास के साथ ही काला सिंघा ड्रेन, चिट्टीबेयी व बुड्डा नाला के प्रदूषण पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को लेकर चर्चा होगी। यह रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई हो सकती है।

दो ट्रीटमेंट प्लांट, दोनों को नाकारा

टीम ने नंगल नगर कौंसिल द्वारा चलाए जा रहे दो ट्रीटमेंट प्लांट्स की भी चेकिंग की। जांच में दोनों ट्रीटमेंट प्लांट नाकारा पाए गए। जांच टीम के सदस्य संत बलबीर सिंह सींचेवाल ने अमर उजाला को बताया कि नंगल नगर काउंसिल के अधिकारियों द्वारा जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश की गई।

लोगों से मिले फीडबैक और मौके की जांच में सामने आया कि नगर काउंसिल ट्रीटमेंट प्लांट चला ही नहीं रही है, बल्कि सीधे ही गंदे पानी को सतलुज में डाल रही है। इसके अलावा यूरिया व सोडा बनाने वाली दो प्राइवेट कंपनियों के ट्रीटमेंट प्लांट की भी चेकिंग की गई। जांच में पाया गया कि इन कंपनियों के ट्रीटमेंट प्लांट का पानी बाहर डिस्पोज नहीं किया जा रहा।

नदियों के प्रदूषण को लेकर सख्त नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की निगरान कमेटी ने चेयरमैन पूर्व जस्टिस अजीतपाल की अगुवाई में कमेटी के मेंबर व पंजाब के पूर्व चीफ सेक्रेट्री प्रमोद अग्रवाल, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व मैंबर सेक्रेट्री बाबू राम व पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सींचेवाल भी थे। इनके अलावा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी इस जांच दल के साथ थे।
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