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सरकारी मकानों में रहने वालों के लिए ताजा फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 18 Apr 2015 05:39 PM IST
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अब सरकारी मकानों का दुरुपयोग करने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह निर्णय चंडीगढ़ हाउसिंग अलॉटमेंट के संशोधित नियमों के बाद लिया गया है। संशोधित नियमों के अनुसार सरकारी मकानों में रहने वाले के साथ अलॉटी को सबलेटिंग और मिसयूज करने पर आपराधिक चार्ज फेस करने होंगे।
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चंडीगढ़ हाउसिंग अलॉटमेंट रूल्स के संशोधित नियमों के अनुसार ऐसे मामले में सिर्फ अलॉटी ही नहीं बल्कि उसमें रहने वालों पर भी अपराधिक मामला दर्ज होगा। ऐसी स्थिति में आईपीसी की धारा 188 के तहत शिकायत दर्ज होगी।
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ये हैं गड़बड़ियां
•अलॉट किए गए किसी भी सरकारी मकान को दूसरे को किराये पर देना।
•अलॉट किए सरकारी मकान में अवैध स्ट्रक्चर बनाने और स्ट्रक्चर में परिवर्तन करने पर।
•सरकारी अलॉटमेंट के मकान के किसी भाग का अपने किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग करने पर।
•अलॉट किए मकान के बिजली कनेक्शन में छेड़छाड़ करने पर।
•अलॉट सरकारी मकान में ऐसा कोई चेंज करने जिसको अलॉटमेंट कमेटी के सचिव उचित न समझें।
•सरकारी मकान के अलाटमेंट के लिए दिए गए पत्र में कोई गलत जानकारी देने पर।
यह होगा एक्शन
•गवर्नमेंट हाउस का अलॉटमेंट उसी दिन से कैंसल किया जाएगा जिस दिन अलॉट किया गया।
•जिस दिन अलॉटमेंट किया गया है उसका किराया उसी दिन से लगाया जाएगा।
•अलॉटी पर किसी अन्य सरकारी अलॉटमेंट में रोक लगा दी जाएगी।
•अलॉटी के एंपलायर पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अब चलेगा अभियान
चंडीगढ़ हाउसिंग अलॉटमेंट कमेटी चंडीगढ़ में सर्च अभियान चलाएगी। जिसका उद्देश्य अलॉट किए सरकारी मकानों में किए जाने वाले परिवर्तनों की जांच करना और उसमें रहने वालों का डाटा इकट्ठा करना होगा।
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किराये पर देते हैं मकान
चंडीगढ़ में अलॉट किए सरकारी मकानों को काफी लोग किराये पर दे देते हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने अपने मकान तैयार किए हैं लेकिन वह फिर भी सरकारी मकानों में रहते हैं।