फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   dead body of new born baby changed in gmch 32 chandigarh

जीएमसीएच चंडीगढ़ में नवजात की मौत, शव लेकर घर पहुंचा पिता तो मां बोली- यह मेरा बेटा नहीं है

Wed, 21 Oct 2020 12:40 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो वीणा तिवारी, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 21 Oct 2020 12:40 PM IST
विज्ञापन
dead body of new born baby changed in gmch 32 chandigarh
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ जीएमसीएच 32 में कर्मचारियों की लापरवाही के कारण नवजात बच्चे का शव बदल गया। यही नहीं, पिता बच्चे का शव लेकर जब घर पहुंचा तो मां ने चेहरा देखते ही कहा कि यह उसका बेटा नहीं है। इसके बाद परेशान पिता दोबारा अस्पताल पहुंचा और अपने बेटे का शव लाकर अंतिम संस्कार किया। इस घटना से अस्पताल की व्यवस्था कटघरे में आ गई है।
विज्ञापन


इस बारे में जीएमसीएच प्रबंधन ने तो अपना पक्ष नहीं दिया लेकिन चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने जरूर मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बद्दी निवासी राम सिंह ने बताया कि दो दिन पहले वह अपने 16 दिन के पीलियाग्रस्त नवजात बच्चे का इलाज कराने जीएमसीएच 32 में आए थे। उनकी पत्नी अंशु ने बद्दी में सामान्य प्रसव से बेटे को जन्म दिया था।
विज्ञापन


जन्म के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो डॉक्टर ने जीएमसीएच 32 ले जाने को कहा। रविवार को वह जीएमसीएच 32 की इमरजेंसी में पहुंचे। 24 घंटे तक उनके बच्चे का इलाज किया गया। सोमवार सुबह डॉक्टरों ने कहा कि बच्चे ने दम तोड़ दिया है। राम सिंह ने रोते हुए बताया कि इलाज के नाम पर हर एक घंटे पर बच्चे का खून निकालकर जांच के लिए भेजा जा रहा था। 24 घंटे में बच्चा सफेद पड़ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


राम सिंह ने बच्चे का शव मांगा तो कोरोना का हवाला देकर उन्हें शाम तक इंतजार करने को कहा गया। शाम को जब राम सिंह शव लेने शवगृह पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें खुद बच्चे का शव ढूंढकर ले जाने को कह दिया। राम सिंह ने वहां रखे शवों में से कपड़े में लिपटा बच्चे का शव उठाया और बद्दी लौट गया। पत्नी की तबीयत खराब होने के डर से राम सिंह ने रात में उसे बच्चे का चेहरा नहीं दिखाया।

मंगलवार सुबह जब पत्नी ने बच्चे का चेहरा देखा तो वह बोली यह मेरा बेटा नहीं है। यह सुनते ही राम सिंह सकते में आ गए। इसी दौरान जीएमसीएच से उनके पास फोन आया कि आप किसी दूसरे बच्चे का शव लेकर चले गए हैं। तत्काल शव लेकर अस्पताल पहुंचिए। राम सिंह फिर बच्चे का शव लेकर चंडीगढ़ पहुंचे और दोपहर को अपने बेटे का शव लेकर बिलखते हुए लौट गए।

लापरवाह अस्पताल कर्मियों के कारण परेशान हुए लाचार पिता

जीएमसीएच के कर्मचारियों ने सबसे पहली गलती तो यह बरती कि पिता को शवगृह से खुद बेटे का शव लाने के लिए कह दिया। ऐसे हालात में घबराए पिता ने कपड़े में लिपटे छोटे बच्चे के शव को उठा लिया। दूसरी बड़ी लापरवाही यह हुई कि किसी कर्मचारी ने बच्चे के पैर में बंधा वह टैग तक चेक नहीं किया, जिस पर बच्चे के परिजन का नाम लिखा होता है। यदि कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी ईमानदारी से की होती तो बेटे की मौत के गम में डूबे पिता को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

काश! मैं अपने जिगर के टुकड़े को यहां लाता ही नहीं
नवजात बेटे की मौत से गमजदा राम सिंह ने कहा कि यदि मुझे पता होता कि यहां इतनी अव्यवस्था है तो मैं अपने बेटे को लाता ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज से जुड़ी सारी फाइल यहां तक कि दवा का पर्चा तक उनसे ले लिया। बच्चे के इलाज से जुड़े कागज के नाम पर सिर्फ इमरजेंसी में जारी किया गया पास ही उनके पास रह गया है। प्रबंधन ने ऐसा क्यों किया है, इसकी कोई वजह भी उन्हें नहीं बताई।

अस्पताल प्रबंधन पक्ष रखने नहीं आया सामने
इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। उन्हें इसकी सूचना मैसेज के जरिए भी दी गई लेकिन उन्होंने उसका भी जवाब नहीं दिया। इसके बाद मैसेज के जरिए स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव सरप्रीत गिल को भी प्रकरण की जानकारी देते हुए पक्ष मांगा गया लेकिन उनकी तरफ से भी कोई जवाब नहीं आया। जब भी प्रबंधन का पक्ष आएगा, उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

जिसने भी लापरवाही की है, बख्शा नहीं जाएगा: परिदा
इस मामले में जिसने भी लापरवाही की है, उसकी जिम्मेदारी तय कर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस तरह की गंभीर लापरवाही भविष्य में न हो।
- मनोज परिदा, सलाहकार, चंडीगढ़ प्रशासक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed