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मर गई ममता! झाड़ियों में 3 घंटे की बच्ची
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी/बवानीखेड़ा
Updated Fri, 14 Nov 2014 11:05 PM IST
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गांव रतेरा में सरकारी स्कूल के पास झाड़ियों में महज तीन घंटे की नवजात बच्ची ठंड से सिसकती मिली। आसपास गोबर के उपले बनाने पहुंची महिलाओं ने बच्ची को देखा और बाद में सामान्य अस्पताल के नीकू में भर्ती कराया गया। बच्ची स्वस्थ है मगर झाड़ियों में फेंके जाने से उसके पांव में चोट है। पुलिस ने शिकायत के बाद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे रतेरा गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्कूल के पास गोबर के उपले बनाने गई एक महिला को झाड़ियों से सिसकने की आवाज आई। उसने नजदीक जाकर देखा तो प्लास्टिक के एक कट्टे के नीचे महज कुछ घंटों की नवजात बच्ची ठंड के मारे सिसक रही थी।
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इसके बाद महिला ने आसपास के लोगों को एकत्रित किया और बच्ची को जमालपुर पीएचसी ले जाया गया। वहां से स्टाफ नर्स उसे सामान्य अस्पताल के नीकू वार्ड में लेकर पहुंचे। ग्रामीण चेतनप्रकाश रतेरा, पूर्ण, राजेंद्र, अरविंद्र आदि बच्ची को लेकर पीएचसी जमालपुर पहुंचे थे।
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नीकू में डॉ. एनके गर्ग, डॉ. चंदन ने बच्ची के स्वास्थ्य की जांच की। कार्यकारी पीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार भी बच्ची को देखने पहुंचे। डॉ. गर्ग ने बताया कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। झाड़ियों में फेंके जाने से बच्ची के पांव में जख्म है। बच्ची का इलाज किया जा रहा है।
देखने से लगता है कि सुबह में बच्ची का जन्म हुआ है। जन्म किसी अस्पताल में नहीं बल्कि दाई द्वारा किया गया है। बच्चे का नाल खिंच कर तोड़ा गया है। जिससे हलका खून भी आ रहा है। मामले में एसआई टेकराम ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ बच्ची को फेंकने का मामल दर्ज कर लिया है।
हर किसी ने कोसा, बच्ची फेंकने वाले को
सामान्य अस्पताल के बच्चा वार्ड में शुक्रवार को बाल दिवस मनाया गया। बच्चों की डाइंग प्रतियोगिता करवाई गई। जब प्रतियोगिता चल रही थी, तभी जमालपुर पीएचसी से लावारिस बच्ची को नीकू वार्ड लाया गया। सभी स्टाफ सदस्य बच्ची को देखने उमड़ पडे़।
वार्ड में मौजूद स्टाफ सदस्य, बच्चों के साथ मौजूद महिलाएं सभी बच्ची को फैं फेंकने वालों को कोसती रही। सभी की जुबान पर एक ही बात थी कि जब फेंकना ही था तो जन्म क्यों दिया। बेटी भी आजकल किसी मामले में बेटों से पीछे नहीं।