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चंडीगढ़ः नई अस्थायी सब्जी मंडी में 22 दिन में घटा 22 करोड़ का कारोबार, कमेटी को फीस का घाटा
Wed, 27 May 2020 01:55 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2020 01:55 PM IST
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लॉकडाउन में सब्जी वाला
- फोटो : PTI
चंडीगढ़ आईएसबीटी 17 में शिफ्ट हुई अस्थायी नई सब्जी मंडी में अब तक 22 दिन में 22 करोड़ रुपये का कारोबार घटा है। मंडी में फल, सब्जियों और आलू-प्याज की मांग में गिरावट के कारण जमींदारों को भी फसल के अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इससे तंग आकर 35 फीसदी जमींदारों ने भी पंजाब की मंडियों की ओर रुख कर दिया है।
बापूधाम कालोनी में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण यूटी प्रशासन ने 4 मई को साप्ताहिक बंदी के दिन सोमवार को आईएसबीटी 17 में अस्थायी रूप से मंडी शिफ्ट करवा दी थी। फल, सब्जी और आलू-प्याज का कारोबार करने वाले 168 लाइसेंसी इन दिनों नई सब्जी मंडी में गिरते कारोबार को लेकर बेहद परेशान हैं।
कारोबार नहीं होने के कारण आढ़तियों ने भी मांग के अनुरूप ही माल लेना शुरू कर दिया है। इससे जमींदारों को अपनी फसल का अच्छा दाम नहीं मिल पा रहा है। परेशान होकर 35 फीसदी जमींदार पंजाब की मंडियों की ओर चले गए हैं। वहां उन्हें अपनी फसल का अच्छा दाम मिल रहा है।
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चंडीगढ़ में खरड़ से अपनी टमाटर की फसल लेकर पहुंचे जमींदार सुखवीर ने बताया कि टमाटर की उनकी जो क्रेट 200 रुपये की बिकती थी वह अब 60 से 70 रुपये में बिक रही है। हमारी लागत भी नहीं निकल पा रही है, मजबूरी में हम यहां के बजाय पंजाब में सामान बेचने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं।
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बापूधाम कालोनी में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण यूटी प्रशासन ने 4 मई को साप्ताहिक बंदी के दिन सोमवार को आईएसबीटी 17 में अस्थायी रूप से मंडी शिफ्ट करवा दी थी। फल, सब्जी और आलू-प्याज का कारोबार करने वाले 168 लाइसेंसी इन दिनों नई सब्जी मंडी में गिरते कारोबार को लेकर बेहद परेशान हैं।
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कारोबार नहीं होने के कारण आढ़तियों ने भी मांग के अनुरूप ही माल लेना शुरू कर दिया है। इससे जमींदारों को अपनी फसल का अच्छा दाम नहीं मिल पा रहा है। परेशान होकर 35 फीसदी जमींदार पंजाब की मंडियों की ओर चले गए हैं। वहां उन्हें अपनी फसल का अच्छा दाम मिल रहा है।
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चंडीगढ़ में खरड़ से अपनी टमाटर की फसल लेकर पहुंचे जमींदार सुखवीर ने बताया कि टमाटर की उनकी जो क्रेट 200 रुपये की बिकती थी वह अब 60 से 70 रुपये में बिक रही है। हमारी लागत भी नहीं निकल पा रही है, मजबूरी में हम यहां के बजाय पंजाब में सामान बेचने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं।
मार्केट कमेटी को दो करोड़ की फीस का घाटा
सेक्टर-26 मंडी के अनुरूप कारोबारियों के साथ ही मार्केट कमेटी को भी फीस का घाटा हो रहा है। 22 दिन में 22 करोड़ का कम कारोबार होने के कारण 2 करोड़ रुपये मार्केट कमेटी को फीस का नुकसान हो चुका है। हालांकि कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण को रोकने के लिए कुछ तो नुकसान उठाना ही पड़ेगा।
बंद होटल, इटिंग प्वाइंट का भी है असर
चंडीगढ़ के होटलों, इटिंग प्वाइंट और हॉस्टलों में मंडी से 33 प्रतिशत फल, सब्जी और आलू-प्याज की सप्लाई की जाती थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण इन सबके बंद होने से भी सब्जियों की मांग कम हुई है। इससे मंडी के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
बंद पड़ी हैं किसान मंडियां
कोरोना संक्रमण के खतरों को देखते हुए सेक्टरों में लगने वाली किसान मंडियां प्रशासन ने बंद करा दी हैं। इन किसान मंडियों से कई वेंडर्स और रेहड़ी-फड़ी वाले फल, सब्जियां और आलू-प्याज लेकर आते थे। इन किसान मंडियों के जरिए 40 प्रतिशत मंडी में कारोबार होता था। किसान मंडियों के बंद होने से भी मंडी का कारोबार प्रभावित हुआ है।
फुटकर बिक्री पर रोक भी है वजह
आईएसबीटी 17 से पहले सेक्टर-26 की मंडी में फल, सब्जियों और आलू-प्याज की फुटकर बिक्री की जाती थी, लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए यूटी ने नई सब्जी मंडी में किसी भी प्रकार की फुटकर बिक्री पर रोक लगा रखी है। शहर के कई लोग सेक्टर-26 की मंडी में सस्ते के फेर में फुटकर सामान खरीदने के लिए जाते थे, लेकिन आईएसबीटी में रोक होने के कारण फुटकर बिक्री नहीं हो पा रही है।
बंद होटल, इटिंग प्वाइंट का भी है असर
चंडीगढ़ के होटलों, इटिंग प्वाइंट और हॉस्टलों में मंडी से 33 प्रतिशत फल, सब्जी और आलू-प्याज की सप्लाई की जाती थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण इन सबके बंद होने से भी सब्जियों की मांग कम हुई है। इससे मंडी के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
बंद पड़ी हैं किसान मंडियां
कोरोना संक्रमण के खतरों को देखते हुए सेक्टरों में लगने वाली किसान मंडियां प्रशासन ने बंद करा दी हैं। इन किसान मंडियों से कई वेंडर्स और रेहड़ी-फड़ी वाले फल, सब्जियां और आलू-प्याज लेकर आते थे। इन किसान मंडियों के जरिए 40 प्रतिशत मंडी में कारोबार होता था। किसान मंडियों के बंद होने से भी मंडी का कारोबार प्रभावित हुआ है।
फुटकर बिक्री पर रोक भी है वजह
आईएसबीटी 17 से पहले सेक्टर-26 की मंडी में फल, सब्जियों और आलू-प्याज की फुटकर बिक्री की जाती थी, लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए यूटी ने नई सब्जी मंडी में किसी भी प्रकार की फुटकर बिक्री पर रोक लगा रखी है। शहर के कई लोग सेक्टर-26 की मंडी में सस्ते के फेर में फुटकर सामान खरीदने के लिए जाते थे, लेकिन आईएसबीटी में रोक होने के कारण फुटकर बिक्री नहीं हो पा रही है।