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Chandigarh News: नई तकनीक के हथियारों नेे चटाई धूल... पाकिस्तानी ड्रोन और चीन निर्मित मिसाइलों को किया नेस्तनाबूद

Tue, 13 May 2025 01:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 13 May 2025 01:17 AM IST
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New technology weapons wiped out Pakistani drones and Chinese made missiles
चंडीगढ़। भारत-पाकिस्तान सीमा पर नई तकनीक वाले हथियारों ने सेना को बढ़त दिलवाई है। सेना की ओर से हाल ही में खरीदे गए यूएवी ड्रोन सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही धूल चटाई। सेना द्वारा हाल ही में खरीदे गए कुछ नए ड्रोन के जरिये पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया गया जबकि मिग-29के और राफेल व एयरबोर्न अर्ली वार्निंग फाइटर्स से लैस एयरक्राफ्ट कैरियर ने दुश्मन के विमानों को पास आने से रोकने का काम किया। सेना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लगातार पांच दिनों तक बॉर्डर पर भारत-पाक के बीच चली लड़ाई में पाकिस्तान नेे खुद के नहीं बल्कि चीन निर्मित मिसाइलों का भी प्रयोग किया।
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सेना नेे खुद के देश में बने हथियारों का किया प्रयोग
भारतीय थल व वायुसेना ने दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए विदेशी नहीं बल्कि आधे से अधिक देश में बने हथियारों का प्रयोग किया। वायु सेना ने पाक की ओर से आने वाले हमलों का पता करने के लिए मल्टी लेयर एयर डिफेंस का प्रयोग किया। इसके जरिये पाक के ड्रोन व मिसाइलों का पता लगा। इसके साथ ही सेना ने अलग-अलग तकनीक वाले एयर डिफेंस सिस्टम साफ्ट किल, एयर डिफेंस सिस्टम हार्ड किल, एयर डिफेंस सिस्टम आकाश का प्रयोग किया। इसके अलावा मोबाइल एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क सेंटर बनाया गया था, जिसके जरिये अलग-अलग जगहों पर आसमान में नजर रखी जा रही थी।
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वायुसेना के कंट्रोल सिस्टम से रखी गई दुश्मन पर नजर
चंडीगढ़, पठानकोट और बरनाला में वायुसेना की ओर से इंटीग्रेेटिड एयर कमांड व कंट्रोल सिस्टम बनाया गया था। सभी कंट्रोल रूम को एक-दूसरे के साथ कनेक्ट किया गया था। सभी कंट्रोल रूम अपने-अपने आसपास कई किलोमीटर क्षेत्रों में रडार के जरिये आसमान में दुश्मनों के ड्रोन व मिसाइलों पर नजर रख रहे थे। पठानकोट, सिरसा व बरनाला एयरबेस पर हुए हवाई हमले को वायुसेना ने पहले ही रडार के जरिये पता कर दुश्मनों के ड्रोन व मिसाइलों को डैमेज करने का काम किया।
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