शुभ नवरात्रि: जीएसटी की नई दरें लागू, मार्केट में बूम...कार से लेकर आइसक्रीम तक के दाम में गिरावट
जीएसटी की नई दरें लागू होने से कई चीजों के दाम में गिरावट आएगी। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा का कहना है कि इससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। नोटबंदी और जीएसटी के बाद कारोबार में काफी गिरावट आई थी लेकिन स्लैब कम होने से एक बार फिर बाजार गुलजार होंगे।
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केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी की नई दरें लागू होने का इंतजार खत्म हो गया। आज से नई दरें लागू हो रही हैं। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
दवाइयों से लेकर घर के जरूरी सामान और ऑटोमोबाइल तक कई चीजों के दाम घट गए हैं। सरकार का दावा है कि इससे महंगाई पर लगाम लगेगी और बाजार में रौनक वापस आएगी।
जनरल स्टोर कारोबारी देवेंद्र कुमार का कहना है कि घर में इस्तेमाल होने वाले करीब 350 से ज्यादा सामानों पर जीएसटी 12% से घटकर 5% हो गया है। इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति 10,000 रुपये का सामान खरीदता है, तो पहले उसे 1200 रुपये जीएसटी देना पड़ता था। अब सिर्फ 500 रुपये देना होगा। देवेंद्र कुमार ने कहा कि 12 फीसदी जीएसटी के साथ 600 रुपये प्रति किलो का देसी घी अब करीब 562 रुपये में मिलेगा।
वहीं, वेरका और अमूल दुग्ध उत्पादों के दाम भी घटे हैं। वेरका ने यूएचटी दूध (अल्ट्रा हाईटेंपरेचर मिल्क) की कीमत 2 रुपये प्रति लीटर और प्रोसेस्ड पनीर की कीमत 20 रुपये प्रति किलोग्राम घटाई है। वेरका घी 30 से 35 रुपये प्रति लीटर/किलोग्राम सस्ता मिलेगा। टेबल बटर की कीमत 30 रुपये प्रति किलोग्राम, अनसाॅल्टेड बटर की कीमत 35 रुपये प्रति किलोग्राम घटाई गई है। इसके साथ आइसक्रीम (गैलन, ब्रिक और टब) जैसे अन्य उत्पादों की कीमतों में भी 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है।
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कारों पर 50 से 60 हजार रुपये तक की बचत
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी जीएसटी दरों में कमी से काफी उत्साह है। अब तक कारों और बाइकों पर 28% जीएसटी लगता था, जो अब घटकर 18% हो गया है। इससे गाड़ियों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। फेडरेशन ऑफ चंडीगढ़ रीजन ऑटोमोबाइल डीलर्स के प्रेसिडेंट रंजीव दहूजा के मुताबिक जीएसटी दरों में बदलाव से 10 लाख रुपये तक की कार पर ग्राहकों को 50 से 60 हजार रुपये का फायदा हो सकता है। एसयूवी व अन्य गाड़ियों के कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग फायदा मिलेगा।
रंजीव दहूजा ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन करीब 40 गाड़ियों की डिलीवरी है। अभी लोग जीएसटी के नए रेट के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं इसलिए सेल काफी गिर गई थी लेकिन अब उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार से बढ़ोतरी होगी। वहीं, दोपहिया वाहनों की बात करें तो बजाज की प्लेटिना में करीब 7 से 8 हजार रुपये का फायदा होगा। इसमें गाड़ियों का बीमा सस्ता होना भी प्रमुख कारण है।
आज से दवाओं पर भी मिलेगी छूट
दवाओं पर जीएसटी में बदलाव से मरीजों को भी बड़ी राहत मिली है। कुछ दवाएं जो पहले 18% जीएसटी स्लैब में थीं, अब 5% में आ गई हैं, जिससे इन पर 11% से ज्यादा की छूट मिलेगी। सेक्टर-15 के दवा कारोबारी विनय जैन ने बताया कि दवाओं की नई एमआरपी अभी नहीं आई है लेकिन सोमवार से छूट देने का निर्देश है। 12 फीसदी का प्रोडक्ट जो 5% पर आया है, उसमें 6.25 फीसदी की छूट मिलेगी। 12 फीसदी स्लैब से जो दवाएं या सामान शून्य जीएसटी में आए हैं, उस पर 10.72 फीसदी की छूट मिलेगी। वहीं, 5 फीसदी जीएसटी से शून्य स्लैब में आई दवाओं पर 4.77 फीसदी की छूट मिलेगी। इसके अलावा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की 33 जरूरी दवाओं पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा।
3600 रुपये का होटल अब 3375 रुपये में बुक होगा
होटल के कमरों के किराए पर भी टैक्स घटा है। उदाहरण के लिए 12% जीएसटी के साथ जो कमरा 3600 रुपये में मिलता था, अब 3375 रुपये में बुक होगा। इससे 225 रुपये की बचत होगी। होटल कारोबारी गोपाल वाधवा का कहना है कि होटल व्यवसायियों के लिए यह अच्छा कदम है। इससे टैक्स का बोझ कम होगा और कागजी कार्रवाई भी आसान होगी। पिछले कुछ साल से लगातार कमजोर हो रहे छोटे और मध्यम वर्ग के होटल कारोबारियों को इससे राहत मिलेगी और मार्केट आगे बढ़ेगा।
स्वास्थ्य और जीवन बीमा में सबसे बड़ी राहत
स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर अब तक 18% जीएसटी लगता था, लेकिन अब इसे शून्य कर दिया गया है। इससे 25,000 के प्रीमियम पर 4500 तक की सीधी बचत होगी। अगर किसी के बीमा का बेस प्राइस 25 हजार रुपये है तो 18 फीसदी जीएसटी के साथ 4500 रुपये अतिरिक्त देना पड़ता था लेकिन अब शून्य जीएसटी कर दिया गया है तो 25000 रुपये ही देने होंगे। एक निजी कंपनी के लिए बीमा करने वाले जोगिंदर ने बताया कि जीएसटी शून्य होने से पॉलिसी लेने वालों की संख्या बढ़ेगी। बहुत सारे लोग इंतजार कर रहे थे कि 22 सितंबर के बाद वह अपनी पॉलिसी लेंगे या उसका नवीनीकरण कराएंगे।
शिकायत कहां करें?
अगर नई दरों का फायदा न मिले तो आप इन हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं:
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन: 1800-11-4000
सीबीआईसी और जीएसटी हेल्पलाइन: 1800-1200-232
आप नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी की वेबसाइट पर भी बिल की कॉपी और दुकानदार का नाम-पता देकर शिकायत कर सकते हैं।