चंडीगढ़ में नए कलेक्टर रेट: गांवों की जमीनें चार गुना तक महंगी, सेक्टर-1 से 12 के रेट भी डेढ़ गुना बढ़े
नई दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगी, जिससे प्रॉपर्टी बाजार पर सीधा असर पड़ेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में भी कलेक्टर रेट में इजाफा हुआ है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 और 2 का रेट 62,599 रुपये प्रति वर्ग गज से बढ़कर 83,100 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जो करीब 32.7 फीसदी की वृद्धि है।
विस्तार
चार साल बाद यूटी प्रशासन ने कलेक्टर रेट में बड़ा बदलाव किया है। इससे शहर और गांवों में जमीनों के दामों में भारी इजाफा हुआ है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की कीमत तीन से चार गुना तक बढ़ गई हैं, जबकि सेक्टर-1 से 12 में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 2021 और 2017 में कलेक्टर रेट संशोधित किए गए थे।
एक अप्रैल से होंगी लागू
नई दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगी, जिससे प्रॉपर्टी बाजार पर सीधा असर पड़ेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में भी कलेक्टर रेट में इजाफा हुआ है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 और 2 का रेट 62,599 रुपये प्रति वर्ग गज से बढ़कर 83,100 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है, जो करीब 32.7 फीसदी की वृद्धि है। पहले इंडस्ट्रियल एरिया फेज 3 का कलेक्टर रेट नहीं था, लेकिन प्रशासन ने पहली बार यहां का कलेक्टर रेट भी 62,600 रुपये प्रति वर्ग गज तय किया है। यहां के रेट कम रखे गए हैं, क्योंकि प्रशासन तीसरे फेज को अगले वित्त वर्ष में बसाने की तैयारी कर रहा है।
वहीं, कोल डिपो, चक्की साइट, आयरन मार्केट और ट्रांसपोर्ट एरिया के लिए कलेक्टर रेट 92,664 रुपये से बढ़कर 98,800 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है। सेक्टर 17 में एससीओ/एससीएफ के कलेक्टर रेट 5,25,405 रुपये से बढ़ाकर 5,54,400 रुपये कर दिए गए हैं। मध्य मार्ग, सेक्टर 34 और 22 में यह रेट 3,75,289 रुपये से बढ़कर 4,47,300 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है।
अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में 10 फीसदी से 45 फीसदी तक वृद्धि देखी गई है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि ये दरे मार्केट के सर्वे के आधार पर तय की गई हैं। इस पर बुधवार से 20 मार्च तक जनता से राय ली जाएगी। लोग ईमेल dc-chd@nic.in करके या डीसी ऑफिस में जाकर भी अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं। हालांकि माना जा रहा है कि यही अंतिम दरें यही रहेंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा उछाल, 438 फीसदी तक बढ़े दाम
ग्रामीण क्षेत्रों में कलेक्टर रेट में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। आबादी देह क्षेत्र में दरें 12,870 रुपये से बढ़ाकर 53,600 रुपये कर दी गई हैं, जो 316 फीसदी की वृद्धि है। ग्रामीण व्यावसायिक क्षेत्र में यह रेट 26,770 रुपये से बढ़कर 1,44,100 रुपये प्रति वर्ग गज हो गया है, जो 438 फीसदी की भारी बढ़ोतरी है। इसके अलावा, शहरी इलाकों के आवासीय क्षेत्रों में सेक्टर 1 से 12 में कलेक्टर रेट 78,250 रुपये से बढ़ाकर 1,78,600 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया गया है। सेक्टर 14 से 37 के लिए यह 74,338 रुपये से बढ़कर 1,47,600 रुपये किया गया है। जानकारों का मानना है कि कलेक्टर रेट में इस बढ़ोतरी का असर प्रॉपर्टी के बाजार पर भी पड़ेगा। रजिस्ट्री कराने पर स्टांप ड्यूटी भी बढ़ेगी, जिससे संपत्तियों की कुल लागत में इजाफा होगा।
2021 और 2025 के कलेक्टर रेट की तुलना (रुपये प्रति स्क्वेयर यार्ड)
अर्बन एरिया - कॉमर्शियल क्षेत्र 2021 2025 वृद्धि (प्रतिशत)
इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 और 2 62,599 83,100 32.7%
कोल डिपो, चक्की साइट, आयरन मार्केट, टिंबर मार्केट, ट्रांसपोर्ट एरिया 92,664 98,800 6.6%
मोटर मार्केट मनीमाजरा 1,54,440 2,02,600 31.2%
शिवालिक एन्क्लेव (एससीओ) 3,24,324 3,86,700 19.2%
मिल्क कॉलोनी धनास 3,60,360 3,60,400 लगभग स्थिर
बूथ (सेक्टर-8, 15, 19, 22, 34, 35) 4,40,154 5,54,400 26%
बूथ (सेक्टर-7, 9, 10, 11, 26, 16, 17ए और बी, 18, 20, 21, 32) 3,52,123 3,97,100 12.8%
बूथ (अन्य सेक्टर) 2,44,530 2,97,700 21.8%
एससीओ/एससीएफ (सेक्टर 17) 5,25,405 5,54,400 5.5%
एससीओ/एससीएफ (मध्य मार्ग, सेक्टर 34, 22, 35-34) 3,75,289 4,47,300 19.2%
एससीओ/एससीएफ (अन्य सेक्टर) 3,08,880 4,49,200 45.4%
एससीओ/एससीएफ (मोटर मार्केट मनीमाजरा) 2,77,992 3,08,400 11%
अर्बन एरिया - आवासीय क्षेत्र 2021 2025 वृद्धि (प्रतिशत)
सेक्टर 1-12 (आवासीय) 78,250 1,78,600 128%
सेक्टर 14-37 (आवासीय) 74,338 1,47,600 98.5%
सेक्टर 38 और आगे (आवासीय) 70,424 1,28,200 82%
शिवालिक एन्क्लेव (आवासीय) 58,687 83,500 42.3%
मिल्क कॉलोनी धनास (आवासीय) 48,906 66,900 36.7%
ग्रामीण - आवासीय और कॉमर्शियल क्षेत्र 2021 2025 वृद्धि (प्रतिशत)
ग्रामीण क्षेत्र (आबादी देह) 12,870 53,600 316%
ग्रामीण क्षेत्र (व्यावसायिक) 26,770 1,44,100 438%