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PGI में भाई-भतीजावाद, 5वां चौंकाने वाला खुलासा

Fri, 03 Apr 2015 05:58 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 03 Apr 2015 05:58 PM IST
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nepotism in pgi, new disclosure on petient and doctors

पीजीआई में भाई-भतीजावाद के खेल के लिए ऑपरेशन थियेटर (ओटी) सबसे बड़ा अखाड़ा हैं। फैकल्टी मेंबर्स की रिसर्च उनके द्वारा किए जाने वाले ऑपरेशन्स पर निर्भर करती है। कब किसकी ड्यूटी ओटी में लगेगी यह हेड ऑफ डिपार्टमेंट (एचओडी) तय करते हैं। इसलिए कई कंसलटेंट ओटी में ड्यूटी के लिए इंतजार ही करते रह जाते हैं। इस वजह से उनकी रिसर्च भी लटकी रहती है।

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ऑपरेशन थियेटर की पॉलिटिक्स से परेशान होकर 2013 में पीजीआई के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर आरके सेन ने पीजीआई छोड़ दी थी। उन्हें हिप रिप्लेसमेंट और कूल्हे टूटने के इलाज में महारत हासिल है।
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विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उन्हें ऑपरेशन टेबल के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। अपनी फेयरवेल पार्टी में भी उन्होंने इसका जिक्र किया था कि वे पीजीआई में काफी लंबे वक्त तक काम करना चाहते थे। हालांकि बुधवार को जब उनसे इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कुछ कहने से इनकार कर दिया।
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मरीज को महंगा पड़ रहा इलाज
पीजीआई से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के जाने के कारण मरीजों को इलाज महंगा पड़ रहा है। हिप रिप्लेसमेंट पीजीआई में करीब एक लाख रुपये में हो जाता है, जबकि प्राइवेट हास्पिटल में इसका इलाज करीब ढाई से तीन लाख रुपये में पड़ता है। अब मरीज प्राइवेट हॉस्पिटल में ही जा रहे हैं।

कितने ऑपरेशन टेबल
डिपार्टमेंट्-----------टेबल
जनरल सर्जरी--------3
ऑर्थोपेडिक-----------2
यूरोलॉजी-------------2
प्लास्टिक सर्जरी-----2
ईएनटी--------------2
न्यूरोसर्जरी---------3
गायनी------------2
(नोट : आई और कार्डियोलाजी डिपार्टमेंट के आपरेशन थियेटर अलग से बने हैं। इसमें सर्जन को कोई दिक्कत नहीं आती।)

ऑपरेशन थियेटर कम होना भी एक कारण

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आपरेशन लंबे खिंचने का एक कारण यह भी है कि पीजीआई में ओटी टेबल काफी कम हैं। काफी दिनों से कई अन्य ऑपरेशन थियेटर बनाने की डिमांड चल रही है। कई ओटी बंद चल रहे हैं। लीवर ट्रांसप्लांट का ओटी अब भी बंद है।

डे केयर सर्जरी सेंटर अब तक नहीं बन पाया है। इस बारे में काफी दिन से प्रयास चल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं मिल पाया है। इन सबके बावजूद पीजीआई में 2014 में कुल 40249 बड़ी सर्जरी हुई, जबकि 147614 माइनर सर्जरी हुई।

टीडी यादव, प्रेसिडेंट, फैकल्टी एसोसिएशन पीजीआई ने बताया कि फेकल्टी एसोसिएशन के चुनाव में ऑपरेशन थियेटर का ही मुद्दा मुख्य था, लेकिन इस बारे में अभी मैं कुछ भी नहीं क ह पाऊंगा। मैं आज ही प्रधान चुना गया हूं।

एक एडिशनल प्रोफेसर पीजीआई (नाम न छापने की शर्त पर बताया) कि मेरा ओटी में नंबर हफ्ते में एक बार आता है। कभी तो डेढ़ हफ्ते में। आप समझ सकते हैं।

नाम से कंफ्यूजन
पीजीआई में ए चक्रवर्ती के नाम से कंफ्यूजन हो गया है। फार्माकोलॉजी के हेड आफ डिपार्टमेंट ए चक्रवर्ती हैं। इसी प्रकार मेडिकल माइक्रोबायोलाजी के हेड आफ डिपार्टमेंट भी ए चक्रवर्ती हैं। फार्माकोलॉजी के हेड ए चक्रवर्ती का पीजीआई में कोई भी रिश्तेदार नहीं है, जबकि मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी के हेड ए चक्रवर्ती के रिश्तेदार पीजीआई में नियुक्त हैं।

आप भी दे सकते हैं जानकारी
यदि आपकी या आपके किसी मरीज की सर्जरी भी प्रभावित हुई हो, तो हमें बताएं। आप इस नंबर 9569492729 पर सुबह 11 बजे से लेकर पांच बजे तक कॉल कर सकते हैं।

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