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Chandigarh News: ड्रग मनी पर एनसीबी की बड़ी कार्रवाई, 52 लाख रुपये नकद जब्त
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चंडीगढ़। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने ड्रग मनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स की अवैध डायवर्जन और उससे अर्जित काली कमाई की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 52 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कार्रवाई बीते चार दिनों के दौरान की गई, जिसमें चंडीगढ़ के साथ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी गई।
एनसीबी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स की कालाबाजारी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जांच के तहत की गई है। अब तक इस मामले में कई अहम गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हाल ही में मैसर्स आईकॉन कंपनी के एक निदेशक की गिरफ्तारी के बाद जांच में महत्वपूर्ण खुलासे हुए। पूछताछ में सामने आया कि कंपनी के निदेशकों ने ड्रग तस्करी से अर्जित रकम को जांच एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए अपने सहयोगियों के पास अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रख दिया था।
सूचना मिलते ही एनसीबी की टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा। लगातार पूछताछ और दबाव के बाद दो सहयोगियों ने अपने पास रखी गई रकम एनसीबी के समक्ष जमा कराई। एनसीबी के अनुसार 16 जनवरी 2026 को 25 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जबकि 19 जनवरी 2026 को 27 लाख रुपये और जब्त किए गए। एजेंसी का कहना है कि यह पूरी राशि ड्रग्स के अवैध कारोबार से अर्जित की गई थी।
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चार राज्यों में सर्च ऑपरेशन जारी
एनसीबी ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है और चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश में कई अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो फरार आरोपियों को शरण देने वालों और अवैध धन छिपाने में मदद करने वालों की पहचान कर रही है।
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एनसीबी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई साइकोट्रॉपिक टैबलेट्स की कालाबाजारी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जांच के तहत की गई है। अब तक इस मामले में कई अहम गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हाल ही में मैसर्स आईकॉन कंपनी के एक निदेशक की गिरफ्तारी के बाद जांच में महत्वपूर्ण खुलासे हुए। पूछताछ में सामने आया कि कंपनी के निदेशकों ने ड्रग तस्करी से अर्जित रकम को जांच एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए अपने सहयोगियों के पास अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रख दिया था।
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सूचना मिलते ही एनसीबी की टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा। लगातार पूछताछ और दबाव के बाद दो सहयोगियों ने अपने पास रखी गई रकम एनसीबी के समक्ष जमा कराई। एनसीबी के अनुसार 16 जनवरी 2026 को 25 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जबकि 19 जनवरी 2026 को 27 लाख रुपये और जब्त किए गए। एजेंसी का कहना है कि यह पूरी राशि ड्रग्स के अवैध कारोबार से अर्जित की गई थी।
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एनसीबी ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है और चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश में कई अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो फरार आरोपियों को शरण देने वालों और अवैध धन छिपाने में मदद करने वालों की पहचान कर रही है।