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नायब कोर्ट ने रुकवा लिया था ट्रांसफर

Wed, 09 Apr 2014 01:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला,चंडीगढ़ Updated Wed, 09 Apr 2014 01:26 AM IST
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NB court stopped the transfer
रिश्वत लेते पकड़े गए नायब कोर्ट बलराज का एक महीने पहले जिला अदालत से मलोया पुलिस चौकी में तबादला हो चुका था। लेकिन, बलराज ने अपनी नई तैनाती वाली जगह पर ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। हर बार की तरह उसने अपनी बदली रुकवा ली थी। हैरानी यह है कि कांस्टेबल नायब कोर्ट की बार-बार बदली कौन रुकवा रहा था। नायब कोर्ट का तबादला रुकवाने को लेकर पुलिस विभाग की पीईबी ब्रांच के कर्मचारी शक के घेरे में आ गए है। आखिर ब्रांच में बैठे जवान कांस्टेबल बलराज का तबादला जिला अदालत में क्यों कर रहे थे।
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पिछले 21 सालों में कांस्टेबल बलराज को अन्य यूनिटों में क्यों नहीं भेजा गया था। पुलिस विभाग के अफसरों ने मामले को लेकर सारी रिपोर्ट तलब कर ली है। धनास के मिल्क कालोनी निवासी रोमी ने पांच अप्रैल को सीबीआई को शिकायत दी कि उसके खिलाफ जिला अदालत के कोर्ट रूम नं. 14 में मारपीट को केस चल रहा है। पेशी पर हाजिर न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ एक अप्रैल को गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। इस पर रोमी ने अदालत के नायब कोर्ट बलराज से संपर्क किया। बलराज ने कहा कि जमानत चाहिए तो पांच हजार रुपये लगेंगे। सौदा तीन हजार  रुपये में तय हुआ। जिसके बाद  सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल बलराज को तीन हजार रिश्वत लेते सेक्टर 43 जिला अदालत में रंगे हाथ पकड़ा था।
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