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Hindi News ›   Chandigarh ›   Naxalism and Naxalites in Sant Rampal Satlok Ashram

रामपाल के 'सतलोक' में नकसली, चौंकाने वाला खुलासा

Tue, 25 Nov 2014 04:28 PM IST
मुकेश टंडन/अमर उजाला, रोहतक
मुकेश टंडन/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 25 Nov 2014 04:28 PM IST
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Naxalism and Naxalites in Sant Rampal Satlok Ashram

संत रामपाल के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में नकसलियों के होने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। करौंथा हो या बरवाला का सतलोक आश्रम। दोनों में अभी तक हुए विवाद ने एक बात साफ कर दी है कि नक्सलियों का आश्रम से गहरा नाता है।

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यहां ट्रेंड नक्सली आश्रम में अनुयायियों और रामपाल के निजी कमांडो को विशेष तौर पर गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण दे रहे थे। जिस तरह से सतलोक में पुलिस से लड़ने की तैयारियां की गई थीं उससे साफ हो गया है कि नक्सलियों का वहां वर्चस्व था।
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प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्रीनिवास वशिष्ठ ने भी माना है कि आश्रम में नक्सलियों की उपस्थिति थी। भले ही यह मामला रामपाल तक सिमट रहा है लेकिन पुलिस महकमा इस चिंता में आ गया है कि इस आश्रम के रास्ते प्रदेश में नक्सलवाद तो नहीं पनप रहा है।
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युद्ध की तैयारियां भी कराई जा रही थी

Naxalism and Naxalites in Sant Rampal Satlok Ashram

बरवाला आश्रम के हालातों को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि यह संत का आश्रम नहीं बल्कि 12 एकड़ में युद्ध का प्रशिक्षण स्थल था। आश्रम के भीतर रिटायर्ड पुलिस कर्मियों के अलावा ट्रेंड नक्सलियों की ओर से कमांडो को प्रशिक्षण देने के साथ ही युद्ध की तैयारियां कराई जा रही थीं।

इन ट्रेंड नक्सलियों ने न केवल अनुयायियों की मदद से आश्रम में मचान बनाकर युद्ध के लिए मोर्चे बना रखे थे, बल्कि उसके साथ ही वहां से पुलिस पर हमला करने की भी पूरी तैयारी थी। इन सारी तैयारियों में पेट्रोल बम, एसिड बम, पत्थरों का जमावड़ा, लाठियों का संग्रह, एयर गन, गुलेल व कांच की गोलियां भी बरामद की गई हैं।

ये सारा तरीका गुरिल्ला युद्ध का ही एक हिस्सा है। इसमें हमला छुप कर किया जाता है। इन ट्रेंड नक्सलियों ने अनुयायियों में से खासकर युवाओं को इस तरह से प्रशिक्षित किया था कि एक बार में तो पुलिस के भी पैर उखाड़ दिए थे।

नक्सली इलाके में है रामपाल का आश्रम

Naxalism and Naxalites in Sant Rampal Satlok Ashram

सतलोक के तार मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाके से जुड़े हैं। मध्य प्रदेश के बैतूल में भी सतलोक आश्रम है जो आदिवासियों की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया है। आश्रम में पहुंचे अनुयायियों में भी जो कमांडो थे उनमें ज्यादातर संख्या बाहरी युवाओं की ही है। वह पश्चिम बंगाल्र, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के युवा शामिल हैं।

प्रदेश में नक्सल की दस्तक से पुलिस हैरान
बरवाला और करौंथा में नक्सलवाद की दस्तक से पुलिस भी परेशान हो चली है। यदि पुलिस रिकार्ड की बात करें तो करौंथा आश्रम कांड वर्ष 2006 में हुआ था। इसके बाद बरवाला में आश्रम बना, वहां सभी तरह के हथियार एकत्र होते रहे, नक्सली आते रहे। लेकिन न तो प्रदेश की गुप्तचर विभाग को ही पता चला और न ही पुलिस विभाग को। एक बार फिर नक्सलियों की दस्तक ने पुलिस को परेशान कर दिया है।

ये हैं नक्सली स्टाइल बम

Naxalism and Naxalites in Sant Rampal Satlok Ashram

ऑपरेशन आश्रम में बरवाला में लगे एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पेट्रोल व एसिड बम बनाना आसान नहीं है। लेकिन जिस तरह के बम यहां मिले हैं।

उनमें पेट्रोल के साथ डीजल भी मिक्स किया गया है और इसके साथ ही लोहे की कील भी डाली गई हैं। इस तरह के बम की मार ज्यादा गंभीर होती है। नक्सली इसी तरह के बमों से हमला कर देते हैं।

इसके अलावा गुरिल्ला युद्ध जैसी लड़ाई में भी नक्सली माहिर होते हैं। वे छुपकर दुश्मन पर वार करते हैं। इसी तर्ज पर करौंथा और बरवाला दोनों आश्रमों में पुलिस पर हमला किया गया है।

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