पंजाब: अब सिद्धू ने की 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 24 घंटे आपूर्ति की मांग, केजरीवाल पहले ही कर चुके एलान
नवजोत सिंह सिद्धू ने वही मांग की है जिसका एलान अरविंद केजरीवाल पंजाब के लोगों के लिए चंडीगढ़ में एक प्रेसवार्ता के दौरान कर चुके हैं। इससे पहले सिद्धू ने अरविंद केजरीवाल के दिल्ली मॉडल पर भी निशाना साधा था और पंजाब के लिए ओरिजनल मॉडल की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि बिजली सब्सिडी के तौर पर दिल्ली केवल 1699 करोड़ देती है, जबकि पंजाब नौ हजार करोड़ की सब्सिडी देता है। इसलिए कॉपी किए मॉडल की जगह पंजाब को खुद का ओरिजनल मॉडल चाहिए।
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पंजाब में बिजली संकट है। भीषण गर्मी और धान सीजन में लोगों को कटौती का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया है। आम आदमी पार्टी और शिअद बिजली संकट के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। अब कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब में उपभोक्ताओं को बिजली की 300 यूनिट मुफ्त दी जानी चाहिए। इतना ही नहीं सिद्धू ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी उठाया है।
सस्ते दाम में बिजली का मुद्दा उठाया
पंजाब में बिजली की दरें काफी महंगी हैं। राज्य में महंगी बिजली भी मुद्दा है। सिद्धू ने कहा कि घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने की मांग की। सिद्धू ने ट्वीट किया कि पंजाब पहले ही 9,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी मुहैया कराता है लेकिन हमें घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए और कदम उठाने की आवश्यकता है।
अधिभार को 10 से 12 रुपये प्रति इकाई बढ़ाने के बजाये तीन से पांच रुपये प्रति इकाई की दर पर उन्हें बिजली दी जानी चाहिए। इसके अलावा कटौती किए बिना उन्हें चौबीस घंटे बिजली मुहैया कराई जानी चाहिए और (300 इकाई तक) निशुल्क बिजली दी जानी चाहिए... ऐसा निश्चित ही किया जा सकता है।
केजरीवाल ने किया यही वादा
नवजोत सिंह सिद्धू की मांग से कुच दिन पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चंडीगढ़ में एक प्रेसवार्ता की थी। इसमें केजरीवाल ने एलान किया था कि अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो प्रत्येक घर में 300 यूनिट बिजली मुफ्त और 24 घंटे आपूर्ति की जाएगी।
निशाने पर पिछली सरकार
सिद्धू ने एक और ट्वीट किया कि आइए हम कांग्रेस हाईकमान के लोक हितैषी 18 प्वाइंट एजेंडा से शुरू करें और 'पंजाब विधानसभा में नए विधान' के माध्यम से बिना किसी निश्चित शुल्क के नेशनल पावर एक्सचेंज के अनुसार दरें तय करके बादल-हस्ताक्षरित बिजली खरीद समझौतों से छुटकारा पाएं!
बादल सरकार द्वारा निजी कंपनियों के साथ किए समझौतों को जनहित के खिलाफ बताते हुए सिद्धू ने निशाना साधा। उन्होंने लिखा- बादल सरकार ने पंजाब में तीन निजी थर्मल प्लांटों के साथ पीपीए पर हस्ताक्षर किए। इसकी वजह से पंजाब 2020 तक 5400 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है।
आगे भी 65 हजार करोड़ रुपये का भुगतान फिक्स चार्ज के तौर पर किया जाएगा, जबकि पंजाब नेशनल ग्रिड से काफी सस्ती दरों में बिजली खरीद सकता है। सिद्धू ने लिखा- कानूनी संरक्षण होने के कारण पंजाब इन पीपीए पर फिर से बातचीत नहीं कर सकता है लेकिन पंजाब विधानसभा किसी भी समय नेशनल पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध कीमतों पर बिजली खरीद लागत के लिए नया कानून ला सकती है। कानून में संशोधन करने से ये समझौते खत्म हो जाएंगे।