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नवजोत सिद्धू को लेकर खत्म हुआ सस्पेंस, कांग्रेस ने किया बड़ा एलान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 22 Dec 2016 09:57 AM IST
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Navjot Singh Sidhu meets Rahul Gandhi
- फोटो : File Photo
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भाजपा के पूर्व सांसद नवजोत सिद्धू को लेकर सियासी हलकों में चल रहा असमंजस आखिर खत्म हो गया है। सिद्धू जल्द ही औपचारिक तौर पर कांग्रेस ज्वाइन कर लेंगे। इसके बाद वह विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हक में प्रचार की कमान संभालेंगे। उनके अमृतसर ईस्ट से चुनाव लड़ने की भी संभावना है।
जानकारी के मुताबिक सिद्धू ने मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। अपनी चुनावी रैलियों के बीच में मंगलवार को ही राहुल दिल्ली में थे क्योंकि कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की मीटिंग होनी थी। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के प्रयासों से यह मीटिंग हुई। इसमें सिद्धू के औपचारिक तौर पर कांग्रेस ज्वाइन करने पर मुहर लग गई है।
वह एक हफ्ते के अंदर कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। सिद्धू दिल्ली में ही कांग्रेस ज्वाइन करेंगे। उसके बाद वह पंजाब में कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। जोकि अकाली दल और भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है क्योंकि सिद्धू ने पहले भी लोकसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में अकाली दल के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था।
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जानकारी के मुताबिक सिद्धू ने मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। अपनी चुनावी रैलियों के बीच में मंगलवार को ही राहुल दिल्ली में थे क्योंकि कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की मीटिंग होनी थी। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के प्रयासों से यह मीटिंग हुई। इसमें सिद्धू के औपचारिक तौर पर कांग्रेस ज्वाइन करने पर मुहर लग गई है।
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वह एक हफ्ते के अंदर कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। सिद्धू दिल्ली में ही कांग्रेस ज्वाइन करेंगे। उसके बाद वह पंजाब में कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। जोकि अकाली दल और भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है क्योंकि सिद्धू ने पहले भी लोकसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में अकाली दल के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था।
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सर्वे में पत्नी की स्थिति अच्छी नहीं
नवजोत कौर पति सिद्धू के साथ
- फोटो : File Photo
सर्वे में पत्नी की स्थिति अच्छी नहीं
वहीं, सिद्धू के अपनी पत्नी डॉ. नवजोत कौर की सीट अमृतसर ईस्ट से चुनाव लड़ने की भी संभावना है। डॉ. नवजोत कौर की स्थिति सर्वे में अच्छी नहीं है, हलके में उनका विरोध भी है। जिसके चलते कांग्रेस सिद्धू को वहां से लड़ाना चाहती है। उनके लड़ने से एंटी इन्कम्बेंसी फैक्टर उतना नहीं रहेगा।
इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान खुद पंजाब में पावर बैलेंस बनाना चाहती है। सिद्धू के पंजाब कांग्रेस की सियासत में आने से प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह पर दबाव रहेगा क्योंकि सिद्धू का कद भी है और वह बेदाग भी हैं। कैप्टन की तरह वह भी पार्टी का बड़ा चेहरा बन सकते हैं। इसी मकसद से पार्टी ने कैप्टन की मर्जी के खिलाफ मनप्रीत बादल को चुनाव मैदान में उतारा है।
वहीं, सिद्धू के अपनी पत्नी डॉ. नवजोत कौर की सीट अमृतसर ईस्ट से चुनाव लड़ने की भी संभावना है। डॉ. नवजोत कौर की स्थिति सर्वे में अच्छी नहीं है, हलके में उनका विरोध भी है। जिसके चलते कांग्रेस सिद्धू को वहां से लड़ाना चाहती है। उनके लड़ने से एंटी इन्कम्बेंसी फैक्टर उतना नहीं रहेगा।
इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान खुद पंजाब में पावर बैलेंस बनाना चाहती है। सिद्धू के पंजाब कांग्रेस की सियासत में आने से प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह पर दबाव रहेगा क्योंकि सिद्धू का कद भी है और वह बेदाग भी हैं। कैप्टन की तरह वह भी पार्टी का बड़ा चेहरा बन सकते हैं। इसी मकसद से पार्टी ने कैप्टन की मर्जी के खिलाफ मनप्रीत बादल को चुनाव मैदान में उतारा है।