Punjab: खरगे की रैली से सिद्धू ने बनाई दूरी, सिर्फ X पर किया स्वागत, पंजाब में राजनीतिक कयासबाजी शुरू
नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस की समराला रैली में नहीं पहुंचे। रैली में उनके न पहुंचने की वजह भी सामने नहीं आई है। हालांकि सिद्धू इससे पहले भी कई बार पार्टी की बैठकों से दूरी बना चुके हैं। कई जिलों में अपनी अलग रैली भी आयोजित कर चुके हैं। पंजाब कांग्रेस में सिद्धू की इन्हीं रैलियों का विरोध हो रहा है।
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विस्तार
कांग्रेस ने रविवार को पंजाब के समराला में पार्टी कार्यकर्ताओं का पहला सम्मेलन आयोजित किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इस सम्मलेन में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्दू नहीं पहुंचे। सिद्धू का रैली में न आना पंजाब के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है। अब कयासबाजी का दौर चालू है। हालांकि सिद्धू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मल्लिकार्जुन खरगे का स्वागत किया। रैली स्थल पर लगे पोस्टर पर भी सिद्धू की तस्वीर नहीं दिखी। बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं के बीच लंबे समय से खींचतान चली आ रही है। पार्टी के कई नेता सिद्धू की शिकायत भी आलाकमान से कर चुके हैं। कई नेता तो सिद्धू पर कार्रवाई की मांग भी कर चुके हैं। अब पंजाब में सिद्धू को लेकर कयासबाजी का दौर भी शुरू हो चुका है।
सोशल मीडिया पर सिद्धू ने किया स्वागत
नवजोत सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि हम महान गुरुओं की पवित्र भूमि पर खरगे साहब का स्वागत करते हैं। कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता आज उनके मार्गदर्शन की आशा करता है और सबसे पुरानी पार्टी के सर्वोच्च कमांडर के रूप में उनकी इच्छा ही हमारी कमान होगी।
We welcome @kharge saheb to the pious land of the Great Guru’s … every worker of the Congress looks up to his guidance today and as Supreme Commander of the grand old party his wish will be our command !!!
विज्ञापन विज्ञापन— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) February 11, 2024
स्वागत सूची में भी नहीं था सिद्धू का नाम
पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कई बार पार्टी के अन्य नेताओं का जिक्र किया। मगर उन्होंने एक भी बार सिद्धू का नाम नहीं लिया। यहां तक कि मल्लिकार्जुन खरगे को नेताओं के नाम की जो सूची सौंपी गई, उसमें भी नवजोत सिंह सिद्धू का नाम शामिल नहीं था।
हाल ही में पंजाब कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव ने कार्यकर्ता सम्मलेन की तैयारी को लेकर एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में भी सिद्धू नहीं पहुंचे थे। सिद्धू ने लगातार प्रदेश इकाई की बैठकों से दूरी बना रखी है। वह जीतेगा पंजाब नाम से अलग रैली आयोजित कर रहे हैं। पिछले महीने मोगा में उन्होंने एक विशाल रैली आयोजित की थी। हालांकि सिद्धू की इस रैली की शिकायत अभिनेता सोनू सूद की बहन मालविका सूद ने पार्टी इकाई से की थी। वहीं सिद्धू की ये रैलियां कांग्रेस के कई नेताओं को पसंद नहीं आ रही हैं। इन नेताओं ने आलाकमान से सिद्धू की शिकायत की और एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं।
सिद्धू के करीबियों पर हो चुका एक्शन
21 जनवरी को मोगा में नवजोत सिंह सिद्धू की रैली महेश इंद्र सिंह और उनके बेटे धर्मपाल सिंह ने आयोजित की थी। बाद में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने दोनों नेताओं को निलंबित कर दिया था। इसके बाद सिद्धू ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिख था कि 'न मैं गिरा न मेरी उम्मीदों का कोई मीनार गिरा, पर मुझे गिराने की कोशिश में हर शख्स बार-बार गिरा।