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Hindi News ›   Chandigarh ›   Navjot Sidhu targeted Delhi CM Arvind Kejriwal on Delhi Liquor Scam

Punjab: अरविंद केजरीवाल पर भड़के नवजोत सिद्धू, कहा-शराब घोटाले पर चुप्पी सिद्धांतों के साथ विश्वासघात

Tue, 02 Jan 2024 10:48 AM IST
निवेदिता वर्मा डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़/पटियाला
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़/पटियाला Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 02 Jan 2024 10:48 AM IST
सार

राष्ट्रीय स्तर पर बने इंडी अलायंस में कांग्रेस और आप दोनों शामिल हैं लेकिन पंजाब में दोनों पार्टियां एक दूसरे की धुर विरोधी हैं। गठबंधन की चर्चाओं के बीच दोनों तरफ के नेता आरोप प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। 

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Navjot Sidhu targeted Delhi CM Arvind Kejriwal on Delhi Liquor Scam
नवजोत सिद्धू - फोटो : X

विस्तार

पंजाब में आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर चल रही मशक्कत के बीच नवजोत सिद्धू ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू ने दिल्ली शराब घोटाले पर केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। 

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सिद्धू ने एक्स पर लिखा- दिल्ली शराब घोटाले पर तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित मेरे सवालों को चुनाव 2022 के बाद से उत्तर नहीं मिला है। आपकी चुप्पी उन सिद्धांतों के प्रति एक विश्वासघात है जिनकी आपने एक बार वकालत की थी। एक समय जवाबदेही के मुखर समर्थक रहे अरविंद केजरीवाल मूक हो गए हैं। क्या यह असुविधाजनक सत्यों की स्वीकारोक्ति है?? सिद्धू ने लिखा-स्वयंभू आरटीआई योद्धा चोरी के मास्टर में बदल गया है। समय जवाबदेही और पारदर्शिता का है। 

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गोइंदवाल प्लांट की खरीद पर मान को घेरा

गोइंदवाल थर्मल की खरीद को लेकर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरा है। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि पंजाब को टिकाऊ वित्तीय फैसलों की जरूरत है न कि आलोचनात्मक प्राप्तियों की, जो सूबे के कर्जे के संकट को और गहरा करें।

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आगे लिखा है कि गोइंदवाल पावर प्लांट एक संपत्ति से बहुत दूर एक सफेद हाथ की तरह दिखाई देता है, क्योंकि प्लांट पर 6600 करोड़ रुपये से अधिक का कर्जा है। इसे पंजाब के करदाताओं को उठाना पड़ेगा। सिद्धू ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा है कि बिजली खरीद समझौते पंजाब को उत्पादन के 100 प्रतिशत के लिए एक तय फीस अदा करने के लिए मजबूर करते हैं जबकि दूसरे राज्य 80 प्रतिशत से अधिक भुगतान नहीं करते हैं। 
 

 

बिजली खरीद समझौते की इन अनुचित शर्तों के कारण 2020 तक पंजाब पहले ही 5400 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है। सबसे बुरी बात यह है कि इन समझौतों के जीवन काल में तय फीसों के लिए पंजाब को कुल 65000 करोड़ रुपये सार्वजनिक फंडों से अदा करने होंगे। सिद्धू ने सीएम मान से कहा कि वह श्वेत पेपर जारी करें कि पिछले दो सालों में उनकी सरकार इन बिजली खरीद समझौतों के तहत कितनी तय फीस अदा कर चुकी है। 

साथ ही सवाल किया कि क्या उनकी सरकार के पास सरकारी मालिकी वाली स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनियों और राष्ट्रीय ग्रिड से बिजली खरीद की सुविधा के लिए तंत्र है। सिद्धू ने आगे लिखा है कि यह अस्थिर स्थिति तुरंत कार्रवाई की मांग करती है। उन्होंने कहा कि मान सरकार पहले किए वादे के मुताबिक बिजली खरीद समझौतों को रद्द करे या दोबारा इन्हें रिव्यू करे। क्या मान सरकार जवाबदेह नहीं है। साथ ही तंज कसा कि सरकार का गर्वंनेंस मॉडल फूटे गुब्बारे की तरह है।

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