Wrestlers Protest: महिला पहलवानों के पक्ष में आए नवजोत सिद्धू, कहा-ये इतिहास के गाल पर आंसू
जंतर मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों के समर्थन में पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू भी आ गए हैं। वे सोमवार को जंतर मंतर पर पहलवानों का साथ देने जाएंगे।
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भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन जारी है। पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक सहित कई खिलाड़ी रविवार से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं। अब इनके समर्थन में पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू भी आ गए हैं। वे सोमवार को जंतर मंतर पर पहलवानों का साथ देने जाएंगे।
सिद्धू ने ट्वीट किया-चौंकाने वाली बात यह है कि 9 जानी मानी महिलाओं ने शिकायत की और कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। यह भारतीय इतिहास में समय के गाल पर एक आंसू होगा...... कोई भी देश जो अपनी महिला आइकन का अपमान करता है, वह अपने ही गौरव को ठेस पहुंचाता है, इन महिलाओं ने देश का नाम रोशन किया है।
उन्होंने लाखों लोगों की आकांक्षाओं को पंख दिए हैं, उनके स्वाभिमान को चोट पहुंचाना भारत के गौरव को चोट पहुंचा रहा है... क्या हमारे देश के बड़े-बड़े लोग कानून से ऊपर हैं? कानून को एक निवारक स्थापित करना चाहिए कि पीढ़ियों को महिलाओं का अपमान करने से पहले कांपना चाहिए, एक अच्छा उदाहरण सबसे अच्छा उपदेश है जो आप दे सकते हैं...... सोमवार को उनसे मिलने जाऊंगा और उनके सत्याग्रह में शामिल होऊंगा...
आंदोलनरत पहलवानों के हक में उतरे पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान व कांग्रेस विधायक परगट सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग करने वाले पहलवानों का समर्थन किया। परगट सिंह ने कहा कि कोई भी तब तक सड़कों पर नहीं उतरता, जब तक किसी को गंभीर रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी का राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना कितना मुश्किल होता है, इसका मुझे एहसास है।
परगट सिंह ने कहा कि आंदोलनकारी पहलवान अनुशासनहीनता पैदा नहीं कर रहे हैं बल्कि भारतीय खेलों की गंदगी व मैल साफ करने पर उतारू हैं। परगट सिंह ने कहा कि यह पहलवान स्वच्छता व सभी के लिए गरिमा की बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। मैं डब्ल्यूएफआई के मौजूदा ढांचे के खिलाफ इन आंदोलनकारी पहलवानों की लड़ाई में पूरी तरह से इनके साथ हूं। यह बेहद निंदनीय है कि लंबे समय से चले आ रहे आंदोलन के बावजूद किसी पर कोई मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
Shocking that 9 women of recognition complained & no FIR is registered. it'll be a tear on the cheek of time in Indian history...... Any country that insults their women icons is hurting its own pride , these women have brought laurels to the nation. They have given wings to the… pic.twitter.com/cKZgCxKKQo
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) April 28, 2023
यह है मामला
जनवरी में पहलवानों ने पहली बार कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर में धरने पर बैठे थे। पहलवानों कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर मनमाने तरीके से संघ चलाने और कई महिला पहलवानों का यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद बृजभूषण शरण सिंह को कुश्ती संघ के कामकाज को दूर कर दिया गया और उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए समिति बना दी गई। इस समिति ने पांच अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंप दी, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। इसके बाद पहलवानों ने रविवार 23 अप्रैल को फिर से दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन शुरू कर दिया।