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नवजोत सिद्धू का सियासी ड्रामा, इस्तीफा सीएम को नहीं कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा, मकसद कहीं ये तो नहीं

Mon, 15 Jul 2019 10:36 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 15 Jul 2019 10:36 AM IST
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Navjot Sidhu Resignantion from Cabinet Minister Post, Punjab CM Captain Amrinder Singh, Congress
नवजोत सिद्धू
पंजाब कांग्रेस में करीब एक महीने से चल रहा सियासी ड्रामा आखिरकार खत्म हो ही गया, वो भी एक अनोखे ही सियासी ड्रामे के साथ, जो नवजोत सिद्धू ने खेला। नवजोत सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। सिद्धू ने ट्वीट करके इस्तीफे की जानकारी दी।
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ट्विटर पर पोस्ट किए गए इस्तीफे पर दस जून की तारीख है, जो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को संबोधित किया गया है। इसमें लिखा है कि वह पंजाब कैबिनेट में मंत्री के पद से इस्तीफा दे रहे हैं। एक अन्य ट्वीट करके सिद्धू ने कहा कि वह पंजाब के सीएम को भी इस्तीफा भेज रहे हैं। हालांकि सीएम के मीडिया एडवाइजर रवीन ठुकराल का कहना है कि सीएमओ को अभी सिद्धू का इस्तीफा नहीं मिला है।
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बता दें कि छह जून को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंत्रिमंडल में फेरबदल करते हुए सिद्धू से स्थानीय निकाय और पर्यटन विभाग लेकर उन्हें ऊर्जा और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय दिया था। इसके दो दिन बाद सीएम ने सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए कुछ ग्रुप बनाए। लेकिन किसी भी ग्रुप में सिद्धू को जगह नहीं दी गई। विभाग बदलने से नाराज सिद्धू ने अब तक अपना कार्यभार नहीं संभाला था।
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उन्होंने नौ जून को नई दिल्ली में राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से मुलाकात की। तब भी उन्होंने ट्वीट किया था कि कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र दिया है और हालात के बारे में जानकारी दी है। तब खबरें आईं कि राहुल ने अहमद पटेल को कैप्टन और सिद्धू के बीच चल रहा विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दी है। पिछले दिनों दिल्ली गए कैप्टन ने अहमद पटेल से मुलाकात भी की थी। हालांकि उन्होंने इसे शिष्टाचार मुलाकात ही बताया था।

सिद्धू पर लगातार यह दबाव बढ़ रहा था कि वह या तो कार्यभार संभालें या फिर इस्तीफा दें। विपक्षी दल तो हमले बोल ही रहे थे, सरकार के मंत्रियों ने भी कहना शुरू कर दिया था कि सिद्धू को अब कार्यभार संभालना चाहिए। सीएम को बिजली विभाग की बैठकें लेनी पड़ी थीं। आखिरकर सिद्धू ने राहुल से मुलाकात के अगले दिन दस जून को लिखा अपना इस्तीफा अब सार्वजनिक कर ही दिया।

प्रेशर बनाने का एक और तरीका तो नहीं, मकसद कहीं ये तो नहीं

नवजोत सिद्धू के इस्तीफे को लेकर सियासी हलकों में तमाम तरह की चर्चाएं चलती रहीं। कांग्रेस के ही एक वर्ग का मानना है कि सिद्धू के इस्तीफे का समय कई तरह के सवाल खड़े करता है। सोमवार को कांग्रेस की एक उच्चस्तरीय बैठक है, जिसमें नए कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर अहम फैसला लिया जाना है।

बैठक में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी शामिल होंगे। सिद्धू ठीक उसके एक दिन पहले अपना इस्तीफा सार्वजनिक करके पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। दस जून के बाद से अब तक उन्होंने इस्तीफा सार्वजनिक क्यों नहीं किया। इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष की बजाय सीएम या राज्यपाल को भेजा जाना चाहिए था, पर इन दोनों को नहीं भेजा गया।

दावेदारों ने लगाई दौड़
नवजोत सिद्धू के इस्तीफे के बाद मंत्रिपद के दावेदार भी एक्टिव हो गए हैं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक दो नामों पर ज्यादा चर्चा हो रही है। रेत खदानों की नीलामी के दौरान विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले राणा गुरजीत सिंह को कैबिनेट में अपनी वापसी की उम्मीद दिख रही है। वहीं, हर प्रताप अजनाला का नाम भी चर्चा में है।
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