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नए साल पर निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू का बड़ा फैसला, बिना सीएलयू बनीं इमारतें होंगी नियमित
Wed, 02 Jan 2019 04:14 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 02 Jan 2019 04:14 PM IST
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नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : ANI
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पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग ने भावी सुधारों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रदेश में गैरकानूनी निर्माणों को नियमित करने की योजना बनाई है। इसके तहत विभाग की तरफ से वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) तैयार किए जाने की जानकारी दी गई। इस स्कीम को कैबिनेट की मंजूरी के लिए 2 जनवरी को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में पेश किया जाएगा। यह खुलासा पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को म्युनिसिपल भवन में पत्रकारों के साथ बातचीत में किया।
उन्होंने कहा कि इस नीति का गठन वन टाइम सेटलमेंट के तौर पर किया गया है और इसके अंतर्गत ग़ैरकानूनी निर्माण करने वालों को भारी जुर्माने किए जाएंगे। सिद्धू ने बताया कि जिनकी तरफ से सीएलयू (चेंज इन लैंड यूज) के बिना पहले ही गैरकानूनी निर्माण किए गए हैं, उन लोगों के लिए भी अपनी पुरानी इमारतों को नियमित करवाने का मौका यह नीति मुहैया करवाएगी। मंत्री ने बताया कि इस कदम से विभाग को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होने के लिए सहायता मिलेगी।
इस स्कीम को राजस्व का एक महत्वपूर्ण साधन बताते हुए सिद्धू ने कहा कि पहले सिर्फ 9 करोड़ का राजस्व एकत्र करने वाला लुधियाना अब 25 करोड़ के राजस्व के साथ सबसे अगली कतार में खड़ा है। मंत्री ने कहा कि 1984 दंगों के पीड़ित परिवारों को अमृतसर में 200 दुकानें अलॉट की जा चुकीं हैं। इस अवसर पर खाद्य एवं सिविल सप्लाई व उपभोक्ता मामलों के मंत्री भारत भूषण आशु, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय विभाग ए. वेनू प्रसाद, डायरेक्टर स्थानीय निकाय विभाग करनेश शर्मा और सीईओ पीएमआईडीसी अजोय शर्मा भी मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि इस नीति का गठन वन टाइम सेटलमेंट के तौर पर किया गया है और इसके अंतर्गत ग़ैरकानूनी निर्माण करने वालों को भारी जुर्माने किए जाएंगे। सिद्धू ने बताया कि जिनकी तरफ से सीएलयू (चेंज इन लैंड यूज) के बिना पहले ही गैरकानूनी निर्माण किए गए हैं, उन लोगों के लिए भी अपनी पुरानी इमारतों को नियमित करवाने का मौका यह नीति मुहैया करवाएगी। मंत्री ने बताया कि इस कदम से विभाग को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होने के लिए सहायता मिलेगी।
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इस स्कीम को राजस्व का एक महत्वपूर्ण साधन बताते हुए सिद्धू ने कहा कि पहले सिर्फ 9 करोड़ का राजस्व एकत्र करने वाला लुधियाना अब 25 करोड़ के राजस्व के साथ सबसे अगली कतार में खड़ा है। मंत्री ने कहा कि 1984 दंगों के पीड़ित परिवारों को अमृतसर में 200 दुकानें अलॉट की जा चुकीं हैं। इस अवसर पर खाद्य एवं सिविल सप्लाई व उपभोक्ता मामलों के मंत्री भारत भूषण आशु, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय विभाग ए. वेनू प्रसाद, डायरेक्टर स्थानीय निकाय विभाग करनेश शर्मा और सीईओ पीएमआईडीसी अजोय शर्मा भी मौजूद थे।
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