Punjab: पति नवजोत सिद्धू की रिहाई पर संशय से भड़की नवजोत कौर, कहा-वे खूंखार जानवर हैं, सब दूर रहें
पंजाब के जेल विभाग ने रिहा करने वाले कैदियों की जो सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी थी, उसे जेल विभाग को लौटा दिया गया है जबकि समर्थक दावा कर रहे हैं कि सिद्धू गणतंत्र दिवस को रिहा कर दिए जाएंगे। पटियाला, लुधियाना और अमृतसर में नवजोत सिद्धू के स्वागत की जोरदार तैयारियां की गई हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पटियाला जेल में बंद अपने पति नवजोत सिंह सिद्धू की गणतंत्र दिवस पर रिहाई के लिए पत्नी नवजोत कौर सिद्धू की प्रार्थनाएं काम नहीं आईं। रिहाई न होने से भड़कीं डॉ. सिद्धू ने ट्वीट करके पंजाब सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा है कि नवजोत सिंह सिद्धू खूंखार जानवर की श्रेणी में आते हैं, इसलिए सरकार उन्हें गणतंत्र दिवस पर रिहाई नहीं देना चाहती। आप सभी से निवेदन है कि उनसे दूर रहें।
26 जनवरी से पहले जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला शहरी के पूर्व प्रधान एवं सिद्धू के बेहद करीबी नरिंदर पाल लाली का कहना था कि अपने पति के लिए डॉ. सिद्धू रोजाना कभी किसी मंदिर तो कभी किसी गुरुद्वारे में जाकर शीश नवा रही हैं। कईं-कईं घंटे तक वह प्रार्थना करती रहती हैं।
नाराज दूलों ने वड़िंग पर साधा निशाना
नवजोत सिंह सिद्धू की गणतंत्र दिवस के मौके पर पटियाला जेल से रिहाई नहीं हो सकी। रिहाई न होने से सिद्धू के स्वागत को लेकर उनके समर्थकों की सभी तैयारियां धरी रह गईं। यहां तक कि सिद्धू के पटियाला स्थित आवास पर टेंट लगाकर कुर्सियां तक सजा दी गई थीं। बड़ी संख्या में कांग्रेसी राज्य भर से पटियाला में जुटने शुरू हो गए थे। जिनके चेहरों पर सिद्धू की रिहाई न होने से मायूसी दिखी।
— DR NAVJOT SIDHU (@DrDrnavjotsidhu) January 25, 2023
बुधवार देर रात ही शहर में माल रोड समेत विभिन्न स्थानों पर लगाए होर्डिंग्स को नगर निगम की टीम ने उतार दिया था। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रधान शमशेर सिंह दूलों समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को सिद्धू की पटियाला स्थित रिहायश पर मीडिया से बातचीत की।
दूलों ने कहा कि सिद्धू को रिहा न करके पंजाब की आप सरकार ने धक्केशाही की है। दरअसल, सरकार बौखला गई, क्योंकि एक तरफ जहां सिद्धू के स्वागत को बड़ी संख्या में उनके समर्थक सड़कों पर उतर रहे थे, वहीं सिद्धू ने 30 जनवरी को श्रीनगर रैली में भी हिस्सा लेना था। उन्होंने पंजाब सरकार पर रिमोट कंट्रोल सरकार होने के आरोप भी लगाए। कहा कि पंजाब की सरकार तो दिल्ली से चल रही है।
इस मौके पर दूलों ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों के पास पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी है, उनको अंहकार में नहीं आना चाहिए। बल्कि पार्टी के हर वर्कर के दुख-सुख में उनका साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत थी कि आज कांग्रेस की लीडरशिप भी पटियाला पहुंचती लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
गौरतलब है कि सिद्धू की रिहाई बुधवार शाम तक पक्की मानी जा रही थी, जब उनके सोशल मीडिया अकाउंट से रिहाई के बाद रूट मैप को शेयर किया गया था। जिसमें कहा गया था कि सिद्धू जेल से रिहाई के बाद इन स्थानों से होते हुए जुलूस के रूप में घर तक पहुंचेंगे।