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Chandigarh: कांग्रेस उम्मीदवार कर रहे लोकतंत्र को बचाने की बात... भाजपा प्रत्याशी को मोदी की गारंटी पर भरोसा
Mon, 22 Apr 2024 03:07 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 22 Apr 2024 03:07 PM IST
सार
चंडीगढ़ में चुनाव प्रचार धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस, दोनों के प्रत्याशियों ने अब डोर-टू-डोर प्रचार भी शुरू कर दिया है लेकिन अभी तक दोनों पार्टियों के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार से दूरी बनाई हुई है।
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संजय टंडन और मनीष तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा चुनाव में इस बार चंडीगढ़ में स्थानीय मुद्दों पर राष्ट्रीय मुद्दे भारी नजर आ रहे हैं। भाजपा की तरफ से केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं जा रही हैं तो कांग्रेस लोकतंत्र को बचाने की बात कह कर वोट बटोर रही है। दोनों मुख्य पार्टियों के चुनावी कैंपेन से स्थानीय मुद्दे गायब हो गए हैं। दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों के भाषण में भी राष्ट्रीय मुद्दों का वजन ज्यादा दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस के प्रत्याशी मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर अपने घोषणा पत्र का जिक्र किया। वह चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। दोनों का जवाब देते हुए पांच मुद्दे गिनाएं। पांचों राष्ट्रीय मुद्दे हैं। इसमें लोकतंत्र को बचाने, संविधान में निहित मौलिक अधिकारों और बुनियादी स्वतंत्रता की रक्षा और बचाव करना, भारत के विचार को कायम रखने, कानून प्रवर्तन निकायों और खुफिया एजेंसियों के दुरुपयोग को रोकना, भारत की आत्मा को मुक्ति दिलाना शामिल रहे। इसके अलावा भी तिवारी के भाषणों को सुनने पर पता चलता है कि वह राष्ट्रीय मुद्दों की ज्यादा बात करते हैं।
दूसरी तरफ, भाजपा के प्रत्याशी संजय टंडन को मोदी की गारंटी पर भरोसा है। सोशल मीडिया और कार्यक्रमों में मोदी की गारंटी के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं। केंद्र की योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है। भाषणों में चंडीगढ़ में पिछले 10 साल में सांसद किरण खेर ने क्या किया, इससे ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 साल में क्या किया, इसका जिक्र ज्यादा है। वीडियो क्लिप से लेकर डिजिटल पोस्टर भी केंद्र की योजनाओं के बन रहे हैं। हालांकि हमारा संजय टंडन अभियान के माध्यम से भी लोगों को साधने की कोशिश की जा रही है।
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बंसल-खेर ने बनाई प्रचार से दूरी
शहर में चुनाव प्रचार धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस, दोनों के प्रत्याशियों ने अब डोर-टू-डोर प्रचार भी शुरू कर दिया है लेकिन अभी तक दोनों पार्टियों के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार से दूरी बनाई हुई है। पिछले 10 साल से शहर की सांसद किरण खेर अभी तक किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाजपा के प्रत्याशी संजय टंडन के साथ नजर नहीं आई हैं। न ही अपने स्तर पर वह प्रचार में जुटी हैं। पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद भी कम नजर आ रहे हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व सांसद पवन बंसल भी प्रचार से नदारद हैं। अभी तक कांग्रेस के प्रत्याशी मनीष तिवारी और पवन बंसल की मुलाकात भी नहीं हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों के बीच की खटास अभी तक कम नहीं हुई है। हालांकि यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में क्या दोनों एक साथ प्रचार करते हुए नजर आते हैं या नहीं।
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कांग्रेस के प्रत्याशी मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर अपने घोषणा पत्र का जिक्र किया। वह चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। दोनों का जवाब देते हुए पांच मुद्दे गिनाएं। पांचों राष्ट्रीय मुद्दे हैं। इसमें लोकतंत्र को बचाने, संविधान में निहित मौलिक अधिकारों और बुनियादी स्वतंत्रता की रक्षा और बचाव करना, भारत के विचार को कायम रखने, कानून प्रवर्तन निकायों और खुफिया एजेंसियों के दुरुपयोग को रोकना, भारत की आत्मा को मुक्ति दिलाना शामिल रहे। इसके अलावा भी तिवारी के भाषणों को सुनने पर पता चलता है कि वह राष्ट्रीय मुद्दों की ज्यादा बात करते हैं।
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दूसरी तरफ, भाजपा के प्रत्याशी संजय टंडन को मोदी की गारंटी पर भरोसा है। सोशल मीडिया और कार्यक्रमों में मोदी की गारंटी के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं। केंद्र की योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है। भाषणों में चंडीगढ़ में पिछले 10 साल में सांसद किरण खेर ने क्या किया, इससे ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 साल में क्या किया, इसका जिक्र ज्यादा है। वीडियो क्लिप से लेकर डिजिटल पोस्टर भी केंद्र की योजनाओं के बन रहे हैं। हालांकि हमारा संजय टंडन अभियान के माध्यम से भी लोगों को साधने की कोशिश की जा रही है।
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बंसल-खेर ने बनाई प्रचार से दूरी
शहर में चुनाव प्रचार धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस, दोनों के प्रत्याशियों ने अब डोर-टू-डोर प्रचार भी शुरू कर दिया है लेकिन अभी तक दोनों पार्टियों के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार से दूरी बनाई हुई है। पिछले 10 साल से शहर की सांसद किरण खेर अभी तक किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाजपा के प्रत्याशी संजय टंडन के साथ नजर नहीं आई हैं। न ही अपने स्तर पर वह प्रचार में जुटी हैं। पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद भी कम नजर आ रहे हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व सांसद पवन बंसल भी प्रचार से नदारद हैं। अभी तक कांग्रेस के प्रत्याशी मनीष तिवारी और पवन बंसल की मुलाकात भी नहीं हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों के बीच की खटास अभी तक कम नहीं हुई है। हालांकि यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में क्या दोनों एक साथ प्रचार करते हुए नजर आते हैं या नहीं।