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जिस राज्य ने दिया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा, वहीं बढ़े महिलाओं से जुड़े अपराध
ब्यूराे/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 02 Dec 2017 05:18 PM IST
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हरियाणा में महिलाओं से जुड़े बढ़ते अपराध
- फोटो : file photo
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नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों में हरियाणा की स्थिति चिंताजनक है। आंकड़ों के तहत महिला से जुड़े आपराधिक मामले बढ़े हैं और कुल आपराधिक केसों की संख्या भी बढ़ी है। इसी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो ने वर्ष 2016 के हरियाणा संबंधी अपराध आंकड़े भी जारी किए हैं।
ये है क्राइम की स्थिति
क्राइम ब्यूरो द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जहां महिलाओं से आपराधिक मामले वर्ष 2014 में 9010 दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2015 में वह बढक़र 9511 और 2016 में 9839 मामले दर्ज हुए हैं। पिछले साल दुराचार संबंधी 1187 घटनाएं घटी।
इसी प्रकार के दलितों के विरुद्ध किए गए अपराधों में जहां वर्ष 2014 में 475 मामले दर्ज हुए, वहीं 2015 में 510 और 2016 में इन केसों की संख्या 639 हो गई। जबकि अंतरजातीय टकराव के कारण राज्य में चार मौतें भी हो चुकी हैं। जबकि इन आंकड़ों के दौरान वर्ष 2014 में 79947 अपराध के मामले दर्ज हुए, वर्ष 2015 में 84466 मामले और वर्ष 2016 में 88527 मामले दर्ज हुए। इसके अतिरिक्त जहां पंजाब में 24.3 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को सजा दिलवाई जाती है वहीं हरियाणा में मात्र 13.4 आरोपी ही सजा पाते हैं।
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ये है क्राइम की स्थिति
क्राइम ब्यूरो द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जहां महिलाओं से आपराधिक मामले वर्ष 2014 में 9010 दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2015 में वह बढक़र 9511 और 2016 में 9839 मामले दर्ज हुए हैं। पिछले साल दुराचार संबंधी 1187 घटनाएं घटी।
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इसी प्रकार के दलितों के विरुद्ध किए गए अपराधों में जहां वर्ष 2014 में 475 मामले दर्ज हुए, वहीं 2015 में 510 और 2016 में इन केसों की संख्या 639 हो गई। जबकि अंतरजातीय टकराव के कारण राज्य में चार मौतें भी हो चुकी हैं। जबकि इन आंकड़ों के दौरान वर्ष 2014 में 79947 अपराध के मामले दर्ज हुए, वर्ष 2015 में 84466 मामले और वर्ष 2016 में 88527 मामले दर्ज हुए। इसके अतिरिक्त जहां पंजाब में 24.3 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को सजा दिलवाई जाती है वहीं हरियाणा में मात्र 13.4 आरोपी ही सजा पाते हैं।
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विपक्ष ने सरकार को घेरा
इनेलो नेता अभय चौटाला
- फोटो : File Photo
इन आंकड़ों पर नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जयंती और उत्सवों को मनाने की मानसिकता से बाहर निकले और राज्य की कानून व्यवस्था को चुस्त दरुस्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
अभय चौटाला ने कहा कि आंकड़ों को देखकर यह साफ हो जाता है कि अपराध को नियंत्रित करने के मामले में हरियाणा पंजाब से भी पिछड़ रहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से चिंता जताई कि हर दिन ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा बुलंद करने के बावजूद हरियाणा महिलाओं के लिए एक असुरक्षित राज्य बनता जा रहा है।
नेता विपक्ष ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की। कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की अदालतों में सफल सुनवाई करवाने में भी पंजाब से बहुत पीछे है। उनके अनुसार इन आंकड़ों को देखते हुए भाजपा सरकार अपनी नींद से जागेगी और प्रशासन और जनकल्याण की ओर ध्यान देगी।
अभय चौटाला ने कहा कि आंकड़ों को देखकर यह साफ हो जाता है कि अपराध को नियंत्रित करने के मामले में हरियाणा पंजाब से भी पिछड़ रहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से चिंता जताई कि हर दिन ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा बुलंद करने के बावजूद हरियाणा महिलाओं के लिए एक असुरक्षित राज्य बनता जा रहा है।
नेता विपक्ष ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की। कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की अदालतों में सफल सुनवाई करवाने में भी पंजाब से बहुत पीछे है। उनके अनुसार इन आंकड़ों को देखते हुए भाजपा सरकार अपनी नींद से जागेगी और प्रशासन और जनकल्याण की ओर ध्यान देगी।