मोदी कैबिनेट से पंजाब को मिली सौगात, हरसिमरत कौर, हरदीप पुरी और सोम प्रकाश बने मंत्री
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मोदी मंत्रिमंडल से इस बार पंजाब को तिहरी खुशी मिली है। प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे कार्यकाल में पंजाब के तीन सांसदों को कैबिनेट में शामिल किया गया है। मोदी सरकार में पहली बार पंजाब से तीन सांसदों को केंद्रीय मंत्री बनाया गया है। इससे पहले एनडीए-1 में शिअद से सुखबीर बादल तो भाजपा से विनोद खन्ना मंत्री थे।
शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल को मोदी कैबिनेट में जगह मिल गई है। हरसिमरत लगातार तीसरी बार सांसद बनीं हैं। वहीं होशियारपुर से भाजपा सांसद सोमप्रकाश को पहली बार जीत मिली और वो केंद्रीय मंत्री बन गए। अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव हराने के बावजूद हरदीप पुरी को भी मंत्री पद दिया गया।
हरसिमरत कौर बादल
हरसिमरत कौर बादल ने बठिंडा जैसै टफ ट्रैक पर हैट्रिक लगाई। जब शिअद के खिलाफ बेअदबी जैसे मुद्दे को लेकर कांग्रेस माहौल बनाने में जुटी थी, उन्होंने फिर जीत दर्ज की और दूसरी बार कैबिनेट की सीट हासिल की। 25 जुलाई 1966 को पंजाब के प्रभावशाली मजीठिया परिवार में जन्मी हरसिमरत ने लोरेटो कॉन्वेंट से मैट्रिक की और दिल्ली पॉलिटेक्निक से टेक्सटाइल डिजाइनिंग में डिप्लोमा किया।
1991 में उनका पंजाब के एक और अहम सियासी परिवार के सदस्य सुखबीर बादल से विवाह हुआ। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। उनके भाई बिक्रम मजीठिया भी अकाली सरकार में मंत्री रहे हैं। 2008 में उन्होंने भ्रूण हत्या के खिलाफ नन्ही छांव प्रोजेक्ट शुरू किया था। 2014 में उन्हें केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनाया गया था।
हरदीप पुरी फिर मोदी की पसंद
1974 बैच के आईएफएस हरदीप पुरी एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी की पसंद बने। मोदी-1 में भी वह केंद्रीय राज्यमंत्री थे। अब फिर जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुरी को विदेश नीति का माहिर माना जाता है। वह संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद निरोधी समिति के चेयरमैन और न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान के उपाध्यक्ष रहे हैं।
ब्रिटेन और ब्राजील में भारत के राजदूत रह चुके हैं। पुरी ने प्रचार के दौरान कहा कि जलियांवाला बाग नरसंहार के समय उनके नाना यहां थे। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई थी। इसलिए वह अमृतसर के लिए बाहरी कैंडिडेट कैसे हो सकते हैं।
सोम प्रकाश - रिसर्च अफसर से संसद तक
होशियारपुर के सांसद सोम प्रकाश ने अपना प्रोफेशनल करिअर 1972 में योजना बोर्ड में रिसर्च अफसर के तौर पर शुरू किया था। अप्रैल 1949 में जन्मे सोम प्रकाश ने पंजाब यूनिवर्सिटी से एमए इकोनॉमिक्स में किया। रिसर्च अफसर के बाद एक्साइज टैक्सेशन अफसर बने। वह फरीदकोट, होशियारपुर, जालंधर के डीसी समेत कई अहम पदों पर रहे।
70 वर्षीय सोम प्रकाश रिटायर्ड आईएएस हैं, जिन्होंने भाजपा ज्वाइन करने को प्री मेच्योर रिटायरमेंट ले लिया था। हालांकि 2009 के लोकसभा चुनाव में वह होशियारपुर से जीत नहीं सके थे। 2012 और 2017 में वह लगातार भाजपा के टिकट पर फगवाड़ा से विधानसभा चुनाव जीते। पंजाब के मामलों की गहन जानकारी के साथ वह विधानसभा में लगातार मुद्दे उठाते रहे हैं।