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सीमा पार गया 5 साल का नानक 32 साल से पाक जेल में

Sat, 04 Jun 2016 12:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 04 Jun 2016 12:36 PM IST
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nanak singh in pakistan jail, punjab man nanak singh in pak jail, amritsar, punjab
इंडो पाक बॉर्डर - फोटो : फाइल फोटो
भारत-पाक सीमा से सटे अमृतसर के अजनाला सेक्टर के गांव चन्ना बेदी का एक 5 वर्षीय बच्चा नानक सिंह अपने पशुओं को चराते हुए गलती से पाकिस्तान सीमा में दाखिल हो गया। 32 साल पहले 1984 में हुई इस घटना के समय सीमा पर तारबंदी भी नहीं थी और छोटे से बच्चे के लिए सरहद का कोई मतलब भी नहीं था, लेकिन उस दिन के बाद से वह बच्चा आज तक भारत नहीं लौटा।
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उसे खोजने और भारत लाने की मांग को लेकर वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस गुरमीत राम की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के सचिव और पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को 14 जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।
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इस पूरे मामले का एक अन्य दुखद पहलू यह भी है कि गुम हो गए नानक सिंह के परिजन इतने गरीब हैं कि उनके लिए हाईकोर्ट का खर्च उठाना तो दूर अजनाला से चंडीगढ़ आने-जाने तक का पैसा नहीं है। उनसे बेटे की तलाश के लिए कानून जंग लड़ने का जिम्मा फाजिल्का जिले की जलालाबाद तहसील के एक गांव के पूर्व सरपंच स्वर्ण सिंह ने उठाया। उनकी ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि अजनाला का गांव चन्ना बेदी पाकिस्तान सीमा से सटा है।
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इस गांव के बेहद गरीब परिवार का 5 वर्षीय बच्चा वर्ष 1984 में पशुओं से साथ घूमते हुए गलती से पाकिस्तान सीमा में चला गया। बच्चे के पिता ने उसे वापस पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। उन्होंने बीएसएफ के सामने यह मामला उठाया तो बीएसएफ के प्रयास पर वर्ष 1999 में पाकिस्तान ने अपनी जेलों में रह रहे भारतीय कैदियों की एक सूची बीएसएफ को सौंपी।

इस सूची में नानक सिंह का नाम कक्कर सिंह लिखा था, लेकिन पिता और गांव सहित अन्य ब्यौरा नानक सिंह से मेल खाता था। वर्ष 2005 में नानक सिंह के पिता रतन सिंह को बीएसएफ की ओर से भेजे एक पत्र में कहा गया कि आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में नानक सिंह को खोजना संभव नहीं है। याचिकाकर्ता स्वर्ण सिंह का कहना है कि वह पांच वर्षीय नानक सिंह आज 37 वर्ष का हो चुका होगा और आज भी वह बिना किसी जुर्म के पाकिस्तान की जेल में बंद हैं।


इसके मद्देनजर याचिकाकर्ता ने पहले तो केंद्र सरकार और राज्य सरकार से गुहार लगाई कि नानक सिंह को भारत लाया जाए, लेकिन दोनों सरकारों की ओर से सुनवाई नहीं किए जाने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। स्वर्ण सिंह ने वीरवार को कहा कि नानक सिंह एक बहुत गरीब परिवार का बेटा है, इसीलिए उसकी रिहाई और भारत वापसी के लिए न तो भारत में कोई कोशिश की गई और न ही पाकिस्तान में सरकार या किसी मानवाधिकार संगठन ने आवाज उठाई है।
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