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Chandigarh News: प्लेसमेंट सूची में 2382 विद्यार्थियों का नाम, 822 की कहीं नौकरी ही नहीं लगी
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के सत्र 2021-22 की प्लेसमेंट सूची में 2382 विद्यार्थियों के नाम शामिल हैं, इनमें से 822 ऐसे हैं जिनकी नौकरी ही नहीं लग पाई। पीयू की प्लेसमेंट सेल को लेकर की आरटीआई में खुलासा हुआ कि संस्थान के पास पिछले दो सालों में विद्यार्थियों की प्लेसमेंट का डाटा उपलब्ध नहीं है। आरटीआई जवाब में पीयू प्रशासन ने बताया कि कुल 55 विभागों में कार्यात्मक प्लेसमेंट सेल है, लेकिन चुनिंदा ही पूरी तरह से सक्रिय हैं।
पिछले पांच वर्षों में संस्थान द्वारा की प्लेसमेंट ड्राइव के तहत विद्यार्थियों को दिलाई नौकरी की जानकारी पूछने पर पीयू प्रशासन द्वारा इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC) का वेबसाइट लिंक साझा किया। वेबसाइट पर सत्र 2021-22 तक का प्लेसमेंट की जानकारी दी गई है। पीयू ने सत्र 2022-23 और 2023-24 का डाटा उपलब्ध नहीं करवाया है। प्लेसमेंट सूची में एलएलबी के 239 विद्यार्थियों के नाम के आगे सिर्फ एडवोकेट लिखा है। 88 बीए एलएलबी विद्यार्थियों के प्लेसमेंट कॉलम में सेल्फ एंप्लॉयड और कई एलएलबी विद्यार्थियों के आगे बीसीआई या बार काउंसिल ऑफ पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़ लिखा है। सत्र 2021-22 में एलएलबी पास आउट छात्र से पूछने पर उसने बताया कि विभाग द्वारा उनकी कोई प्लेसमेंट ड्राइव नहीं चली जबकि सूची में छात्र के नाम के आगे बार काउंसिल ऑफ पंजाब और हरियाणा लिखा है। सत्र 2021-22 के मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन की छात्रा ने बताया प्रोफेशनल व सेल्फ फाइनेंस कोर्स होने के बावजूद विभाग द्वारा उनकी कोई प्लेसमेंट ड्राइव नहीं करवाई गई। छात्रा ने स्वयं से नौकरी ढूंढी, लेकिन प्लेसमेंट सूची में इसका कोई जिक्र नहीं कि नौकरी संस्थान द्वारा दिलाई गई है या स्वयं से ली है। इनमें कुछ विभाग तो ऐसे हैं जिनके विद्यार्थियों के नाम तक सूची में शामिल है। एक ऐसे ही अन्य प्रोफेशनल कोर्स जियोइंफॉर्मेटिक्स के सत्र 2024 में पास आउट छात्र ने बताया कि भूगोल विभाग द्वारा उनकी प्लेसमेंट के लिए रेज्यूमे मांगे गए थे, लेकिन उसके बाद न तो कोई कंपनी आई न प्लेसमेंट को लेकर कोई जानकारी दी गई। पीयू की वेबसाइट पर सिर्फ 2017-18 से 2021-22 तक डाटा उपलब्ध है, जिसमें अधिकतर विद्यार्थियों के नाम के आगे सेल्फ एंप्लॉयड या एडवोकेट जैसे शब्द लिख कर प्लेसमेंट के बेहतर आंकड़े प्रदर्शित किए हैं। पीयू की आईक्यूएसी वेबसाइट पर क्राइटीरिया पांच में सत्र अनुसार प्लेसमेंट का डाटा दिया है।
केवल इंजीनियरिंग और एमबीए की प्लेसमेंट सेल सक्रिय
पीयू वेबसाइट पर उपलब्ध पिछले वर्षों के प्लेसमेंट सेल में देखा जा सकता है कि केवल गिने-चुने विभागों द्वारा प्लेसमेंट ड्राइव चलाई जा रही है, जिसमें इंजीनियरिंग के यूआइईटी और डॉ. एसएस भटनागर यूआइसीईटी और एमबीए का यूबीएस और सेंटर फॉर सोशल वर्क शामिल रहता है। प्लेसमेंट सूची में अधितकर नौकरियां इंजीनियरिंग और एमबीए की देखी जा सकती हैं जहां एक ही कंपनी ने कई विद्यार्थियों को चयनित किया। वहीं, एमएससी बॉटनी, पीएचडी हिंदी, एलएलबी, बीए-एलएलबी ऑनर्स, बीकॉम-एलएलबी, मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, एमटेक इंस्ट्रूमेंटेशन, मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, एमएससी बायोलॉजी और बायोइंफॉर्मेटिक्स, एमए संस्कृत और राजनीति शास्त्र आदि कोर्सेज में विद्यार्थियों की प्लेसमेंट नहीं हुई है।
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पिछले पांच वर्षों में संस्थान द्वारा की प्लेसमेंट ड्राइव के तहत विद्यार्थियों को दिलाई नौकरी की जानकारी पूछने पर पीयू प्रशासन द्वारा इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC) का वेबसाइट लिंक साझा किया। वेबसाइट पर सत्र 2021-22 तक का प्लेसमेंट की जानकारी दी गई है। पीयू ने सत्र 2022-23 और 2023-24 का डाटा उपलब्ध नहीं करवाया है। प्लेसमेंट सूची में एलएलबी के 239 विद्यार्थियों के नाम के आगे सिर्फ एडवोकेट लिखा है। 88 बीए एलएलबी विद्यार्थियों के प्लेसमेंट कॉलम में सेल्फ एंप्लॉयड और कई एलएलबी विद्यार्थियों के आगे बीसीआई या बार काउंसिल ऑफ पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़ लिखा है। सत्र 2021-22 में एलएलबी पास आउट छात्र से पूछने पर उसने बताया कि विभाग द्वारा उनकी कोई प्लेसमेंट ड्राइव नहीं चली जबकि सूची में छात्र के नाम के आगे बार काउंसिल ऑफ पंजाब और हरियाणा लिखा है। सत्र 2021-22 के मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन की छात्रा ने बताया प्रोफेशनल व सेल्फ फाइनेंस कोर्स होने के बावजूद विभाग द्वारा उनकी कोई प्लेसमेंट ड्राइव नहीं करवाई गई। छात्रा ने स्वयं से नौकरी ढूंढी, लेकिन प्लेसमेंट सूची में इसका कोई जिक्र नहीं कि नौकरी संस्थान द्वारा दिलाई गई है या स्वयं से ली है। इनमें कुछ विभाग तो ऐसे हैं जिनके विद्यार्थियों के नाम तक सूची में शामिल है। एक ऐसे ही अन्य प्रोफेशनल कोर्स जियोइंफॉर्मेटिक्स के सत्र 2024 में पास आउट छात्र ने बताया कि भूगोल विभाग द्वारा उनकी प्लेसमेंट के लिए रेज्यूमे मांगे गए थे, लेकिन उसके बाद न तो कोई कंपनी आई न प्लेसमेंट को लेकर कोई जानकारी दी गई। पीयू की वेबसाइट पर सिर्फ 2017-18 से 2021-22 तक डाटा उपलब्ध है, जिसमें अधिकतर विद्यार्थियों के नाम के आगे सेल्फ एंप्लॉयड या एडवोकेट जैसे शब्द लिख कर प्लेसमेंट के बेहतर आंकड़े प्रदर्शित किए हैं। पीयू की आईक्यूएसी वेबसाइट पर क्राइटीरिया पांच में सत्र अनुसार प्लेसमेंट का डाटा दिया है।
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केवल इंजीनियरिंग और एमबीए की प्लेसमेंट सेल सक्रिय
पीयू वेबसाइट पर उपलब्ध पिछले वर्षों के प्लेसमेंट सेल में देखा जा सकता है कि केवल गिने-चुने विभागों द्वारा प्लेसमेंट ड्राइव चलाई जा रही है, जिसमें इंजीनियरिंग के यूआइईटी और डॉ. एसएस भटनागर यूआइसीईटी और एमबीए का यूबीएस और सेंटर फॉर सोशल वर्क शामिल रहता है। प्लेसमेंट सूची में अधितकर नौकरियां इंजीनियरिंग और एमबीए की देखी जा सकती हैं जहां एक ही कंपनी ने कई विद्यार्थियों को चयनित किया। वहीं, एमएससी बॉटनी, पीएचडी हिंदी, एलएलबी, बीए-एलएलबी ऑनर्स, बीकॉम-एलएलबी, मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, एमटेक इंस्ट्रूमेंटेशन, मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, एमएससी बायोलॉजी और बायोइंफॉर्मेटिक्स, एमए संस्कृत और राजनीति शास्त्र आदि कोर्सेज में विद्यार्थियों की प्लेसमेंट नहीं हुई है।
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