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6 साल बाद भी जीरो ग्राउंड से शुरू होंगे अंडरपास

Wed, 20 Nov 2013 11:14 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 20 Nov 2013 11:14 AM IST
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Nagar nigam_underpas_responsibility_shivraj patil_housing board
शहर में अंडरपास बनाने की जिम्मेदारी अब नगर निगम को सौंप दी गई है। अंडरपास बनाने का प्रोजेक्ट चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के पास लगभग छह साल से लंबित है और इसमें ब्लूप्रिंट तक तैयार नहीं किए गए हैं।
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इस प्रोजेक्ट में हो रही देरी को देखते हुए चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल ने मंगलवार को प्रशासन के अधिकारियों को अंडरपास प्रोजेक्ट को नगर निगम को ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। अब यह प्रोजेक्ट छह साल बाद फिर ‘जीरो ग्राउंड’ से शुरू होगा।
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पाटिल का मानना है कि नगर निगम के पास सीएचबी की तुलना में ज्यादा स्टाफ है और नगर निगम इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा कर सकता है।

पहले चरण में ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट, प्रेस लाइट प्वाइंट और पिकाडली चौक पर अंडर पास बनेंगे और इसके बाद पांच अन्य स्थानों पर अंडरपास बनाए जाएंगे।

केंद्र के फंड का पूरा उपयोग न होने पर चिंतित:
पंजाब राज भवन में मंगलवार को प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेते हुए पाटिल ने शहर के विभिन्न प्रोजेक्टों की समीक्षा की और कुछ प्रोजेक्टों में लगातार हो रही देरी पर प्रशासन के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इनमें तेजी लाने को कहा।
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उन्होंने कहा कि कुछ विभागों को अपने प्रोजेक्टों में तेजी लानी होगी ताकि केंद्र सरकार से मिले फंड का पूरा उपयोग हो सके। बैठक में पाटिल ने सभी विभागों को इस साल स्वीकृत हुआ पूरा बजट खर्च करने को कहा।

पाटिल ने कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर सभी विभाग शहर के लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अतिरिक्त फंड की मांग करें।

11 से 8 की अंडरपास की संख्या:
शहर में ट्रैफिक के बढ़ते बोझ को देखते हुए प्रशासन ने वर्ष 2007 में शहर में 11 अंडरपास बनाने की योजना तैयार की थी। बाद में इनकी संख्या कम करके 8 कर दी गई थी।

अंडरपास प्रोजेक्ट के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाया गया था। लेकिन, फंड और स्टाफ की दिक्कत के कारण अंडरपास प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हो पाया।

सीएचबी ने तीन साल पहले तीन अंडरपास के लिए टेक्निकल बिड भी आमंत्रित की थी लेकिन उस पर भी कुछ नहीं हो पाया। बाद में सीएचबी ने प्रशासन से अंडरपास के लिए फंड जुटाने को कहा।

पैसा कहीं और खर्चा:
योजना आयोग ने पांच वर्षीय योजना के तहत 72 करोड़ रुपये मंजूर भी कर दिए हैं। इसके बाद मौजूदा वित्तीय वर्ष में आठ अंडरपास के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।

पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में भी 5 करोड़ मिले थे। लेकिन, अंडरपास बनाने का काम शुरू न होने के कारण अंडरपास के लिए मंजूर हुआ पैसे कहीं और ही खर्च किया गया।

मध्यमार्ग पर ट्रैफिक का सबसे ज्यादा दबाव:
ध्यान रहे कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने जो ट्रैफिक स्टडी कराई है, उसके मुताबिक मध्यमार्ग पर यातायात का सबसे ज्यादा दबाव रहता है। ट्रांसपोर्ट चौक पर पंचकूला से चंडीगढ़ आने वालों और चंडीगढ़ से पंचकूला जाने वालों की भीड़ होती है।

सुबह एवं शाम को प्रेस चौक और ट्रांसपोर्ट चौक पर सबसे ज्यादा दबाव होता है। इस हिसाब से अंडरपास को उपयुक्त बताया गया था। बैठक में प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा, सीएचबी चेयरमैन सत्यगोपाल, वित्त सचिव वीके सिंह, उपायुक्त मोहम्मद शाइन समेत सभी अधिकारी मौजूद थे।

इन जगहों पर बनने है अंडरपास
प्रेस लाइट प्वाइंट, ट्रांसपोर्ट चौक, पिकाडली चौक, आईएसबीटी-17, किसान भवन, क्रिकेट स्टेडियम, मटका चौक।

लोकल रूट पर बसों की संख्या बढ़ाएं
बैठक में पाटिल ने प्रशासन के अधिकारियों को शहर के लोगों की सुविधा के लिए लोकल रूटों पर बसों की संख्या को बढ़ाने को कहा। संख्या बढ़ेगी तो बसों की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ेगी।

पाटिल ने कहा कि लोकल रूटों पर बसों की संख्या बढ़ने से लोग बसों का ज्यादा उपयोग करेंगे जिससे शहर में ट्रैफिक का बोझ कम होगा।

हाईकोर्ट में तेजी से हो कंप्यूटराइजेशन
बैठक में पाटिल ने निर्देश दिए कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहे कंप्यूटाइजेशन के प्रोजेक्ट में तेजी लाई जाए। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण भी जल्द से जल्द शुरू करने को कहा।


इसके साथ ही पाटिल ने बैठक में सभी शैक्षणिक संस्थानों में लाइब्रेरी की सुविधा को मजबूत करने को कहा और साथ ही साइंस प्रदर्शनी भी आयोजित करने को कहा। बैठक में उन्होंने फूड सिक्योरिटी एक्ट को भी सख्ती से लागू करने को कहा।

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