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चंडीगढ़ नगर निगम में वित्तीय संकट गहराया, फिर भी पार्षद जा रहे टूर पर, प्रशासन ने जताई नाराजगी

Thu, 26 Sep 2019 11:50 AM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 26 Sep 2019 11:50 AM IST
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Nagar Nigam Chandigarh Suffering from Financial Crisis
नगर निगम चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ नगर निगम में वित्तीय संकट गहरा गया है। जरूरी कामों के लिए भी एमसी के पास फंड की कमी है, जिसकी वजह से न तो शहर की सड़कें रिपेयर हो पा रही हैं और न ही अन्य मेंटेनेंस के काम हो पा रहे हैं। स्थिति और न बिगड़े इसलिए चंडीगढ़ प्रशासन ने निगम को 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड जारी करने का फैसला लिया है। यह फंड 30 सितंबर से पहले नगर निगम को मिल जाएगा।
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वहीं, प्रशासन ने निगम से कहा है कि शहर में जहां-जहां सड़कें टूटीं हैं, उनकी जानकारी मुहैया कराई जाए, प्रशासन उनकी मरम्मत करा देगा। नगर निगम ने रुके हुए विकास कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए प्रशासन से फंड की गुहार लगाई थी। प्रशासन द्वारा दिए गए इस फंड का इस्तेमाल कहां किया जा रहा है, इसकी जानकारी भी नगर निगम को प्रशासन को सौंपनी होगी। प्रशासन के अप्रूवल के बाद ही इस फंड का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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नगर निगम को यह फंड सिर्फ जरूरी विकास कार्यों के लिए ही खर्च करने को दिया गया है। इस फंड का इस्तेमाल स्कूल, अस्पताल, अन्य भवनों आदि के मेंटेनेंस में खर्च किया जाएगा। नगर निगम ने प्रशासन से एक अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए भी 12 करोड़ की डिमांड की है। साथ ही कजौली से आने वाले पांचवें और छठे फेज के पानी को स्टोर करने के लिए एक वाटर टैंक बनाने के लिए भी रुपयों की मांग की है, जिस पर प्रशासन ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
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फंड की कमी के बावजूद पार्षदों के लेह टूर पर प्रशासन में नाराजगी

एमसी में फंड की कमी के बावजूद पार्षदों के लेह टूर को लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है। प्रशासन में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एमसी के पास जब फंड ही नही है तो ऐसे कार्यक्रमों पर लाखों रुपये क्यों खर्च किए जा रहे हैं। निगम को इससे बचना चाहिए।

गौरतलब है कि पांच दिवसीय लेह टूर के लिए मेयर समेत 26 पार्षदों की टीम 24 सितंबर को रवाना हुई है, जो 28 सितंबर को वापस लौटेगी। सभी पार्षद वहां प्रसिद्ध गुरुद्वारे में माथा टेकने गए है। इस पूरे टूर पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में प्रश्न उठना लाजमी है कि निगम के पास सड़क बनाने तक का रुपया नहीं है और धार्मिक कार्यक्रम के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

30 अगस्त को मेयर ने मांगा था अतिरिक्त फंड, बदनौर ने किया अनसुना
पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने 30 अगस्त को नगर निगम सदन की बैठक को संबोधित किया था। बैठक के दौरान मेयर राजेश कालिया ने शहर की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 198 करोड़ रुपये का फंड मांगा, लेकिन बदनौर ने इस पर कुछ नहीं कहा।

25 मिनट के भाषण में बदनौर ने फंड जारी करने की दिशा में किसी तरह की कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा कि चौथे दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार रेवेन्यू साझा करने की लंबे समय से मांग को गृह मंत्रालय के पास स्वीकृति के लिए भेजा है। जब अनुमोदन प्राप्त होगा तो नगर निगम को उसका उचित राजस्व हिस्सा मिलना शुरू होगा।

305 टायलेट में मोडिफिकेशन के लिए भी मांगे 18 करोड़

चंडीगढ़ नगर निगम ने शहर के सभी टायलेट में मोडिफिकेशन करने के लिए भी प्रशासन से 18 करोड़ की मांग की है। स्वच्छता अभियान में ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा पाने के लिए एमसी को शहर के सभी टायलेट में कई बड़े बदलाव करने है। जिसमें प्रति टायलेट 6 लाख रुपये की लागत आनी है। चंडीगढ़ नगर निगम के पास शहर में कुल 305 टायलेट है। इन सभी के मोडिफिकेशन में करीब 18 करोड़ का खर्च आना है।

प्रशासन के पास सिर्फ फंड वही आता है, जो केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जाता है। नगर निगम को अपने सोर्स के माध्यम से अपने खर्चे खुद पूरे करने चाहिए। लोगों को परेशानी न हो इसलिए 15 करोड़ देने का फैसला लिया गया है। हमने उनसे कहा है कि जो सड़कें टूटी हैं उनकी जानकारी हमें दें, उन्हें ठीक कराया जाएगा।
- मनोज परिदा, एडवाइजर
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