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एन-चो नहीं बनेगा नेचर पार्क के लिए मुसीबत
अमर उजाला मोहाली
Updated Sun, 27 Oct 2013 11:38 AM IST
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फेज-8 में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे नेचर पार्क को अब एन-चो के पानी से नुकसान नहीं पहुंचेगा।
गमाडा ने पार्क की सुरक्षा को ध्यान में रखकर चो के चैनलाइजेशन का काम शुरू कर दिया है। इसके तहत चो के दोनों ओर सीमेटेंड दीवारें बनाई जा रही हैं। इस प्रोजेक्ट पर गमाडा डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से काम कर रहा है।
चो के चैनलाइजेशन की प्रक्रिया गमाडा द्वारा वाईपीएस स्कूल पर बने नए सिक्सलेन पुल के पास से शुरू की गई। यहां पर गमाडा ने अस्थाई बांध बनाकर चो के पानी को अंडरग्राउंड नाले में डाला दिया है।
साथ ही चो के दोनों तरफ सीमेटेंड दीवारें बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गमाडा अधिकारियों के मुताबिक चो के धरातल पर आकर्षक पत्थर बिछाए जाएंगे। साथ ही किनारों पर आकर्षक लाइट भी लगाई जाएगी।
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दिसंबर तक गमाडा द्वारा प्रोजेक्ट पर काम पूर कर लिया जाएगा। इसके बाद लोग पार्क की खूबसूरती का आनंद उठा पाएंगे। गौरतलब है कि इसी माह के शुरू में गमाडा ने एक प्राइवेट कंपनी से एन-चो के लिए टोपोग्राफिकल सर्वे कराया था। साथ ही मिट्टी के सैंपल आदि की प्रक्रिया की गई थी।
चो पार्किंग एवं पुल के लिए बन गया था खतरा
पार्क के अंदर से गुजर रहा एन-चो बरसात के दिनों में चंडीगढ़ साइड पर वाहनों के लिए बनाई पार्किंग एवं पुल के लिए खतरा बन गया था।
पानी के प्रेशर से चो के एक किनारे पर काफी कटाव हुआ था। सारी मिट्टी पानी में बह गई थी। इसके बाद गमाडा ने रेत की भरी बोरियां चो के किनारे पर रखवाकर कटाव को रोका था।
पूरे पंजाब में अपनी तरह का पहला पार्क
नेचर पार्क करीब 48 एकड़ जगह में बसाया जा रहा है। यह पूरे राज्य में अपनी तरह का पहला गार्डन हैं। इसमें ओपन एयर थियेटर से लेकर म्यूजिक अकेडमी तक स्थापित की जाएगी।
इसके अलावा मेडिटेशन के लिए विशेष हट बनाई गई है। पार्क की खूबसूरती बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलियन घास लगाया गया है। पार्क में अब तक तीन करोड़ से अधिक रुपये खर्चे जा चुके हैं।
प्राइवेट सिक्योरिटी लगाई पहरे पर
नेचर पार्क में कुछ टाइम पहले शरारती तत्वों ने काफी नुकसान पहुंचाया था। पार्क में बनाए गए बाथरू म तोड़ दिए थे। साथ ही कुछ जगह से लाइट भी चुरा ले गए थे। इसके अलावा पार्क में लावारिस पशु भी घूमते रहते थे। यह मामला अमर उजाला ने गंभीरता से उठाया था। इसके बाद ने पार्क की रक्षा के लिए प्राइवेट सिक्योरिटी तैनात की थी।
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गमाडा ने पार्क की सुरक्षा को ध्यान में रखकर चो के चैनलाइजेशन का काम शुरू कर दिया है। इसके तहत चो के दोनों ओर सीमेटेंड दीवारें बनाई जा रही हैं। इस प्रोजेक्ट पर गमाडा डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से काम कर रहा है।
चो के चैनलाइजेशन की प्रक्रिया गमाडा द्वारा वाईपीएस स्कूल पर बने नए सिक्सलेन पुल के पास से शुरू की गई। यहां पर गमाडा ने अस्थाई बांध बनाकर चो के पानी को अंडरग्राउंड नाले में डाला दिया है।
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साथ ही चो के दोनों तरफ सीमेटेंड दीवारें बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गमाडा अधिकारियों के मुताबिक चो के धरातल पर आकर्षक पत्थर बिछाए जाएंगे। साथ ही किनारों पर आकर्षक लाइट भी लगाई जाएगी।
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दिसंबर तक गमाडा द्वारा प्रोजेक्ट पर काम पूर कर लिया जाएगा। इसके बाद लोग पार्क की खूबसूरती का आनंद उठा पाएंगे। गौरतलब है कि इसी माह के शुरू में गमाडा ने एक प्राइवेट कंपनी से एन-चो के लिए टोपोग्राफिकल सर्वे कराया था। साथ ही मिट्टी के सैंपल आदि की प्रक्रिया की गई थी।
चो पार्किंग एवं पुल के लिए बन गया था खतरा
पार्क के अंदर से गुजर रहा एन-चो बरसात के दिनों में चंडीगढ़ साइड पर वाहनों के लिए बनाई पार्किंग एवं पुल के लिए खतरा बन गया था।
पानी के प्रेशर से चो के एक किनारे पर काफी कटाव हुआ था। सारी मिट्टी पानी में बह गई थी। इसके बाद गमाडा ने रेत की भरी बोरियां चो के किनारे पर रखवाकर कटाव को रोका था।
पूरे पंजाब में अपनी तरह का पहला पार्क
नेचर पार्क करीब 48 एकड़ जगह में बसाया जा रहा है। यह पूरे राज्य में अपनी तरह का पहला गार्डन हैं। इसमें ओपन एयर थियेटर से लेकर म्यूजिक अकेडमी तक स्थापित की जाएगी।
इसके अलावा मेडिटेशन के लिए विशेष हट बनाई गई है। पार्क की खूबसूरती बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलियन घास लगाया गया है। पार्क में अब तक तीन करोड़ से अधिक रुपये खर्चे जा चुके हैं।
प्राइवेट सिक्योरिटी लगाई पहरे पर
नेचर पार्क में कुछ टाइम पहले शरारती तत्वों ने काफी नुकसान पहुंचाया था। पार्क में बनाए गए बाथरू म तोड़ दिए थे। साथ ही कुछ जगह से लाइट भी चुरा ले गए थे। इसके अलावा पार्क में लावारिस पशु भी घूमते रहते थे। यह मामला अमर उजाला ने गंभीरता से उठाया था। इसके बाद ने पार्क की रक्षा के लिए प्राइवेट सिक्योरिटी तैनात की थी।