'...नहीं तो आज डाक्टर होते मुख्यमंत्री बादल'
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पंजाब के पटियाला के सरकारी मेडिकल कालेज में बुधवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल काफी मूड़ में दिखे। अपने संबोधन के दौरान सीएम ने कहा कि वह भी डाक्टर बनना चाहते थे।
लेकिन बाद में आर्ट्स विषय वाले साथियों को जब हंसते-खेलते देखता, तो लगा ज्यादा पढ़ाई मुसीबत है। बस फिर मेडिकल छोड़ दिया। नहीं तो आज वह भी शायद डाक्टर ही होते। इस मौके पर उन्होंने कालेज प्रशासन की ओर से 11 सालों के लंबे अंतराल के बाद दीक्षांत समारोह कराने के लिए प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
बादल ने कहा कि 12 साल बाद तो रूडी के भाग्य भी जाग जाते हैं। कालेज प्रशासन की ओर से 11 सालों के बाद दीक्षांत समारोह कराया गया है, जबकि यह हर साल नियमित होना चाहिए। आज कईं ऐसे स्टूडेंट्स हैं, जो विदेश जा चुके हैं। उनके माता-पिता मेडल लेने आए हैं। कइयों की शादियां हो गई हैं।
मंत्रियों समेत अफसरों को दी हिदायत
मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि अगली बार से कालेज प्रशासन हर साल दीक्षांत समारोह कराए। जिससे स्टूडेंट्स की भी हौसला अफजाई हो। इस मौके पर सभी विभागों के अफसरों को केवल दफ्तरों में बैठकर कागजी कामकाज न करने की ताकीद की।
बादल ने कहा कि अफसर फील्ड में जाएं और सारी स्थिति व कामकाज पर खुद नजर रखें। सीएम ने मंच पर ही बैठे वाटर सप्लाई एवं सेनीटेशन मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को संबोधित करते हुए कहा कि रखडा साब अमरीका घट जाया करो। फील्ड विच जाया करो, ते देखो कि वाटर सप्लाई दी की हाल है। लोकां नू पानी मिल रेआ ए कि नई।