{"_id":"7f7dd0a3b8c702c5e754a8abfaa5ec11","slug":"must-read-cyber-cafe-rules-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर कैफे जाने से पहले ये सावधानियां पढ़ लें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर कैफे जाने से पहले ये सावधानियां पढ़ लें
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 19 Dec 2014 03:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ई मेल या अन्य सेवाओं के इस्तेमाल के लिए साइबर कैफे जाने से पहले ये सावधानियां पढ़ लें। पुलिस उपायुक्त ने हामिद अख्तर ने जिले के सभी साइबर कैफे को शिकंजे में रखने के आदेश दिए हैं। जो कि 31 जनवरी तक लागू रहेगा। डीसीपी ने कहा कि जिले के साइबर कैफे में बड़ी संख्या में लोग साइबर कैफे का प्रयोग करते हैं।
ई मेल या अन्य सेवाओं के इस्तेमाल के लिए साइबर कैफे में असामाजिक तत्वों, अपराधियों और आतंकवादियों की तरफ से कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की आशंका के लिहाज से यह आदेश जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी तरह का शक महसूस होने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस चौकी या 100, 0172-2582100 पर पुलिस को सूचित करें।
बरतें ये सावधानियां
-साइबर कैफे में किसी भी अपरिचित व्यक्ति को अपने संस्थान से सेवाएं उपलब्ध न कराएं।
-साइबर कैफे में पहुंचने वाले हर व्यक्ति की पहचान के लिए उनका ब्यौरा लें। साथ ही नाम, पता, टेलीफोन नंबर के अलावा पहचान पत्र से संबंधित दस्तावेज भी लें।
विज्ञापन
-इस रिकार्ड में कम से कम छह महीने तक रखना होगा
-साइबर कैफे में अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति आता है तो कैफे का मालिक उसकी सूचना पुलिस को दे।
-विशेष कंप्यूटर पर किए गए कार्य का रिकॉर्ड भी रखना होगा।
-इन आदेशों का पालन नहीं करने वाले साइबर कैफे मालिकों के विरुद्घ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ई मेल या अन्य सेवाओं के इस्तेमाल के लिए साइबर कैफे में असामाजिक तत्वों, अपराधियों और आतंकवादियों की तरफ से कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की आशंका के लिहाज से यह आदेश जारी किया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसी तरह का शक महसूस होने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस चौकी या 100, 0172-2582100 पर पुलिस को सूचित करें।
बरतें ये सावधानियां
-साइबर कैफे में किसी भी अपरिचित व्यक्ति को अपने संस्थान से सेवाएं उपलब्ध न कराएं।
-साइबर कैफे में पहुंचने वाले हर व्यक्ति की पहचान के लिए उनका ब्यौरा लें। साथ ही नाम, पता, टेलीफोन नंबर के अलावा पहचान पत्र से संबंधित दस्तावेज भी लें।
विज्ञापन
-इस रिकार्ड में कम से कम छह महीने तक रखना होगा
-साइबर कैफे में अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति आता है तो कैफे का मालिक उसकी सूचना पुलिस को दे।
-विशेष कंप्यूटर पर किए गए कार्य का रिकॉर्ड भी रखना होगा।
-इन आदेशों का पालन नहीं करने वाले साइबर कैफे मालिकों के विरुद्घ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।